उदयपुर : उदयपुर बार एसोसिएशन के चुनाव शुक्रवार को हुए। अध्यक्ष पद पर जितेन्द्र जैन, उपाध्यक्ष पर महेन्द्र मेनारिया, महासचिव पर लोकेश गुर्जर, सचिव पर आशीष कोठारी, वित्त सचिव पर धर्मेन्द्र सोनी और पुस्तकालय सचिव पर विनोद औदिच्य विजयी रहे।
अध्यक्ष पद के लिए जितेंद्र जैन को 1149 मत मिले, उन्होंने प्रतिद्वंद्वी सत्येंद्र सिंह सांखला को 733 मत से हराया। जबकि उपाध्यक्ष पद के लिए महेंद्र मेनारिया ने सर्वाधिक 1270 मत मिले, जबकि प्रतिद्वंद्वी दिलीप कुमार सुथार को 694 मत मिले। महासचिव पद पर लोकेश गुर्जर (939) ने नवीन कुमार (468) को हराया। सचिव पद पर आशीष कोठारी और पुस्तकालय सचिव पद पर विनोद औदिच्य विजयी रहे। सबसे रोचक चुनाव वित्त सचिव पद के लिए रहा। जहां जीत का अंतर 4 मतों का रहा। इस पद पर धर्मेंद्र सोनी को 718 मत मिले। उनके प्रतिद्वंद्वी कपिल चौधरी थे।
इस बार कुल 21 उम्मीदवार चुनावी मैदान में हैं, जिनका 2268 मतदाताओं ने भाग्य का फैसला किया। इस बार 83% वोटिंग हुई है। उदयपुर बार एसोसिएशन में कुल 2714 रजिस्टर्ड सदस्य हैं।
इस बार के मुद्दे: महिलाओं के लिए कोर्ट परिसर में शौचालय, पार्किंग व्यवस्था और उदयपुर हाईकोर्ट बेंच की मांग इस चुनाव के प्रमुख मुद्दे बने।
पहली बार पिता के बाद बेटे बने अध्यक्ष
उदयपुर बार एसोसिएशन ने इस बार एक ऐतिहासिक अध्याय लिख दिया। वर्ष 1997 में अधिवक्ताओं ने वरिष्ठ अधिवक्ता रोशनलाल जैन को बार अध्यक्ष चुना था और अब 28 वर्ष बाद उनके पुत्र जितेंद्र जैन ने अध्यक्ष पद पर विजयी हुए हैं। यहां यह भी बताना जरूरी है कि जितेंद्र जैन पंजाब के राज्यपाल गुलाबचंद कटारिया के दामाद के भाई हैं। राज्य सरकार के अतिरिक्त महाधिवक्ता प्रवीण खंडेलवाल मतदान करने आए और उन्होंने नई कार्यकारिणी को शुभकामनाएं दी।
तीन महिला प्रत्याशी, तीनों को मिली हार : बार एसोसिएशन चुनाव में उपाध्यक्ष पद पर डॉ. सैयद रिजवाना, वित्त सचिव पद पर अनिता गोस्वामी और सचिव पद पर पल्लवी पालीवाल मैदान में थीं। किन्तु तीनों को हार का सामना करना पड़ा।
उदयपुर बार एसोसिएशन के अध्यक्ष बने जितेंद्र जैन
महेंद्र मेनारिया उपाध्यक्ष, लोकेश गुर्जर महासचिव, आशीष कोठारी सचिव, धर्मेन्द्र सोनी वित्त सचिव और विनोद औदिच्य पुस्तकालय सचिव
