उदयपुर। आज ICAR–NBSS&LUP, क्षेत्रीय केन्द्र, उदयपुर में ‘जनजातीय गौरव दिवस’ तथा भगवान बिरसा मुण्डा जी की 150वीं जयंती मनाई गई। इस अवसर पर MPUAT एवं MLSU विश्वविद्यालय के शोधार्थियों तथा छात्रों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया।
कार्यक्रम का संचालन नोडल अधिकारी डॉ. अजीत कुमार मीणा द्वारा किया गया। उन्होंने अतिथियों का स्वागत करते हुए कार्यक्रम की रूपरेखा प्रस्तुत की तथा पखवाड़े के उद्देश्यों, जनजातीय समुदायों के ज्ञान, संस्कृति एवं उनके महत्वपूर्ण योगदान पर प्रकाश डाला।
उन्होंने 1–15 नवंबर 2025 के ‘जनजातीय गौरव पखवाड़े’ के दौरान आयोजित गतिविधियों का संक्षेप में उल्लेख किया, जिनमें शामिल थे:जनजातीय संस्कृति एवं पारंपरिक ज्ञान पर जागरूकता कार्यक्रम,
विद्यार्थियों एवं शोधार्थियों के लिए प्रेरणादायी व्याख्यान,जनजातीय वीरों एवं जननायकों पर परिचर्चा, जनजातीय समाज के उत्थान से संबंधित सरकारी योजनाओं की जानकारी, जनजातीय इतिहास, कला एवं विरासत पर चर्चा सत्र, ग्रामीण क्षेत्र में जनजातीय समुदायों के साथ संवाद एवं जागरूकता गतिविधियाँ I
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि, डॉ. जी.एल. मीणा, प्रोफेसर एवं विभागाध्यक्ष (अर्थशास्त्र), RCA, उदयपुर रहे। उन्होंने जनजातीय गौरव दिवस के महत्व पर प्रकाश डालते हुए शिक्षा, सामाजिक जागरूकता और समग्र विकास में जनजातीय समाज की निर्णायक भूमिका पर विस्तृत उद्बोधन दिया। उन्होंने भगवान बिरसा मुण्डा जी के बलिदान, संघर्ष और आदिवासी समुदाय के लिए किए गए योगदानों को स्मरण करते हुए कहा कि उनका जीवन सभी के लिए प्रेरणा का स्रोत है।
कार्यक्रम की अध्यक्षता क्षेत्रीय केन्द्र प्रमुख डॉ. बी.एल. मीणा ने की। अपने उद्बोधन में उन्होंने भगवान बिरसा मुण्डा जी के जीवन, संघर्षों और उनके सामाजिक नेतृत्व की विस्तृत जानकारी दी।
उन्होंने कालिबाई भील तथा मेवाड़ सहित देशभर के अन्य जनजातीय क्रांतिकारियों की भूमिका पर प्रकाश डालते हुए भारत सरकार द्वारा शिक्षा, स्वास्थ्य, संस्कृति, प्रशासन एवं जनजागरूकता से संबंधित विभिन्न पहलों की जानकारी साझा की।
कार्यक्रम के अंत में शोधार्थी डॉ. निशाकर ने भगवान बिरसा मुण्डा जी के विचारों तथा उनसे मिलने वाली प्रेरणा पर अपने विचार व्यक्त किए और क्षेत्रीय केन्द्र प्रमुख डॉ. बी.एल. मीणा, मुख्य अतिथि डॉ. जी.एल. मीणा तथा कार्यक्रम आयोजन में जुड़े सभी सदस्यों के प्रति आभार व्यक्त किया।
इस आयोजन में लगभग 50–60 शोधार्थियों, छात्रों एवं स्टाफ सदस्यों ने सक्रिय रूप से भाग लेकर कार्यक्रम को सफल बनाया।
