– मेवाड़ के संत बावजी हजूर चतुर सिंह जी महाराज की 146वीं जयंती श्रद्धा व भक्ति के साथ मनाई
उदयपुर। मेवाड़ के प्रख्यात संत, कवि और लेखक बावजी हजूर चतुर सिंह जी महाराज की 146वीं जयंती उनकी अध्यात्म स्थली हवा मंगरी में श्रद्धा, भक्ति और उल्लास के साथ मनाई गई। इस अवसर पर आयोजित कार्यक्रम में संतों, विद्वानों और भक्तों ने बावजी महाराज के कृतित्व एवं व्यक्तित्व पर विस्तार से प्रकाश डाला और उनके आध्यात्मिक, सामाजिक व साहित्यिक योगदान को स्मरण किया।
कार्यक्रम के दौरान संस्कृत एवं मेवाड़ी गीता का वाचन किया गया, जिससे संपूर्ण वातावरण भक्तिमय हो गया। लक्ष्मण पूरी सहित अन्य वक्ताओं ने कहा कि बावजी हजूर चतुर सिंह जी महाराज का जीवन सत्य, अहिंसा, सेवा और अध्यात्म का अनुपम उदाहरण है, जो आज भी समाज को सही मार्गदर्शन प्रदान करता है। इस अवसर पर हवा मंगरी में प्रस्तावित चतुर धाम निर्माण को लेकर भी एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। बैठक में धाम निर्माण की रूपरेखा पर चर्चा करते हुए धन संग्रह के लिए भक्तों से सहयोग का आह्वान किया गया। इस पर उपस्थित श्रद्धालुओं ने बढ़-चढ़कर भाग लिया और निर्माण कार्य के लिए आर्थिक सहयोग की घोषणाएं कीं। सरपंच भंवर पुष्करणा ने बताया कि कार्यक्रम में बड़ी संख्या में श्रद्धालु और ग्रामवासी उपस्थित रहे। प्रमुख रूप से दीपक डांगी, देवी सिंह, मदन डांगी, चंदन सिंह देवड़ा, हगामी लाल, निर्भय सिंह, सुरेश सेन, जीवन सिंह सेनवाड़ा संतोष दीदी, राधा माहेश्वरी, ज्योत्सना झाला, धनश्री राठौड़ सहित कई गणमान्य भक्तों ने सहभागिता निभाई। कार्यक्रम के समापन पर सभी उपस्थितजनों ने बावजी महाराज के आदर्शों को अपने जीवन में आत्मसात करने का संकल्प लिया और चतुर धाम निर्माण को शीघ्र पूर्ण करने की भावना व्यक्त की।
