मॉडल तालाब चढ़ा भष्ट्राचार की भेट, 25.07 लाख खर्च करने के बाद भी ढ़ेरों अनियमितता

ग्राम पंचायत थाना के पिकअप वियर मॉडल तालाब का मामला
वर्ष 2022-23 में श्रम मद में 7.51 और सामग्री मद में 17.56 लाख 

– जुगल कलाल
डूंगरपुर, 23 जुलाई (ब्यूरो)। महात्मा गांधी नरेगा योजना में भष्ट्राचार को रोकने के लिए भले ही सरकार लाख कदम उठाए लेकिन कर्मचारी इसे खत्म करने के लिए तैयार नही है। इसका ताजा उदाहरण जिला मुख्यालय से 10 किमी. दूर थाणा ग्राम पंचायत में देखने को मिलेगा। यहां पर वर्ष 2022-23 में करीब 25 लाख की लागत से मॉडल तालाब का निर्माण किया गया है। तालाब के निर्माण के एक वर्ष भी पूर्ण नही हुआ है लेकिन भष्ट्राचार और अनियमितता सामने आ गई है। तालाब की पाल में जगह-जगह दरारे आ गई है। वही तालाब की पिचिंग से लेकर घाट निर्माण में घटिया काम किया गया है।  दरअसल ग्राम पंचायत थाणा के पिकअप वियर मॉडल तालाब का निर्माण गत वर्ष किया गया है। इस कार्य को मनरेगा के तहत स्वीकृत हुआ था। इसमें श्रम मद में 7.51 और सामग्री मद में 17.56 लाख रुपए जारी हुए थे। इसमें निर्माण की गुणवत्ता का कही भी ध्यान नही रखा गया है। नदी के कच्चे पत्थर से पाल का निर्माण किया है। वही घाट सेक्शन में पुराने निर्माण को ही नया दिखाया गया है। ऐसे में अनियमितता को संबंधित जेटीओ और विकास अधिकारी ने अनदेखा कर दिया।

तालाब पर घाट में पुराने काम का पैसा उठाया-थाणा गांव में बनाए मॉडल तालाब के निर्माण कार्य के दौरान सौंदर्यीकरण करने को लेकर तालाब पर पक्के घाट का निर्माण कराने का नियम है। यहां पर ग्राम विकास अधिकारी और जेटीओ से हदे पार करते हुए पुराने कार्य को नया दिखाकर पैसा उठाया है। इस घाट का उद्देश्य तालाब के पानी का उपयोग करना है। निर्माण के बाद घाट जगह-जगह से अभी तक धंस गया है।

तालाब की सुरक्षा को कच्चे पत्थर की बनाई दीवार-बारिश के मौसम में पानी की आवक अधिक होने के कारण तालाब की दीवार बह जाती है। जिससे गांवों में हानि होने का हमेशा अंदेशा बना रहता है। ऐसे में मॉडल तालाब की दीवारों को पक्का निर्माण कराने का नियम है। यहां पर अनियमितता करते हुए दीवार का निर्माण कच्चे पत्थर के किया गया है। वही जगह-जगह पर दीवार अभी से फट गई है। इसके कारण कभी कोई हिस्सा अत्याधिक बारिश में गिर कर धराशयी हो सकता है।

तालाब की दीवार पर होगा पिचिंग कार्य घटिया-थाणा गांव के तालाब को मॉडल तालाब के रूप में विकसित किया गया है। ऐसे में इस तालाब की दीवार को मजबूत करने के लिए पीचिंग का कार्य किया गया है। इससे पानी के साथ दीवार की मिट्टी को बहने से रोकने का उद्देश्य है। यहां पर पीचिंग के घटिया निर्माण के कारण जगह-जगह पर दरारे हो गई है। वही पीचिंग में रेती-सिमेंट का कम उपयेाग होने के कारण मिट्टी में घास उग गई है। इससे कही भी पीचिंग नजर नही आ रही है।

वर्जन : अनियमिता मिलने पर होगी करवाई
मॉडल तालाब की जांच कारवाई जाएगी। जांच में अनियमिता मिलने पर दोषियों के खिलाफ़ कारवाही की जाएगी। कल ही टीम भेजकर मॉडल तालाब को दिखवाता हूं।
अनिल पहाड़िया, एसईओ जिला परिषद डूंगरपुर 

By Udaipurviews

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