टाई की बिजनेस समिट टाईकॉन-2024 सम्पन्न

500 से अधिक प्रतिभागियों ने भाग लेकर जानें बिजनेस के गुर
उदयपुर। वैश्विक नॉन-प्रॉफिट संस्था टाई ग्लोबल के उदयपुर चैप्टर टाई-उदयपुर द्वारा दक्षिण राजस्थान की सबसे बड़ी बिज़नेस समिट दो दिवसीय टाईकॉन-24 का आज चित्रकूटनगर स्थित थर्ड स्पेस में समापन हुआ। दो दिन चली इस समिट के अंतिम दिन 500 से अधिक प्रतिभागी मौजूद रहे। इस दौरान मीट में एक्सपर्ट, कीनोट और 2 मास्टरक्लास के अलावा टाई, यंग एंट्रेप्रेन्योर, सेशंस (टाई) हुए। इस सेशन का उद्देश्य कॉलेज में पढ़ रहे छात्रों को उद्यमशीलता के लिये प्रेरित करना था।
टाई उदयपुर चेप्टर के अध्यक्ष विनय राठी ने बताया कि कार देखो के अनुराग जैन ने व्यवसाय बनाने और बड़ा सोचने पर अपना दृष्टिकोण प्रस्तुत किया। उन्होंने ने कहा कि उदयपुर जीने और व्यवसाय करने के लिए एक रणनीतिक जगह है। आने वाले समय में, बैंगलोर, मुंबई आदि जैसे मेट्रो शहरों के उद्यमी उदयपुर जैसे टियर 2 शहरों में बसना चाहेंगे।
टर्बाेस्टार्ट के शिव ने यह माना कि 10 में से 1 स्टार्टअप सफल और लाभदायक होना चाहिए। उनका ऐसा मानना है कि सफल होने के लिए एक इकोसिस्टम बनाना चाहिए ताकि स्टार्टअप ट्रैक पर रहें और सफल हों। उद्यमिता, मेंटरिंग और बड़ा सोचने की इच्छा टियर 2/3 शहरों में सफल होने के मुख्य घटक हैं और ज्प्म्ब्व्छ जैसे इवेंट्स उन ऐसे गैप्स के लिये एक सेतु का काम कर रहे हैं।
इसके अलावा हेल्थकेयर फॉर भारत 2027 सेशन में सन् 2027 में भारत में चिकित्सा के भविष्य पर मंथन किया गया और 1, 2 और 3 की आवश्यकता निकल कर आई अर्थात् 2027 तक भारत में बेहतर चिकित्सा के लिए 1 मिलियन डॉक्टर्स,  2 मिलियन नर्सों  और 3 मिलियन बिस्तरों की ज़रूरत होगी।
कल्टीवेटिंग कॉन्फिडेंस इन टियर 2/3 एंट्रेप्रेन्यरशिप सेशन में टियर 2/3 के शहरों के बारें में लोगों के पूर्वाग्रह बदलने पर चर्चा हुई और उपस्थित प्रतिभागियों को बताया कि किस तरह इन उद्यमियों ने पूर्वाग्रहों को चुनौती देते हुए आत्मविश्वास हासिल किया और इन शहरों में एक ऐसा इकोसिस्टम बनाया जहां वैश्विक इन्वेस्टर्स, सामान्य जनता और व्यवसायिक लोगों का इन शहरों के प्रति नज़रिया बदल गया।
एक अन्य सेशन में प्रतिभागियों ने सफल उद्यमियों से जाना कि किस तरह भारत में तकनीक में नवाचार असीमित अवसर प्रदान कर रहे हैं और किस तरह इन नवाचारों को अपना कर इनके द्वारा उभरते बाज़ारों तक पहुँचा जा सकता है। एवरस्टोन के सीनियर डायरेक्टर प्रशांत देसाई ने अपनी किताब आर्ट एंड साइंस ऑफ़ लर्निंग फ्रॉम मिस्टेक के माध्यम से अपनी जीत, हार और उनसे सीख के अनुभव साझा किए। 15 से अधिक स्टार्टअप्स ने अपने उत्पाद प्रदर्शित किए।
समिट में देश की जानीमानी कम्पनियों टायनोर के अभयनूर सिंह, कार देखो के अनुराग जैन, रेड क्लिफ़ लैब्स के धीरज जैन, हेल्थक्वॉड के डॉ.पिनाक श्रीखण्डे, टर्बाे स्टार्ट के शिवकुमार जनार्धनन, जयपुर वॉच कंपनी के गौरव मेहता, टाई इंडिया एंजल्स के महावीर प्रताप शर्मा, अदाणी के नितिन सेठी,एवरस्टोन के प्रशांत देसाई,बूस्ट मनी के प्रशांत पालीवाल, चलो के प्रियासिंह,गो अपटिव के राजशेखर पर्चा,नो ब्रोकर के सौरभ गर्ग, डॉट पे के शैलाज़ नाग,कोटक महिंद्रा बैंक के शेखर भंडारी, ऑटो कैपिटल के सुमित छाजेड़, टाईग्लोबल के किरण देशपांडे, शैल्बी हॉस्पिटल्स के डॉ.राकेश शाह,टाई ग्लोबल के मुरली बुक़ापटनम्,वेल्दी के आदित्य अग्रवाल, बी यंग के शिवम् सोनी, आईआईएम उदयपुर के प्रोफेसर अशोक बनर्जी,जनोहेल्थ के सिद्दार्थ गड़िया, मेटा के विकास पुरोहित, जीतो के सागर गोसालिया, मारवाड़ी कैटेलिस्ट के सुशील शर्मा भाग लिया। समिट के दौरान कई उपयोगी सेशंस रखे गये जिनमें विशेषज्ञों से लाभ मिला।
चलो की को-फ़ाउण्डर प्रिया सिंह और मेटा के विकास पुरोहित, अड़ानी के चीफ डिजिटल ऑफिसर नितिन सेठी ने भी भाग लिया। हाउ टू फेल बेटर-अपनी ग़लतियों से सीखने की कला और विज्ञान पर आयोजित सेशन एव स्टोन के सीनियर डायरेक्टर प्रशांत देसाई द्वारा लिया गया।
इंश्योरेंस पड़ौसी, वन डोज़ और मैड ओवर बिल्डिंग्स तीन सर्वश्रेष्ठ स्टार्टअप चुने गये और इन्हें पुरस्कृत किया गया। दीपक भंसाली द्वारा समिट में शामिल हुए एक्सपर्ट्स, उद्यमियों और प्रतिभागियों को धन्यवाद के साथ दो दिवसीय समिट का समापन हुआ।

By Udaipurviews

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