निगम की अर्बन95 परियोजना: वार्षिक कार्यशाला में विशेषज्ञों ने रखे सुझाव
उदयपुर. “उदयपुर शहर को अपने पूर्वजों से विरासत में बहुत कुछ मिला है, जिसे देखने देश-दुनिया के लोग यहाँ आने को लालायित रहते हैं. अब बारी है नयी पीढ़ी की, जो अपने इनोवेटिव आइडिया’ज से शहर को ऐसी पहचान दे, जो छोटे बच्चों और उनके अभिभावकों के साथ साथ पर्यटकों के लिए भी आकर्षण का केंद्र बने.
ये विचार व्यक्त किये नगर निगम उपमहापौर पारस सिंघवी ने. वे नगर निगम द्वारा वेन लीयर फाउंडेशन के साझे में इकली साउथ एशिया के तकनीकी सहयोग से संचालित अर्बन95 परियोजना के अंतर्गत आयोजित साझा समझ निर्माण कार्यशाला में शहर भर से जुड़े आर्किटेक्ट्स, अर्बन प्लानर, राजकीय विभागों के प्रमुख अधिकारियों, निगम इंजीनियरों एवं निजी कम्पनियों के प्रतिनिधियों, विषय विशेषज्ञ, प्रोफ़ेसर, सामाजिक संस्थाओं से रु-ब-रु हो रहे थे.
उन्होंने कहा कि पहले बच्चे मोहल्लों में साथ साथ बड़े होते थे और साथ में खेलते थे. अब मोबाइल के युग में बच्चा एकल प्रवृति का होता जा रहा है. अगर बच्चे को घर के बाहर बेहतर परिवेश मिलेगा तो वह ज़रूर बाहर खुले माहौल में खेलना पसंद करेगा.
इस से पूर्व उपस्थित सहभागियों का स्वागत करते हुए निगम आयुक्त रामप्रकाश ने कहा कि उदयपुर शहर को चाइल्ड फ्रेंडली बनाने के लिए सामूहिक स्तर पर कई प्रकार के प्रयास किये गए और कई और प्रयासों की आवश्यकता है. शहर को यदि छोटे बच्चों के लिए सुन्दर-सहज-सुगम और सुरक्षित बनाया जाता है तो वह प्रत्येक नागरिक के लिए बेहतर शहर साबित हो सकेगा.
कार्यक्रम के पहले सत्र में रिटायर्ड मुख्य टाउन प्लानर सतीश श्रीमाली ने कहा कि शहर के गुलाब बाग और सहेलियों की बड़ी जैसे उद्यान बच्चों को ध्यान में रखते हुए डिजाइन किये गए जहाँ बच्चा हर एक चीज़ को छूकर, महसूस करके सीख सकता था. आवश्यकता है कि अब ऐसे आकर्षक स्थान मोहल्ला स्तर पर तैयार किये जाए ताकि बच्चे को बेहतर माहौल दिया जा सके.
वेन लीयर फाउंडेशन के कंट्री लीड प्रकाश पॉल ने बच्चे के शुरूआती वर्षों की एहमियत को समझाया. अर्बन95 के टीम लीडर पुष्पेन्द्र श्रीवास्तव ने अर्बन95 परियोजना के अंतर्गत हुए कार्यों पर प्रकाश डाला और आगे प्रस्तावित प्रोजेक्ट्स की प्रगति को प्रस्तुत किया. निगम के अधीक्षण अभियंता मुकेश पुजारी ने गुलाब बाग़ में छोटे बच्चों के लिए बनने जा रहे सेंसरी पार्क की प्रस्तावना प्रस्तुत की.
इस दौरान नगर निगम और उदयपुर विकास प्राधिकरण के अभियंता, पुणे नगर निगम के अभियंता, निजी आर्किटेक्ट्स और अर्बन प्लानर, मुख्य चिकित्सा अधिकारी शंकर लाल बामनिया, आईसीडीएस उपनिदेशक संजय जोशी, डेपुटी एसपी -सिटी ट्राफिक नेत्रपाल सिंह, उदयपुर चेंबर ऑफ़ कोमर्स के मुख्य कार्यकारी अधिकारी कर्नल नरेंद्र सिंह शक्तावत, इकली साउथ एशिया उपनिदेशक दिव्य प्रकाश आदि सहित हिंदुस्तान जिंक, पायरोटेक, महाराणा प्रताप एग्रीकल्चर यूनिवर्सिटी, सेवा मंदिर,जतन संस्थान, आईटीपीआई आदि संस्थाओं के प्रमुख, आंगनवाडी कार्यकर्त्ता, चिकित्सा विभाग के कर्मचारी आदि मौजूद रहे. संचालन युगल टाक और ओमप्रकाश ने किया. धन्यवाद ज्ञापन अखिलेश और राहुल ने दिया.
पैनल डिस्कशन में कई मुद्दों पर हुई सार्थक चर्चा:
पैनल चर्चा में भाग लेते हुए महाराणा प्रताप एग्रीकल्चर विश्वविद्यालय के मानव विकास एवं व्यावहारिक विज्ञान विभागाध्यक्ष डॉ. गायत्री तिवारी ने कहा कि हर बच्चा सबसे सबसे अपने घर के बड़ों से ही सीखता है. ऐसे में आवश्यक है कि बच्चों के सामने व्यवहार को बेहतर किया जाए. जतन संस्थान के निदेशक डॉ. कैलाश बृजवासी ने कहा कि शहर को चाइल्ड फ्रेंडली बनाने के लिए ढांचागत विकास के साथ साथ मानसिकता को बदलना भी ज़रूरी है. इसके लिए पालिसी स्तर पर सुधार करना होगा. मुख्य स्वास्थ्य चिकित्सा अधिकारी शंकर लाल बामनिया ने शहर के प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्रों को बच्चों के लिए भय रहित और मनोरंजक स्थान बनाने की पहल पर जोर दिया. समेकित बाल विकास उप निदेशक संजय जोशी ने मनोहरपुरा आंगनवाडी केंद्र में हुए बदलावों को संज्ञान में लाते हुए उस से हुए सामुदायिक बदलाव और बच्चों के नामांकन वृद्धि को सामने रखा.
पुलिस उपाधीक्षक -ट्रेफिक नेत्रपाल सिंह ने शहर के अनधिकृत पार्किंग को रोकने, पुराने शहर की गलियों को बच्चों के लिए बेहतर बनाने के लिए कई नवाचारों के लिए विचार प्रस्तुत किये. पुणे नगर निगम के अधिशाषी अभियंता अमोल रुद्रके ने निगम और निजी संस्थानों के साथ साथ विषय विशेषज्ञों को जोड़कर शहर की बेहतरी के लिए प्लान करने और आइडिया रखने की पैरवी की. निगम आयुक्त राम प्रकाश ने कहा कि कोई भी नया काम करने में अडचनें आएँगी किन्तु उन्हें अवसर मानते हुए काम को आगे बढ़ने की पैरवी की. निगम उद्यान समिति अध्यक्ष महेश त्रिवेदी ने समुदाय सहभागिता से काम को आगे बढ़ने की वकालात की.
