प्रतापगढ़ । जिला पुलिस अधीक्षक प्रतापगढ बी. आदित्य, के निर्देशानुसार अति. पुलिस अधीक्षक प्रतापगढ गजेन्द्रसिंह जोधा के मार्गदर्शन में सोहनलाल उ.नि. थाना घंटाली के नेतृत्व में पुलिस टीम द्वारा महाराष्ट्र के शोलापुर जिले मे बंधक बनाये गये प्रतापगढ़ जिले के 53 आदिवासी मजदुरों (13 महिला व 40 पुरूष) को रेस्क्यू किया गया।
दिनांक 22.12.2025 को जिला पुलिस अधीक्षक प्रतापगढ़ को सूचना मिली कि जिला प्रतापगढ़ के घण्टाली, पीपलखूॅट, पारसोला थाना क्षैत्र के ग्राम वरदा, जामली, मालिया, गोठड़ा, उमरिया पाड़ा, बड़ा काली घाटी, ठेसला व कुमारी तथा अन्य गांव के कुछ महिला पुरूष जिनको मजदुरी के लिये महाराष्ट्र के षोलापुर जिले के पुलिस थाना अकलूज क्षैत्र के जाबुड़ गांव मे मजदुरी के लिये स्थानीय व्यक्ति की मदद से करीब 2 माह पूर्व ले जाया गया था। मजदुरी हेतु गये व्यक्तियों ने कुछ समय बाद अपने परिजनों से जरिये फोन वार्ता करते हुए बताया कि उनके साथ मजदुरी के लिये लेकर जाने वाले दलाल सीताराम पाटिल (महाराष्ट्र) व अलवर राजस्थान के खान नामक व्यक्ति एक स्थानीय व्यक्ति ने प्लानिंग बना कर इन्दौर मध्यप्रदेश मे प्रति व्यक्ति 500/- रूपये मजदुरी दिलाने व खाना व रहना फ्री होने का झांसा देकर करीब 100 लोगों को महाराष्ट्र के शोलापुर जिले के अकलूज थाना क्षैत्र मे जाबुड़ गांव लेकर गये। जहां पर तीनों व्यक्तियों ने प्लानिग कर सभी को अलग – अलग जमीदारों के पास गन्ने के खेतों मे मजदुरी के लिये रख दिया। अलवर राजस्थान के दलाल खान नामक व्यक्ति ने महाराष्ट्र के जमीदारों से मजदुरों की मजदुरी के 09 लाख 50 हजार रूपये एडवांस लेकर अलवर आ गया। इसी प्रकार महाराष्ट्र दलाल सीताराम पाटिल ने भी जमीदारों से 18 लाख रूपये एडवांस मजदुरी के तौर पर ले लिये।
उपरोक्त कारण से जमीदारों के द्वारा मजदुरी हेतु गये व्यक्तियों के द्वारा अपनी मजदुरी के रूपये मांगने पर दलाल सीताराम पाटिल व अन्य जमीदारों के द्वारा मजदुरों से अत्यचार षुरू कर दिया एवं जबरन गन्ने के फार्म हाउस पर बने मकान एवं बाड़ों मे बंधक बनाकर जबरन काम करवाया जाने लगा। जिससे परेषान होकर मौका मिलने पर कई मजदुर उनके चुंगल से छूटकर भागकर वापस आ गये। 13 महिला व 40 पुरूष मजदुरों को दलाल सीताराम पाटिल व अन्य जमीदारों ने मिलकर बंधक बना लिया गया था। अब तक की जानकारी के अनुसार दलाल सीताराम पाटिल व उसके साथी जमीदारों के द्वारा बंधक बनाये गये मजदुरों के साथ मजदुरी मांगने एवं काम नहीं करने पर मारपीट करना एवं महिलाओं के साथ भी अभद्र व्यवहार करना प्रथम दृष्ट्या सामने आया है। दलाल सीताराम पाटिल व जमीदारों के द्वारा मजदुरों को अब तक मजदुरी का कोई भुगतान नहीं किया गया है।
जिला पुलिस द्वारा की गई कार्यवाही:-
उपरोक्त आषय की सूचना पर जिला पुलिस अधीक्षक द्वारा मानवीय संवेदना एवं राजस्थान पुलिस के ध्येय वाक्य आमजन मे विश्वास अपराधियों मे भय के मध्यनजर तुरंत श्री सोहनलाल उप निरीक्षक थाना घण्टाली मय टीम को बंधक बनाये गये मजदुरों के परिजनों के साथ महाराष्ट्र रवाना किया। श्री सोहन लाल उप निरीक्षक मय टीम द्वारा बड़ी मेहनत व कठिनाई से स्वविवेक का प्रयोग करते हुए बंधक बनाये गये कुल 53 मजदुरों (13 महिला व 40 पुरूष) को अलग – अलग जगह से रेसक्यू किया एवं सभी मजुदरों के पास खाने पीने एवं वापस आने के लिये कोई किराया राशि नहीं होने से उप निरीक्षक द्वारा घण्टाली थाना क्षैत्र के जनप्रतिनिधिगण व स्थानीय व्यक्तियों के सहयोग से किराया एवं अन्य सुविधांए जुटाकर सुरक्षित प्रतापगढ़ लाया गया है। षडयंत्र मे शामिल आरोपियों के खिलाफ नियमानुसार पुलिस थाना घण्टाली पर प्रकरण संख्या 128/2025 दर्ज कर अग्रिम कार्यवाही की जा रही है। रेसक्यू किये गये समस्त मजदुरों को उनके गांव छुड़वाया जावेगा है।
प्रतापगढ़ जिले के आदिवासी समुदाय के व्यक्तियों को इन्दौर मे अच्छी मजदुरी दिलाने के नाम पर महाराष्ट्र के शोलापुर जिले मे बंधक बनाये गये 53 मजदुरों को किया रेसक्यू
