मारवलस मिसेज इंडिया के सीजन-2 का फिनाले 13 अक्टूबर को उदयपुर में

उदयपुर। मारवलस मिसेज इंडिया के सीजन-2 का फिनाले उदयपुर में आगामी 13 अक्टूबर को होगा। इस संबंध में उदयपुर के जूत्सा राजपूताना रिसोर्ट में ऑडिशन चल रहे हैं। यहां पर एक माह की ट्रेनिंग दी जा रही है।
इस आशय की जानकारी देते हुए डॉ.अदिति ने बताया कि सीजन एक की भव्य सफलता के बाद सीजन 2 के ऑडिशन उदयपुर में हो रहे हैं। उदयपुर में करने का कारण यह है कि यह पर्यटन नगरी है। यहां पर देश-विदेश के लोग आते रहते हैं। हमारा मकसद हमारी सभ्यता और संस्कृति को आगे बढ़ने का है। उदयपुर दुनिया के खूबसूरत शहरों में शुमार है  और हर तरह की कनेक्टिविटी से भी जुड़ा हुआ है।
मार्वलस मिसेज इंडिया के आयोजन के पीछे का मकसद बताते हुए डॉक्टर अदिति ने कहा कि यह महिला सशक्तिकरण करने के लिए बड़ा प्रयास है। महिला सशक्तिकरण की बातें तो बहुत होती है लेकिन अभी तक यह कितना मूर्त रूप ले पाया है यह विचारणी विषय है। उनका मकसद ही ऐसी महिलाओं को आगे लाना है जिनमें प्रतिभाए तो खूब सारी है लेकिन उन्हें मंच नहीं मिल पाने की वजह से वह शादी के बाद केवल गृहणी बन कर रह जाती है और उसके सपने चकनाचूर हो जाते हैं।
इस अवसर पर डॉ.मेघा जैन ने बताया कि इस मंच पर विधवा, परित्यक्ता या कोई भी प्रतिभाशाली महिला आकर के अपनी प्रतिभा निखार सकती है। इस मंच पर उम्र कोई बाधा नहीं है। उन्होंने कहा कि सीजन-1 में 71 वर्षीय एक महिला ने इस मंच पर आकर ऐसा प्रदर्शन किया कि सभी चकित रह गये। इस मंच से ऐसी प्रतिभाएं भी निकली है जिन्होंने अंतरराष्ट्रीय मंच पर जाकर नाम कमाया है। हर व्यक्ति में पावर ही नहीं बल्कि एक सुपर पावर है। लेकिन जरूरत है उन्हें एक अच्छा मंच मिलने की और उनके प्रतिभाओं को निखारने ने की।
शादी के बाद अक्सर महिलाएं यह सोचती है कि वह अब मात्र एक गृहणी है। अब ग्लैमर की दुनिया उनसे कोसों दूर चली गई है। अब ना तो वो कोई एक्टिंग कर सकती है और न हीं अपने प्रतिभा को निखार सकती है। लेकिन ऐसा बिल्कुल नहीं है। अगर महिला सशक्तिकरण की बात करते हैं तो ऐसी महिलाओं को ऐसे मंचों पर आगे लाना होगा जिनमें प्रतिभा तो खूब है लेकिन वह अपने जीवन से हताश और निराश हो चुकी है। उन्होंने महिलाओं से अपील की कि आप यह मत सोचो कि लोग क्या कहेंगे। बस आप तो अपने कार्य में मेहनत और लगन से जुट जाओ सफलता आपके कदम चूमेगी।
डॉ.अदिती ने कहा कि अक्सर हम कई लोगों पर ऐसा लेबल लगा देते हैं या तो यह तो किसी काम का नहीं है। यह अच्छा है या बुरा है। जबकि दुनिया में कोई अच्छा या बुरा नहीं होता है। अच्छे हैं तो सभी अच्छे हैं बुरे हैं तो सभी बुरे  हैं। इस तरह के लेबल  लगाकर हम उन प्रतिभाशालियों के प्रतिभाओं को निराश कर रहे हैं। महिला सशक्तिकरण के विषय पर हमारा मकसद यही है कि एक महिला बदलेगी तो पूरा परिवार बदलेगा पूरा परिवार बदलेगा तो समाज बदलेगा और समाज बदलेगा तो देश को बदलने में देर नहीं लगेगी। हमारे इस मंच पर सभी को मान सम्मान और आदर मिलता है। किसी में कुछ कमियां भी होती है तब भी हम उन्हें बड़े ही विश्वास और सम्मान के साथ उन्हें सुधारने की कोशिश करते हैं। अगर आपको लगता है कि आपने प्रतिभा है तो आप आगे आओ निश्चित तौर पर आपको सफलता मिलेगी।

By Udaipurviews

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