उदयपुर, 31 दिसम्बर। पतंगबाजी में चाइनीज मांझे का इस्तेमाल करने से पशु-पक्षियों को होने वाली हानि के मद्देनजर सख्त कार्रवाई की जाएगी।
पशुपालन विभाग, उदयपुर के संयुक्त निदेशक डॉ. सुरेश कुमार जैन ने बताया कि चाइनीज मांझे का उपयोग नहीं करने को लेकर पशुपालन विभाग आमजन को जागरूक करेगा। साथ ही चाइनीज व धातु वाले मांझे से घायल पक्षियों के इलाज के लिए संस्थाओं के सहयोग से विशेष शिविर लगाए जाएंगे। पशुपालन विभाग के शासन सचिव डॉ. समित शर्मा ने इसको लेकर नई गाइड लाइन जारी की। इसमें चाइनीज मांझे के उपयोग पर पूर्ण प्रतिबंध के बाद भी उपयोग से पशु-पक्षियों को गंभीर चोट व मृत्यु की घटनाओं को रोकने के निर्देश दिए है। नई गाइडलाइन में इस पर रोक लगाने के लिए प्रभावी रणनीति बनाने और पक्षी चिकित्सा व बचाव की कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं। इसमें पुलिस व प्रशासन की मदद से सघन तलाशी अभियान चलाने के निर्देश दिए गए हैं। वहीं प्रतिबंधित मांझे के स्टॉक को जब्त कर पशु क्रूरता निवारण अधिनियम 1960 सहित विभिन्न प्रावधानों में कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं।
निर्यात को बढावा देने के लिए राज्य सरकार प्रतिबद्ध
उदयपुर, 31 दिसंबर। उद्योग एवं वाणिज्य विभाग की ओर से निर्यातक इकाइयों को बढ़ावा देने के लिए निर्यातकों के लिए विश्व स्तरीय आधारभूत ढांचे के विकास, निर्यातक इकाईयों के लिए मानव संसाधनों का कौशल विकास एवं क्षमता निर्धारण करना तथा निर्यात प्रक्रियों के सरलीकरण को बढावा दिया गया है।
जिला उद्योग एवं वाणिज्य केन्द्र के महाप्रबंधक शैलेन्द्र शर्मा ने बताया कि निर्यातक इकाईयों के लिए राज्य सरकार द्वारा “राजस्थान निर्यात प्रोत्साहन नीति- 2024” दिनांक 8 दिसम्बर 2024 से लागू की गई है जो कि दिनांक 31 मार्च 2029 तक प्रभावी रहेगी। राज्य में निर्यातक इकाई के रूप में पंजीकृत विनिर्माण/सेवा/व्यापार क्षेत्र में पूर्वस्थापित एवं नवीन निर्यातक इकाईयों को कई परिलाभ नियमानुसार देय होंगे। इसमें निर्यात दस्तावेजीकरण की लागत का 50 प्रतिशत या अधिकतम 5 लाख रूपए प्रतिवर्ष पुनर्भरण, उत्पाद परीक्षण लागत का 75 प्रतिशत या 3 लाख रूपए तक प्रतिवर्ष पुर्नभरण, ई-कॉमर्स प्लेटफार्म द्वारा निर्यात के लिए वसूली गई फीस/कमीशन का 75 प्रतिशत अधिकतम 2 लाख रूपए (अधिकतम 2 वर्ष के लिए) तथा एक्सपोर्ट क्रेडिट गारंटी कारपोरेशन ऑफ इण्डिया को इंश्योरेंस के लिए किए गए भुगतान का 50 प्रतिशत या अधिकतम 2 लाख रूपये देय हैं।
औद्योगिक निवेश को बढावा देने कई प्रकार की सहायता एवं अनुदान देय
उदयपुर, 31 दिसंबर। बिजनेस रिफॉर्म एक्शन प्लान, 2024 के तहत भारत सरकार के निर्देशानुसार राज्य की समस्त एक जिला-एक उत्पाद विनिर्माता इकाईयों का ऑनलाइन पंजीकरण प्रक्रिया राजस्थान सिंगल साइन ऑन एसएसओ पोर्टल पर ऑनलाइन प्रारम्भ कर दी गई है। एक जिला- एक उत्पाद अंतर्गत उदयपुर जिले से “मार्बल एवं ग्रेनाइट उत्पाद” को सम्मिलित किया गया है।
जिला उद्योग एवं वाणिज्य केंद्र के महाप्रबंधक शैलेन्द्र शर्मा ने बताया कि ऑनलाइन पोर्टल पर पंजीकरण हेतु आवेदक का पासपोर्ट साईज फोटो, जाति प्रमाण पत्र, इकाई का पैन कार्ड, उत्पादन तिथि, प्रथम विक्रय बिल/वर्तमान विक्रय बिल, उद्यम रजिस्ट्रेशन, उत्पाद के फोटो आदि दस्तावेज आवश्यक है।
एक जिला- एक उत्पाद से संबंधित इकाइयों को प्रोत्साहित किए जाने हेतु राज्य सरकार द्वारा प्रारम्भ की गई राजस्थान एक जिला एक उत्पाद नीति- 2024 के तहत पात्र इकाइयों को कई परिलाभ भी नियमानुसार देय हैं। इसमें सूक्ष्म उद्यम को परियोजना लागत का 25 प्रतिशत या अधिकतम 15 लाख रूपए, लघु उद्यम को परियोजना लागत का 15 प्रतिशत या अधिकतम 20 लाख तथा अनु. जाति/जनजाति/महिला/दिव्यांग/यु
