विद्यापीठ – राष्ट्रीय उपभोक्ता दिवस पर संगोष्ठी का आयोजन
अपने अधिकारों के प्रति रहें जागरूक – पूर्व न्यायाधीश शिव सिंह चौहान
उदयपुर 24 दिसम्बर / अधिकार प्राप्त करने के लिए लड़ना होगा, जागरूक होना होगा। आज हर व्यक्ति उपभोक्ता है और वह किसी न किसी परेशानी का शिकार अवश्य ही हुआ है, लेकिन जागरूकता के अभाव में वह अपने अधिकारों से वंचित है, आवश्यकता है सरकार अपने स्तर पर अभियान चला आमजन को जागरूक करें। व्यक्ति अपनी शिकायत जिला, राज्य एवं राष्ट्रीय स्तर पर कर सकता है। उक्त विचार मंगलवार को राष्ट्रीय उपभोक्ता दिवस पर जनार्दन राय नागर राजस्थान विद्यापीठ एवं मारुति सेवा समिति की ओर से आयोजित संगोष्ठी में मुख्य अतिथि पूर्व न्यायाधीश शिव सिंह चौहान ने व्यक्त किए। उन्होंने कहा कि उपभोक्ता अपनी शिकायत लोक अदालत के माध्यम से भी कर सकता है।
अध्यक्षता करते हुए कुलपति प्रो. एस.एस. सारंगदेवोत ने युवाओं को संकल्प दिलाते हुए कहा कि हम ऐसा कोई कृत्य नहीं करेंगे जो नैतिकता से परे हो। हमारी प्राचीन परम्परा समृद्ध रही है जहां मूल्यों पर आधारित व्यापार होता था लेकिन भौतिकवाद के कारण आम व्यक्ति इससे भटक गया और निहित स्वार्थो के कारण कई प्रकार के अपराध कर बैठा। महात्मा गांधी कहते थे, अन्याय सहना भी पाप है। आज विज्ञापन एजेन्सियों द्वारा प्रलोभन देकर अपनी बिक्री को बढ़ाया जा रहा है जो भी एक अपराध की श्रेणी में आता है।
प्रारंभ में मारुति सेवा समिति के अध्यक्ष प्रमोद झंवर ने अतिथियों का स्वागत करते कहा कि संस्थान पिछले 40 वर्षो से उपभोक्ता को जागरूक करने का कार्य कर रही है। संस्था द्वारा दी जा रही समस्त सेवाएँ निशुल्क हैं। झंवर ने बताया कि किसी प्रकार का उपभोक्ता विवाद होने पर राष्ट्रीय उपभोक्ता हेल्पलाईन 1915 पर शिकायत कर सकते है।
रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया जयपुर के ए.जी.एम. अभिषेक सिंह ने रिजर्व बैंक की कार्यप्रणाली एवं उपभोक्ताओं की समस्याओं के समाधान के लिए एकीकृत लोकपाल योजना 2021 की जानकारी देते हुए कहा कि सभी व्यक्ति बैंकिंग सेवाओं में दोष दिखाई देने पर एकीकृत लोकपाल योजना में शिकायत कर राहत प्राप्त कर सकते हैं। यह सुविधा पूरी तरह से निशुल्क है। व्यक्ति ऑनलाइन या ऑफलाइन देश के किसी भी बैंक की शिकायत कही से भी दर्ज करा सकता है। 42 दिन में समस्या का समाधान करना जरूरी है।
कार्यक्रम में उपस्थित विद्यार्थियों ने प्रश्नोत्तर के माध्यम से अपनी शंकाओं का समाधान किया।
इस अवसर पर डॉ. सम्पत कुमार जैन, दिलिप चोर्डिया, महेश चंद्र पोरवाल, हीरालाल चौधरी, निदेशक प्रो. जीवन सिंह खरकवाल, प्रो. मंजु माडोत, डॉ. गुणबाला आमेटा, डॉ. मधु मुर्डिया, डॉ. कुल शेखर व्यास, निजी सचिव केके कुमावत सहित बड़ी संख्य में विद्यार्थी उपस्थित थे।
