काउंसलिंग के लिए नहीं आई पत्नी सुदर्शना
अब 15 मार्च को होगी सुनवाई
उदयपुर। हिमाचल प्रदेश के दिवंगत पूर्व मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह के बेटे पीडब्ल्यूडी मंत्री विक्रमादित्य सिंह शुक्रवार को उदयपुर की कमर्शियल कोर्ट में पेश हुए। जहां न्यायाधीश महेंद्र दवे के समक्ष विक्रमादित्य सिंह एवं उनकी पत्नी सुदर्शना की काउंसलिंग होनी थी, किन्तु सुदर्शना सिंह के अदालत में पेश नहीं होने से अब दोनों को आगामी 15 मार्च को पेश होने के लिए कहा गया है।
सुदर्शना सिंह के वकील वरिष्ठ अधिवक्ता भंवर सिंह देवड़ा ने बताया कि शुक्रवार को हिमाचल के मौजूदा सार्वजनिक निर्माण मंत्री विक्रमादित्य सिंह पेशी पर उपस्थित हुए। उनके खिलाफ उदयपुर की अतिरिक्त मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट क्रम 2 की अदालत में घरेलु हिंसा के अलावा पारिवारिक न्यायालय में तलाक को लेकर अलग—अलग केस चल रहे हैं। तलाक मामले में दोनों पति—पत्नी के बीच काउंसलिंग की प्रक्रिया के तहत विक्रमादित्य सिंह तथा उनकी पत्नी सुदर्शना सिंह को शुक्रवार को पेश होना था। तय पेशी पर विक्रमादित्य सिंह शुक्रवार को अदालत आए, किन्तु सुदर्शना सिंह ने परीक्षा के चलते अदालत में माफी पेशी पेश कर दी थी। जिसके चलते काउंसलिंग की प्रक्रिया नहीं हो पाई और न्यायाधीश महेंद्र दवे ने दोनों को आगामी 15 मार्च को अदालत में पेश होने के कहा है।
सुदर्शना को भरण—पोषण के लिए मिलेंगे हर महीने चार लाख
उदयपुर के पारिवारिक न्यायालय क्रम—3 ने विक्रमादित्य सिंह के खिलाफ दिए फैसले में उन्हें आदेश दिए कि उन्हें अपनी पत्नी को भरण—पोषण के रूप में हर महीने 4 लाख रुपए देना होगा। गौरतलब है कि मंत्री विक्रमादित्य की पत्नी सुदर्शना सिंह राजसमंद के चुण्डावत आमेट रियासत परिवार से आती हैं। उन्होंने अक्टूबर 2022 में उदयपुर कोर्ट में घरेलु हिंसा एक्ट के तहत पति के खिलाफ परिवाद पेश किया था। विक्रमादित्य सिंह और सुदर्शना की शादी मार्च 2019 में जयपुर में हुई थी। उनका परिवार शिमला का पूर्व राजघराने से है और पीहर भी 16 उमराव में से एक आमेट से हैं। शादी के बाद पति—पत्नी के बीच आपसी मतभेद बढ़ते गए और सुदशना ने ससुरालवालों पर परेशान करने का आरोप लगाया था। कोविड महामारी के समय से दोनों अलग—अलग रह रहे हैं। इसके बाद उदयपुर कोर्ट में वाद दायर किया था।
हिमाचल के मंत्री विक्रमादित्य उदयपुर की कोर्ट में हुए पेश
