दादा गुरू आना दर्शन दिखाना, हम तेरे ही दीवाने हैं कोई गैर नहीं…..

प्रथमदादा श्री जिनदत्तसूरिजी गुरुदेव की 870वीं पुण्यतिथि महोत्सव पूर्ण भक्ति भाव से मनाया
उदयपुर, 17 जुलाई। श्री जैन श्वेताम्बर वासुपूज्य महाराज मन्दिर ट्रस्ट द्वारा मेवाड़ मोटर्स लिंक रोड़ स्थित दादाबाड़ी में आज जंगम युग प्रधान प्रथमदादा श्री जिनदत्तसूरिजी गुरुदेव की 870वीं पुण्यतिथि महोत्सव बड़े ही भक्ति भाव एवं हर्षाेल्लास के साथ मनाया गया।
मंत्री राजलोढ़ा ने बताया कि साध्वी डॉ. संयम ज्योति जी म.सा., साध्वी श्री संयम गुणाश्री म.सा. एवं साध्वीश्री संयम साक्षीश्री म.सा. आदि ठाणा 3 के सानिध्य में मन्दिर में प्रथमदादा श्री जिनदत्तसूरिजी गुरुदेव की खूब भक्ति की गई। सभी ने एक से बढ़ कर भक्ति गीत गाये एवं पूजा- अर्चना की। श्रावक- श्राविकाओं ने वाद्य यन्त्रों के साथ भजन गाते और झूमते हुए भक्ति- भाव का पुण्य लाभ लिया।
सह मंत्री दलपत दोशी ने बताया कि प्रथम दादागुरू युग प्रधान आचार्य श्री जिनदत्तसूरिजी ने जैन श्वेताम्बर समाज को वर्तमान स्वरूप प्रदान किया। गुरूदेव का जीवन श्रमण संस्कृति का ऐसा जगमगाता आलोकपुंज है, जो शताब्दियों के काल-खण्ड प्रवहन के उपरान्त भी आत्म विकास की राह दिवखाता है। सभी के चरित्र व्यवहार तथा साधना का मार्ग आलोकित करता है। दादा गुरूदेव श्री जिनतसूरिजी की पावन पुनित 870 वीं पुण्यतिथि महोतसव आषाढ़ शुक्ल ग्यारस को आज बड़े ही धूमधाम एवं हर्षोल्लास के साथ मनाया गया।

By Udaipurviews

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