भाजपा के उदयपुर संसदीय सीट से बनाया प्रत्याशी
संवाद सूत्र, उदयपुर : सरकारी सेवा में रहते हुए वनवासी कल्याण परिषद में निभाए दायित्व का प्रतिफल रहा कि मन्नालाल रावत को भाजपा ने उदयपुर संसदीय सीट से अपना प्रत्याशी बनाया है। भाजपा की जारी पहली सूची में शामिल उनका नाम शामिल किया गया और मौजूदा सांसद अर्जुनलाल मीणा का टिकट काटते हुए उन्हें मौका दिया गया है।
प्रतापगढ़ जिले के रहने वाले मन्नालाल रावत उदयपुर में जिला परिवहन अधिकारी, एआरटीओ, आरटीओ के पद पर रह चुके हैं और वर्तमान में राजस्थान परिवहन विभाग में अतिरिक्त आयुक्त के रूप में जयपुर में सेवाएं दे रहे हैं। राजकीय सेवा में होने से वह अभी तक भाजपा के कार्यक्रमों में कभी नहीं दिखाई दिए किन्तु आदिवासी समाज में उनकी पकड़ जबरदस्त रही है और भाजपा इसे भुनाना चाहती है। एक टिकट के जरिए समूचे आदिवासी समाज को पार्टी से जोड़ने का काम भाजपा करना चाहती है। आदिवासी समाज में भारत आदिवासी पार्टी की बढ़ती पैठ को रोकने के साथ कांग्रेस को कमजोर करने के इरादे से यह कदम उठाया प्रतीत होता है।
यह माना जा रहा है कि रावत के वनवासी कल्याण परिषद में लंबे समय से आदिवासी क्षेत्रों में काम किए जाने के चलते भाजपा ने उन्हें मौका दिया है। राजनीतिक विशेषज्ञों की मानें तो राष्ट्रीय सेवक संघ ने उनका नाम आगे बढ़ाया था, जिस पर भाजपा के दिग्गज नेता रहे और असम के मौजूदा राज्यपाल गुलाबचंद कटारिया की भी सहमति रही।
टिकट मिलने के बाद रावत ने बताया कि उन पर भाजपा एवं पार्टी के बड़े नेताओं ने भरोसा जताया है और वह उसे पूरा करेंगे। उदयपुर में पर्यटन, आदिवासी विकास तथा शिक्षा नीति को लेकर बेहतर काम उनकी प्राथमिकता रहेगी।
उल्लेखनीय है कि झाड़ोल विधायक बाबूलाल ख्रराड़ी ने आदिवासी क्षेत्र एवं वनवासी कल्याण परिषद के लिए लंबे समय से काम किया और भाजपा ने उन्हें राजस्थान में सरकार बनने पर कैबिनेट मंत्री पद देकर नवाजा।
मन्नालाल रावत को वनवासी कल्याण परिषद में किए काम का मिला इनाम
