जीएनएम, एनआईओएस और बीएसटीसी की ट्रेनिंग के नाम लाखों की धोखाघडी
रिपोर्ट – जुगल कलाल
डूंगरपुर, 22 जुलाई(ब्यूरो)। शहर के रैती स्टैंड के पास बिना मान्यता के दो सालों से चल रहे नर्सिंग इंस्टीट्यूट पर संभागीय आयुक्त नीरज के पवन छापा मारकर इंस्टीट्यूट को सील कर दिया है। वहीं, सीएचएमओ को एफआईआर करवाने के निर्देश दिए है। कोतवाली पुलिस इंस्टीट्यूट दो कार्मिकों को हिरासत में लिया है। सोमवार को संभागीय आयुक्त नीरज के पवन डूंगरपुर के दौर पर रहे है। रेती स्टेंड पर राजस्थान इस्टीट्यूट नर्सिंग कंसल्टेंट के नाम से चल संस्थान का निरीक्षण किया। सभागीय आयुक्त संस्थान के दस्तावेज की जांच जिसमें वो फर्जी पाया गया।
पंजाब व मध्यप्रदेश की यूनिवर्सिटी के नाम पर धोखाघडी-संस्थान में पंजाब और मध्यप्रदेश के किसी यूनिवर्सिटी के नाम पर एएनएम और जीएनएम के कॉर्स कराया जा रहा था। रेती स्टेंड पर दो मंजिला इमारत में 10 कमरों में नर्सिंग संस्थान चल रही थी। जहां पर एएनएम और जीएनएम के छात्र की क्लास ली जा रही थी। संभागीय आयुक्त नीरज के पवन जिला स्तरीय बैठक के बाद सीधे रैती स्टैंड स्थित फर्जी नर्सिंग संस्थान के कार्यालय में पहुंचे। जहां पर सबसे पहले नर्सिंग की मान्यता से जुडे संस्थान से रजिस्ट्रेशन के कागजात मांगे। इस पर संस्थान की ओर से कोई जवाब नही दिया गया। संस्थान में कार्यरत महिला रिसेस्पनिष्ट से पंजाब से मान्यता प्राप्त संस्थान होने का दावा किया। इस पर संभागीय आयुक्त ने संस्थान के निदेशक जयंतीलाल से फोन पर बात की। उन्होंने अपना कोई भी संस्थान डूंगरपुर में होने से मना कर दिया। उसने फोन पर बताया कि कोई संस्थान संचालित नही करता है।
संभागीय आयुक्त विद्यार्थियों से संवाद कर बताया संस्थान फर्जी –संभागीय आयुक्त ने संस्थान नर्सिंग संस्थान के क्लास रुम में पहुंचे। जहां पर अध्ययनरत विद्यार्थियों से संवाद करते हुए कहा की यह संस्थान पूर्ण फर्जी है। इसकी राजस्थान नर्सिंग काउसलिंग से कोई मान्यता नही है। वही इंडियन नर्सिंग काउसलिंग भी कोई मान्यता सीधे नही देता है। उन्होंने वहां पर पढऩे वाली बच्चियों को कहा की आप सीएमएचओ या कलेक्टर से संपर्क कर संस्थान मालिक से अपनी फीस वापस ले। वही संस्थान के खिलाफ जिला प्रशासन के प्रतिनिधी सीएमएचओ की ओर से एफआईआर दर्ज कराई जा रही है। ऐसे में संस्थान में अपने भविष्य को बर्बाद नही करे। उन्होंने मान्यता प्राप्त संस्थान से अध्ययन करने की सलाह दी। इसके बाद सारे बच्चों को संस्थान से रवाना कर दिया। वही पास में बने वत्स एकेडमी में संभागीय आयुक्त पहुंचे। जहां पर जीएनएम और एएनएम संबंधित पूछताछ की। वही एसटीसी के बारे में पूछा तो वत्स एकेडमी की ओर से सिर्फ केरियर कंस्लटेंसी की जानकारी दी। फिर प्रशासनिक अधिकारी अपने निर्धारित शिड्युल के आधार पर रवाना हो गए। वही राजस्थान इंस्टीट्यूट पर राजकीय नर्सिंग कॉलेज के प्रधानाचार्य जयंत पंडया के नेतृत्व में मेडिकल टीम पहुंची। उन्होंने संस्थान और कार्यालय परिसर में सील लगाने की कार्रवाई की गई। इसके अलावा राजस्थान इस्टीट्यूट के खिलाफ सीएमएचओ ने कोतवाली थाने में रिपोर्ट दी।
