उदयपुर और बांसवाड़ा संभाग के वकीलों का मिला समर्थन
उदयपुरा। बीकानेर में वर्चुअल सर्किट बेंच शुरू होने के बाद उदयपुर के वकीलों ने विरोध शुरू कर दिया। सोमवार को न्यायालय परिसर में सांकेतिक हड़ताल के जरिए अपना विरोध दर्शाया तथा अदालती कामकाज का बहिष्कार किया।
उदयपुर बार एसोसिएशन के अध्यक्ष भरत जोशी ने बताया कि बीकानेर में वर्चुअल सर्किट बेंच शुरू किए जाने के विरोध में उदयपुर के सभी अधिवक्ताओं ने सुप्रीम कोर्ट के मुख्य न्यायाधिपति और केन्द्रीय विधि मंत्री के निर्णय पर विरोध जताया। उन्होंने कहा कि पिछले चार दशक से चली आ रही मेवाड़ की मांग और चलाए जा रहे आंदोलन के बावजूद राज्य और केन्द्र सरकार ने इस ओर ध्यान नहीं दिया। उदयपुर संभाग के अलावा बांसवाड़ा संभाग के अधिवक्ताओं ने भी अपना विरोध जताया। सोमवार को उदयपुर के जिला न्यायालय परिसर में धरने पर बैठे अधिवक्ताओं ने केन्द्र सरकार और केंद्रीय कानून मंत्री के खिलाफ नारेबाजी की। बार एसोसिएशन के महासचिव राजेश शर्मा का कहना है कि डबल इंजन की सरकार ने उदयपुर के साथ धोखा किया है। जबकि बीकानेर में वर्चुअल सर्किट बेंच की स्थापना के साथ ही उदयपुर में भी वर्चुअल सर्किट बेंच शुरू किए जाने का आश्वासन विधि मंत्री ने दिया था। कहा गया कि इस संबंध में उदयपुर के वकील रणनीति तय कर आंदोलन को दिशा देंगे।
चालीस साल से उदयपुर में चल रहा हाईकोर्ट बेंच की मांग का आंदोलन
उदयपुर में हाईकोर्ट बेंच की स्थापना को लेकर पिछले चालीस साल से आंदोलन जारी है। जिसको लेकर उदयपुर और बांसवाड़ा संभाग के अधिवक्ता हर महीने की सात तारीख को न्यायिक कामकाज का बहिष्कार करते आए हैं। कई बार यह आंदोलन एक महीने से लेकर छह महीने तक लगातार चला। पूर्व विधानसभा अध्यक्ष एवं वरिष्ठ अधिवक्ता शांतिलाल चपलोत सहित कई अधिवक्ता भूख हड़ताल पर भी रहे। ताजा अपडेट के मुताबिक राज्य सरकार ने हाई कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश को उदयपुर में हाईकोर्ट बेंच की स्थापना को लेकर अनुशंसा पत्र लिखा था लेकिन मुख्य न्यायाधीश ने उदयपुर में हाईकोर्ट बेंच की आवश्यकता को नकार दिया।
बीकानेर में वर्चुअल सर्किट बेंच के शुरू होने पर उदयपुर के वकीलों का विरोध
