डॉ. गिरिजा ने पीएम मोदी से मांगा पुरानी गारंटियों का हिसाब

गारंटी कानून नहीं बनने तक तब तक गारंटी सिर्फ एक वादा
उदयपुर: कांग्रेस की वरिष्ठ नेता पूर्व केन्द्रीय मंत्री एवं राष्ट्रीय महिला आयोग की पूर्व अध्यक्ष डॉ. गिरिजा व्यास ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से उनकी पुरानी गारंटियों का हिसाब मांगा है। उन्होंने कहा, जब तक कोई गारंटी कानून नहीं लाया जाता, तब तक सब सिर्फ वादे ही हैं।
डॉ. व्यास लम्बे समय बाद शनिवार को मीडिया से मुखातिब थीं। उन्होंने कहा कि कांग्रेस नेता राहुल गांधी अपने वादों को कानून बनाने की बात कह रहे हैं और वादों को पूरा करने का सही तरीका भी कानून बनाना ही है। उन्होंने खाद्य सुरक्षा कानून का जिक्र करते हुए कहा कि जब यह कानून पास हो रहा था तब तबीयत खराब होने के बावजूद सोनिया गांधी सदन में उपस्थित रहीं, क्योंकि कांग्रेस का हमेशा से मानना है कि जनता को जो भी लाभ देना है उसे कानूनी अमलीजामा पहनाना चाहिए। राहुल गांधी न्याय यात्रा में देश में खाली 30 लाख पदों को भरने के लिए कानून लाने की बात कह रहे हैं। वह स्टार्टअप को पांच साल तक लोन, बेरोजगार को नौकरी मिलने तक भत्ता अनिवार्य करने के लिए कानून लाने की बात कर रहे हैं। उन्होंने कहा, पीएम नरेंद्र मोदी ने अपने पहले कार्यकाल से पहले कई वादे भारतीय जनता से किए थे, उन्हें वह कब पूरा करने जा रहे हैं, बताएं। उन्होंने काला धन खत्म करने के साथ सभी के खातों में पैसे डालने का वादा किया था। किसानों को एमएसपी की गारंटी दी थी, उनका क्या हुआ? उन्होंने पीएम पर आरोप लगाया कि वह सिर्फ जुबानी गारंटी दे रहे हैं।
अब नहीं लड़ेंगी चुनाव
चुनाव लड़ने के सवाल पर डॉ. गिरिजा ने कहा, उन्होंने चुनाव लड़ना छोड़ दिया है। अब कभी वह चुनाव नहीं लड़ेंगी। भाजपा में जाने के सवाल पर उन्होंने कहा, वह कांग्रेस में मरते दम तक बनी रहेंगी और हमेशा संगठन में काम करेंगी। जिसको जाना है, वह पार्टी बदले। उन्होंने कहा कि मेरे खून का रंग लाल नहीं तिरंगा है और तिरंगा ही रहेगा। हालांकि उन्होंने कांग्रेस की वर्तमान स्थिति को लेकर दुख जताया। गौरतलब है कि डॉ. गिरिजा केन्द्रीय मंत्री के अलावा केन्द्रीय महिला आयोग की अध्यक्ष, प्रदेश कांग्रेस कमेटी की अध्यक्ष भी रह चुकी हैं।
पीएम मोदी पर हुई पलटवार
कांग्रेस नेता डॉ. गिरिजा व्यास ने पीएम पर पलटवार करते हुए कहा कि मोदी हर जगह राजनीति करते हैं, चाहे वह मंदिर हो या राष्ट्रपति भवन का उद्घाटन। राम मंदिर का उद्घाटन राष्ट्रपति से कराया जाना चाहिए था। उन्होंने सवाल उठाया कि राष्ट्रपति के आदिवासी होने के कारण उनसे राम मंदिर का उद्घाटन नहीं कराया।
ट्रेन का कोई कंपार्टमेंट बदलना चाहे तो कौन रोकेगा
पार्टी बदलने वाले नेताओं को लेकर उन्होंने कहा कि यदि कोई ट्रेन का कंपार्टमेंट बदलना चाहे तो कौन रोक सकता है। वागड़ क्षेत्र के कांग्रेस के कद्दावर नेता रहे महेंद्रजीत सिंह मालवीया के पार्टी छोड़ने के मामले में उन्होंने कहा कि यह मर्जी है, कौन, कहां रहना चाहे? उदयपुर कांग्रेस में चल रही अंतर्कलह पर उन्होंने कहा कि अकेले में रो लेती हूं।
By Udaipurviews

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