खगोल विज्ञान और अंतरिक्ष के रोचक तथ्यों के बारे में जानकर अभिभूत हुए प्रतिभागी
उदयपुर, 30 मई। जनजाति कार्य मंत्रालय भारत सरकार, राष्ट्रीय आदिवासी शिक्षा सोसायटी और इसरो तथा ईएमआरएस सोसायटी जनजाति क्षेत्रीय विकास विभाग उदयपुर के संयुक्त तत्वावधान में राजस्थान के उदयपुर जिले की ईएमआरएस दादिया और ऋषभदेव के ईएमआरएस 40 विद्यार्थियों के लिए 7 दिवसीय आवासीय प्रशिक्षण कार्यक्रम जयकार का समापन गुरुवार को हुआ। समापन कार्यक्रम की मुख्य अतिथि डॉ अमृता दाधीच रही, कार्यक्रम में संयोजक बृजमोहन डामोर, सहसंयोजक गणेश अहारी, समन्वयक राकेश परमार एवं मुकेश मीणा आदि उपस्थित रहें।
इन 7 दिनों के दौरान, निम्बस एजुकेशन की टीम-मनीष पुरोहित (पूर्व इसरो वैज्ञानिक), भव्य बापना (पूर्व विश्लेषक गोल्डमैन) और डॉ इंदु बाला पूर्व प्रिंसिपल, एमएलवी स्कूल, ने व्याख्यान, व्यावहारिक गतिविधियों और समूह गतिविधियां आयोजित की। खगोल विज्ञान, इसरो के मिशन जैसे चंद्रयान 3 और आदित्य एल 1, सैटेलाइट डिजाइन, रॉकेट टेक्नोलॉजी, इंटरनेट ऑफ थिंग्स के साथ-साथ टेलीस्कोप, सैटेलाइट डिजाइन सॉफ्टवेयर, रॉकेट डिजाईन सॉफ्टवेयर, वाटर रॉकेट्री, सनडायल, प्लैनिस्फेयर, स्टॉर क्लॉक और बाधा से बचने वाले रोवर, लाइन फॉलोइंग रोबोट, लाइव स्ट्रीमिंग के साथ क्यूबसेट, क्युबसेट में इस्तेमाल किए जाने वाले विभिन्न सेंसर पर व्यावहारिक गतिविधियों के बारे में सत्र आयोजित किए गए।
टीएडी के एडीईओ अनुराग मेडतवाल ने बताया की विद्यार्थियों को बैग, इसरो टीशर्ट और इसरो कैप सहित कई खगालीय किट दिए गए। विद्यार्थियों ने पूरे सात दिवसीय शिविर में लग्न एवं उत्साह के साथ अपनी भागीदारी निभाई तथा खगोल विज्ञान और अंतरिक्ष के क्षेत्र में अपना कैरियर और भविष्य निर्माण के बारे में आगे बढ़ाने हेतु कई प्रकार के जिज्ञासु प्रश्न किए तथा इस क्षेत्र में अपना करियर बनाने का दृढ़ संकल्प लिया।
ईएमआरएस विद्यार्थियों के लिए 7 दिवसीय आवासीय कार्यक्रम जयकार का समापन
