-बड़े निवेशकों को पड़ेगा बड़ा असर
राजेश वर्मा
उदयपुर, 28 अगस्त। अमेरिका द्वारा भारतीय उत्पादों पर लगाए गए अतिरिक्त 25 प्रतिशत शुल्क लागू करने से उदयपुर से एक्सपोर्ट होने वाला मार्बल बाजार प्रभावित होगा। इससे एक्सपोर्ट में करोड़ों रुपए लगाने वाले निवेशकों को बड़ा असर पड़ेगा। बीते कुछ दिनों से संभावनाओं और आशंकाओं मात्र से ही उदयपुर से एक्सपोर्ट के आर्डर निरस्त होने लगे हैं।
यूएसए में उदयपुर के मार्बल, ग्रेनाइट और क्वार्ट्ज पत्थर की बड़ी मांग है। खासतौर से नेचुरल मार्बल को बहुत ज्यादा पसंद किया जाता है। हालाकि उदयपुर से आर्टिफिशियल मार्बल की डिमांड भी रहती है लेकिन उदयपुर के नुचरल मार्बल में जो विशेषता है वह अन्य देशों के मार्बल में देखने को नहीं मिलती। उदयपुर मार्बल प्रोसेसर्स समिति के अध्यक्ष कपिल सुराणा ने बताया कि ट्रम्प द्वारा लगाए गए अतिरिक्त शुल्क के कारण उदयपुर से एक्सपोर्ट होने वाले ग्रेनाइट, क्वार्ट्ज व मार्बल की रेट डेढ़ गुना हो गई। इस कारण से एक्सपोर्ट के आर्डर उद्यमियों द्वारा कैंसिल किए जा रहे हैं। ट्रम्प के 50% टैरिफ को देखते हुए सरकार से जीएसटी 18 प्रतिशत से घटाकर 5 प्रतिशत करने की मांग की जा रही है और इसके लिए समिति द्वारा प्रयास किए जा रहे हैं। सुराणा का कहना है कि सरकार यदि यह मांग मान लेती है तो एक्सपोर्ट निरस्त से होने वाले नुकसान की भरपाई स्थानीय बाजार से पूरी की जा सकेगी। साथ ही मार्बल उद्यमियों को राहत मिल सकेगी। दूसरे आयाम भी खुलेंगे।
70 से ज्यादा हैं एक्सपोटर्स : मार्बल उद्यमी मोहन बोहरा का कहना है कि उदयपुर से यूएसए मार्बल, ग्रेनाइट व क्वार्ट्ज एक्सपोर्ट करने वाले 70 से ज्यादा उद्यमी है जो अतिरिक्त शुल्क लागू करने से सीधे सीधे प्रभावित हो रहे हैं। इनमें भी उन निवेशकों को ज्यादा असर पड़ेगा जिन्होंने 100 से 150 करोड़ का निवेश करके फैक्ट्रियां लगा रखी है। इनका एक्सपोर्ट बेस ही केवल यूएसए मार्केट है। मार्बल उद्यमी विनय शर्मा का कहना है कि अमेरिका में उदयपुर के मार्बल की ज्यादा डिमांड है क्योंकि हमारा नेचुरल मार्बल है। उदयपुर से हर रोज एक्सपोर्ट के करीब 100 कंटेनर यूएसए जाते हैं। ऐसे में अतिरिक्त शुल्क लागू होने से बाहर जाने वाले कंटेनरों की संख्या में भारी कमी आएगी। आर्डर कैंसिल होने शुरू हो चुके हैं।
जो कलर यहां वो कहीं नहीं : उद्यमी कपिल सुराणा ने बताया कि उदयपुर के मार्बल की यूएसए में ज्यादा डिमांड का कारण कई रंग व क्वालिटी का होना है। उदयपुर के मार्बल में कई प्रकार के रंग व शेड मिलते हैं जो दुनिया के किसी भी देश में निकलने वाले मार्बल में नहीं है। उदयपुर के अलावा यदि है भी तो केवल इटली व ब्राजिल के मार्बल में है लेकिन उसकी रेट उदयपुर के मार्बल के मुकाबले बहुत ज्यादा है। महंगा होने के कारण उसकी उतनी डिमांड नहीं है जितनी उदयपुर के मार्बल की है।
घरेलू बाजार इतना बड़ा कि आपूर्ति करना हो जाए मुश्किल : मार्बल उद्यमी मोहन बोहरा का है कि सरकार यदि जीएसटी में मार्बल उद्यमियों को राहत दे दे तो भारत में ही घरेलू बाजार इतना बड़ा है कि उत्पादकों को आपूर्ति करना मुश्किल हो जाए। अभी तो उदयपुर का मार्बल गांवों तक तो पहुंचा ही नहीं है। यदि गांवों तक मार्बल पहुंचने लग जाए तो गोदाम खाली हो जाए। अभी तो मोरबी की टाइल्स ने मार्बल मार्केट को प्रभावित कर रखा है।
