खाद्य सुरक्षा के समस्त लाभार्थियों को ई-केवाईसी करवाना जरूरी

उदयपुर, 12 जून। खाद्य विभाग के निर्देशानुसार सार्वजनिक वितरण प्रणाली के तहत खाद्य सुरक्षा योजनान्तर्गत गेहूं एवं अन्य राशन सामग्री के वितरण में पारदर्शिता लाने के उद्देश्य से खाद्य सुरक्षा के समस्त लाभार्थियों की ई-केवाईसी करवाई जा रही है।
जिला रसद अधिकारी गीतेश श्री मालवीय ने बताया कि जिले की समस्त उचित मूल्य दुकानों पर राशन डीलर द्वारा समस्त पात्र परिवार के सभी सदस्यों की ई-केवाईसी की जा रही है। इसे जून, 2024 तक अनिवार्य रूप से करवाये जाने का लक्ष्य है। समस्त लाभार्थी नजदीकी उचित मूल्य दुकानदार के पास जाकर पोस मशीन में आधार कार्ड से ई-केवाईसी करवाना सुनिश्चित करे। ई-केवाईसी नहीं करवाने पर भविष्य में खाद्य सुरक्षा योजना का लाभ प्राप्त करने में समस्या आ सकती है। इस असुविधा से बचने के लिए समस्त खाद्य सुरक्षा लाभार्थियों से पूरे परिवार सहित नजदीकी राशन डीलर की उचित मूल्य दुकान पर जाकर ई-केवाईसी करवाने का अपील की गई है। इस सबंध में जिला रसद अधिकारी मालवीय ने गिर्वा एवं मावली ब्लॉक का दौरा कर इसकी समीक्षा की गई। जिले के समस्त प्रवर्तन अधिकारी/प्रवर्तन निरीक्षकों को भी प्रभावी मॉनीटरिंग करने एवं सभी उपभोक्ताओं को ई-केवाईसी की जानकारी देने के निर्देश दिए।

विधिक संरक्षकता प्रमाण पत्र सौंपे
उदयपुर, 12 जून। राष्ट्रीय न्यास अधिनियम 1999 के अन्तर्गत आटिज्म, सेरेबल पाल्सी, मानसिक मंदता एवं बहु निःशक्तता से ग्रस्त व्यक्तियों के कल्याण के लिए गठित लोकल लेवल कमेटी की बैठक बुधवार को जिला कलक्टर के निर्देशन एवं एडीएम सिटी राजीव द्विवेदी की अध्यक्षता में हुई। इसमें राष्ट्रीय न्यास अधिनियम 1999 के तहत दो बहु निशक्तता से ग्रसित व्यक्तियों को उनके लीगल गारजियन (विधिक संरक्षक) के साथ विधिक संरक्षकता प्रमाण पत्र सौंपे।
एडीएम सिटी ने इस अधिनियम और प्रावधानों का अधिक से अधिक प्रचार-प्रसार करने तथा सभी पात्र लोगों को प्रमाण पत्र जारी किए जाने के निर्देश दिए। संयुक्त निदेशक, सामाजिक न्याय गिरीश भटनागर ने बताया गया कि 18 वर्ष की आयु पूर्ण करने से पहले सभी बच्चों के माता-पिता उनके प्राकृतिक एवं वैधानिक संरक्षक होते हैं। वयस्कता प्राप्ति के पश्चात व्यक्ति को कानूनी संरक्षक की आवश्यकता नहीं होती, लेकिन आटिज्म, सेरेबल पाल्सी, मानसिक मंदता एवं बहु निःशक्तता से ग्रस्त व्यक्तियों को अपनी विशेष परिस्थितियों के कारण 18 वर्ष पूर्ण करने के बाद भी संरक्षक की आवष्यकता होती है, क्योंकि वो अपना जीवन सुचारू रूप से चलाने और स्वयं के हित में कानूनी निर्णय लेने में सक्षम नहीं होते हैं। अतः उन्हें जीवनभर उचित देखभाल, कानूनी प्रतिनिधित्व, सम्पति के संरक्षण और उनके हित में विधिक संरक्षता की आवश्यकता होती है। राष्ट्रीय न्यास अधिनियम 1999 में दी गई प्रक्रिया के माध्यम से किसी व्यक्ति विशेष अथवा संस्था को वैधानिक संरक्षक घोषित किया जाता है। दिव्यांगता से ग्रस्त व्यक्ति के परिवारजन पहल करके आगे आएं और सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग के कार्यालय में सम्पर्क कर आवश्यक कार्यवाही पूर्ण कराकर प्रमाण पत्र जारी करा सकते हैं।

जिला पेंशन प्रकरण निस्तारण समिति की बैठक 19 को
उदयपुर 12 जून। जिला पेंशन प्रकरण निस्तारण समिति की बैठक 19 जून को शाम 4.30 बजे जिला कलक्टर अरविंद पोसवाल की अध्यक्षता में कलक्ट्रेट सभागार में आयोजित होगी। समिति के सदस्य सचिव एवं जिला कोषाधिकारी (ग्रामीण) ने सभी विभागीय अधिकारियों को सेवानिवृत कर्मचारियों व अधिकारियों की सूचना निर्धारित प्रपत्र में 14 जून तक प्रेषित करने तथा बैठक में नियत तिथि को आवश्यक सूचनाओं के साथ उपस्थित रहने को कहा है।

डीआरएम की बैठक 24 को’
उदयपुर, 12 जून। उद्योग संबंधी विवाद एवं शिकायत निवारण तंत्र की जिला स्तरीय समिति की बैठक 24 जून की अपराह्न 3.30 बजे जिला कलक्टर अरविंद पोसवाल की अध्यक्षता में कलेक्ट्रेट सभागार में आयोजित होगी। यह जानकारी समिति की सदस्य सचिव एवं जिला उद्योग केन्द्र के महाप्रबंधक शैलेन्द्र शर्मा ने दी।

By Udaipurviews

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