उदयपुर, 17 जुलाई। श्री जैन श्वेताम्बर मूर्तिपूजक श्रीसंघ के तत्वावधान में मालदास स्ट्रीट आराधना भवन में वर्षावास कर रहे पन्यास प्रवर निरागरत्नविजय जी म.सा. ने बुधवार को धर्मसभा में कहा कि विश्व के इतिहास को किसी ने बेरूपा एवं कलंकित किया है तो वह इन चार भूख के कारण हुआ है पहला-विस्तार की भूख, दूसरा-विलास की भूख, तीसरा-विजय की भूख और चौथा-विकार की भूख। हम सभी को समग्र विश्व को पुनः उसका सुंदर स्वरूप दिलाने हेतु अपने मजबूत मनोबल से इन चार भूखों से दूर रहें एवं परम्परा से मोक्ष सुख पायें। चातुर्मास प्रवक्ता राजेश जवेरिया ने बताया कि पन्यास निरागरत्न विजय एवं पन्यास प्रवर निरागरत्न विजय जी म.सा. की निश्रा में मंगलकारी तप पंच परमेष्ठी तप कराया जा रहा है, जिसमें श्रावक-श्राविकाएं उत्सुकता से भाग ले रहे हैं।
मनोबल को मजबूत बनाएं: निरागरत्नविजय
