अपना घर आश्रम के रेस्क्यू अभियान के अंतर्गत कुल 43 असहाय,बीमार,विमंदित प्रभुजी का रेस्क्यू किया। जिसमें 9 महिला थी

उदयपुर: 18 अक्टूबर. अपना घर आश्रम उदयपुर के सचिव गोपाल कनेरिया ने बताया कि अपना घर आश्रम भरतपुर एवं सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग के संयुक्त तत्वाधान में संपूर्ण राजस्थान में दिनांक 14 अक्टूबर से 18 अक्टूबर तक असहाय ,आश्रयहीन, विमंदित, निराश्रित लोगों के लिए चलाए गए विशेष रेस्क्यू अभियान के अंतर्गत उदयपुर बांसवाड़ा संभाग में कुल 43 प्रभु जी का रेस्क्यू किया गया जिसमें से 9 महिला प्रभु की थी। इन सभी को बेदला स्थित अपना घर आश्रम उदयपुर में सेवा,उपचार एवं पुनर्वास हेतु भर्ती किया गया।
अभियान के संभाग प्रभारी शैलेंद्र त्यागी ने जानकारी दी कि रेस्क्यू अभियान की शुरुआत 14 अक्टूबर को बेदला स्थित अपना घर आश्रम से राजसमंद विधायक दीप्ति किरण माहेश्वरी, अभियान प्रभारी शैलेंद्र त्यागी एवं बेदला सरपंच श्रीमती निर्मला प्रजापत द्वारा चार एंबुलेंस वाहनों को हरी झंडी दिखाकर की गई।
दिनांक 16 अक्टूबर को राजसमंद में भाजपा जिला अध्यक्ष मानसिंह बारहठ,भाजपा महामंत्री प्रदीप खत्री, व्यापार मंडल अध्यक्ष कमलेश जैन ने एवं दिनांक 17 अक्टूबर को चित्तौड़गढ़ में जिला कलेक्टर आलोक रंजन, एडिशनल एसपी मुकेश कुमार, अतिरिक्त जिला कलेक्टर विनोद कुमार मल्होत्रा, आश्रम समन्वयक महेंद्रनाथ शर्मा एवं समाजसेवी आईएम सेठिया ने एंबुलेंस को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया।
इस अभियान के प्रभारी शैलेंद्र त्यागी ने बताया कि अपना घर आश्रम विश्व का सबसे बड़ा ऐसा सेवा संगठन है जो बिना राजकीय सहायता लिए सेवा कार्य करता है। देश भर में अपना घर आश्रम के द्वारा 62 आश्रम संचालित किए जा रहे हैं। एक आश्रम नेपाल काठमांडू में संचालित किया जा रहा है। इन 62 आश्रमों में 14000 से अधिक प्रभु जी की सेवा और उपचार किया जा रहा है अकेले भरतपुर आश्रम में 6000 से अधिक प्रभु जी निवासरत हैं।
सचिव कनेरिया ने बताया कि इस अभियान में ऐसे ऐसे प्रभु जी मिले, किसी के पैर में घाव हैं, तो कोई मानसिक रूप से अस्वस्थ है, कोई जंगल में पड़ा है, तो कोई गंदगी में जी रहा है। बेगूं धमचा के पास से रेस्क्यू महिला लंबे समय से लावारिस स्थिति में रह रही थी। इसी प्रकार उदयपुर में उबेश्वर जी की पहाड़ियों से फतह लाल चौबीसा की सूचना पर दिनांक 14 अक्टूबर को रात को 10:00 बजे एक ऐसी प्रभु जी का रेस्क्यू किया गया जो लंबे समय से वहां अकेला रह रहा था। जिसके बदन पर कोई कपड़ा नहीं था। आसपास के लोगों से पूछा पर उसके बारे में कोई जानकारी प्राप्त नहीं हुई। वहां पर जंगली जानवर का भी भय था। इन सभी प्रभुजनों को बेदला स्थित अपना घर आश्रम उदयपुर में सेवा ,उपचार एवं पुनर्वास हेतु भर्ती किया गया। आश्रम में महिला प्रभुजी के रहने की व्यवस्था नहीं होने के कारण 9 महिला प्रभुजी को भरतपुर आश्रम में भेजा गया।
इस रेस्क्यू अभियान में बहुत से समाजसेवियों, पुलिस प्रशासन एवं सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग का विशेष सहयोग प्राप्त हुआ।

By Udaipurviews

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