तीन दिवसीय उदयपुर टेल्स स्टोरी टेलिंग महोत्सव आज से शुरू
उदयपुर। यह सुनने में अजीब लगता है कि क्या कहानियों से जीवन में प्रेरणा मिलती है, लेकिन यही सच है, क्योंकि कहानियंा सिर्फ सुनने के लिये नहीं होती है,वे व्यक्ति के जीवन को कहां से कहां ले जाने में सक्षम होती है। बस उसके प्रस्तुतिकरण का तरीका सही होना चाहिये। ऐसा की मंच मां माय एंकर फाउण्डेशन आमजन के लिये उदयपुर टेलर्स के रूप में शिल्पग्राम रोड़ स्थित पार्क एक्जोटिका रिसोर्ट में ले कर आया है।
फाउण्डेशन की संस्थापक सुष्मिता सिंघा ने बताया कि फाउण्डेशन ने ऐसा मंच तैयार किया है जहंा पर देश-विदेश के ख्यातनाम स्टेारी टेलर्स अपनी उन काल्पनिक एवं सच्ची कहानियों से आमजन को रूबरू करवायेंगे,जो कभी सुनी नहीं गयी हो। उन कहानियों की प्रस्तुतिकरण इस प्रकार से होगा,उसमें बतायी जा रही घटनायें उस समय ही घटित हो रही हो। यह कहा जाय तो कोई अतिश्योक्ति नहीं होगी कि कहानियंा लोगों का जीवन बदल रहीे है।
उदयपुर टेल्स के सह संस्थापक सलिल भण्डारी ने बताया कि उदयपुर टेल्स के इस 7 वें संस्करण के तीन दिवसीय महोत्सव की शुरूआत 9 जनवरी से हो रही है तो 11 जनवरी तक चलेगा। उन्होंने बताया कि इस महोत्सव में कहानियंा सुनने वाले श्रोताओं को रोचक, रोमांचक, अनकहीं एवं अनसुनी देश-विदेश की कहानियंा, देश-विदेश के ख्यातनाम स्टोरी टेलर व बाॅलीवुड कलाकरों से सुनने का मौका मिलेगा। 9 जनवरी को उदयपुर टेल्स महोत्सव की शुरूआत प्रातः 10 बजे से बच्चों के लिये उदयपुर के ही स्टोरी टेलर विलास जानवे-किरण जानवे छोरा मेवाड़ी सबसे अगाड़ी नामक हास्य कहानी लेकर आयेंगे। इसके बाद गौरी नीलकांतन काल्पनिक कहानी जादुई बीमारी और राजेश शिंदे संगीतमय लोक कथा संकोची असुर और उल्लाल की शेरनी लेकर आयेंगे। कल शाम को साढ़े पंाच बजे से मयूर कलबाग की रहस्यमय कहानी अघोरी, अफ्रीकी लोकगीत आकाश के नीचे, बाॅलीवुड कलाकार दिव्य निधि शर्मा समकालीन कहानी जीवन, राजित कपूर कचरे की हिफाजत और मजनू नामक व्यंग्यात्मक नाटक, संजुक्ता सिन्हा डांस कंपनी शास्त्रीय फ्यूजन नृत्य बदलती रेत की प्रस्तुति देगी।
9 जनवरी से जुटेगा कहानियों का संसार,अनसुनी काल्पनिक एवं सच्ची कहानियों से मिलेगी प्रेरणा
