प्रधान ने बीडिओ पर लगाया अधिकारो हनन का आरोप
सीईओ ने लिया प्रसंज्ञान,बीडिओ से मागां स्पष्टीकरण
-माधव मेनारिया
वल्लभनगर। पंचायत समिति वल्लभनगर में गत सप्ताह हुए तबादलों को लेकर घमासान शुरू हो गया हैं। विकास एवं कार्यक्रम अधिकारी ने अपने स्तर पर रोजगार सहायक,कनिष्ठ लिपिक व ग्राम विकास अधिकारी के तबादले अपनी मनमर्जी से कर दिए। प्रधान देवी लाल नंगारची ने विकास अधिकारी पर अपने अधिकारों का हनन करने का आरोप लगाया हैं। ईसको लेकर प्रधान कलक्टर और सीईओं को पत्र लिखा। जिसमें प्रधान ने पत्र में लिखा कि प्रशासन, स्थापना एंव स्थायी समिति के अध्यक्ष के नाते मेरी बिना सहमति एंव अनुपस्थिति में पंचायत समिति प्रशासन द्वारा दिनांक 20 फरवरी 2024 को ग्राम.वि.अ. एंव कनिठ सहायक अ. तथा ग्राम रोजगार महा.पं.स.व संस्था में जो स्थानान्तरण के आदेश जारी किये जो बिना नोट शीट तथा प्रशासन एंव स्थापना स्थायी समिति कि बिना बैठक बुलाये तथा कमेठी की सदस्य डोली खारोल कमला बाई डांगी लगातार 4 कमवर्ती बैठको में अनुपस्थित रही अतः मैं समिति के अध्यक्ष होने के नाते तुरन्त प्रभाव से निरस्त किये जाने की अनुशंसा करते हुए विकास अधिकारी जो को इस प्रकिया में नीति-नियमों की अवहेलना पर स्पष्टीकरण प्रस्तुत करने के निर्देश दिए। इसकी प्रतिलिपी सुचनार्थ एवं आवश्यक कार्यवाही हेतु जिला कलेक्टर एवं जिला प्रमुख और मुख्यकार्यकारी अधिकारी, उदयपुर को भेजी हैं। जिस पर मुख्यकार्यकारी अधिकारी उदयपुर ने विकास अधिकारी विरेन्द्र कुमार व्यास से इस प्रकार तबादले करने को लेकर स्पष्टीकरण मांगा हैं।
वल्लभनगर पचायत समिति के प्रधान नंगारची द्वारा आरोप लगाने के बाद इन तबादलों को लकर राजनीतिक शुरू हो गई हैं। कई पंचायतों में तो राज्य सरकार के आदेशों की जमकर धज्जियां उडी। बता देकि 26 फरवरी को सरकार ने सभी ग्राम पंचायतों पर विशेष ग्राम सभाऐं आयोजीत कराने के निर्देश दिए थे। लेकिन उक्त आदेश केवल औपचारिक बनकर ही रह गए। उदाहरण के तौर पर पंचायत समिति के मेनार ग्राम पंचायत पर 26 तारीख को मीडियाकर्मी पंहुचे तो केवल एक मात्र कर्मचारी ही दिखा। जानकारी लेने पर पाया कि पंचायत प्रशासन द्वारा ग्राम सभा की किसी को भी जानकारी तक नहीं दी गई। पंचायत में मीडियाकर्मियों के जाने की विकास अधिकारी को भनक लगी तो आनन-फानन में तबादला किए गए ग्राम विकास अधिकारी पुनः मेनार पंचायत भेज दिया। पडताल की जाए तो पंचायत समिति क्षेत्र की कई ग्राम पंचायतों में ग्राम सभाए केवल कागजों में ही हुई।
