विकसित भारत के लिए स्वदेशी तकनीक विषय पर सेमीनार का हुआ आयोजन

विज्ञान दिवस पर
उन्नत प्रौद्योगिकी उन्नत जीवन का पूरक है  – कुलपति सारंगदेवोत।
मोबाइल टेक्नोलॉजी देश की संचार क्रांति का प्रमुख आधार – डॉ. हरीश सेठ

उदयपुर 28 फरवरी / यह वैज्ञानिक युग है तथा इसरो के वैज्ञानिक विज्ञान के क्षेत्र में अतुलनीय प्रतिभा के साथ निरंतर योगदान दे रहे हैं तथा इसरो अपने अंतरिक्ष इतिहास में लगभग 194 मिशन पर कार्य कर रहा है जिसमें प्रमुख रूप से 83 लॉन्च मिशन, 111 सेटेलाइट मिशन, 372 फॉरेन सैटेलाइट एवं 10 स्टूडेंट्स सेटेलाइट आदि शामिल है, ये विचार 28 फरवरी को विज्ञान दिवस के उपलक्ष्य में जनार्दन राय नागर राजस्थान विद्यापीठ प्रताप नगर परिसर के कुलपति सचिवालय सभागार में विकसित भारत के लिए स्वदेशी तकनीक  विषय पर आयोजित सेमिनार में प्रमुख सान्निध्य के रूप में इसरो के वरिष्ठ वैज्ञानिक डॉ हरीश सेठ ने व्यक्त किए। उन्होंने चंद्रयान 3- अदर प्लेनेटरी मिशन एंड आउटकम के संदर्भ में विस्तृत वर्णन करते हुए कहा कि आज हम नई-नई टेक्नोलॉजी पर काम कर रहे हैं कुछ समय पहले अधिकांश मोबाइल हम बाहर से इंपोर्ट करते थे और वही आज हम पूरे विश्व के दूसरे नंबर के मोबाइल मैन्युफैक्चरर हो गए हैं एवं सबसे ज्यादा मोबाइल उपभोक्ता है आप देखें टेक्नोलॉजी से आज शहर से गांव के कोने-कोने तक मोबाइल की पहुंच हो गई है जिससे सरकार ने जन आधार अकाउंट खोले हैं जिसकी मदद से गरीब व्यक्ति को आर्थिक सहायता पहुंचाई जा सकी है स
इससे पूर्व राजकीय महाविद्यालय बांसवाड़ा के रिटायर्ड प्रो डॉ. सुरेश सांखला, अध्यक्षता कुलपति प्रो कर्नल एस.एस. सारंगदेवोत ने मां सरस्वती के समक्ष दीप प्रज्वलन कर शुभारंभ किया।
मुख्य अतिथि डॉ सुरेश सांखला ने कहा कि इस दिन महान वैज्ञानिक सीवी रमन ने रमन इफेक्ट की खोज की थी, जिसके लिए उन्हें विश्व का सबसे बडे पुरस्कार नोबेल से सम्मानित किया गया था सर सीवी रमन के इस उपलब्धि के उपलक्ष्य में आज विज्ञान दिवस के रूप में मनाया जाता है। उन्होंने कहा कि इस साल राष्ट्रीय विज्ञान दिवस 2024 की थीम श्विकसित भारत के लिए भारतीय स्वदेशी प्रौद्योगिकीश् तय हुई है। उन्होंने कहा कि इस प्रकार के कार्यक्रम से छात्रों व शोधार्थियों में वैज्ञानिक सोच का निर्माण होता है ।
अध्यक्षीय उद्बोधन में विद्यापीठ के कुलपति प्रो. कर्नल एस. एस .सारंगदेवोत  ने विज्ञान दिवस पर सर्वप्रथम महान भारतीय वैज्ञानिक व आदर्श डॉ सी वी रमन को नमन करते हुए  कहां की आज के इस युग में वही देश सक्षम है जो प्रौद्योगिकी में अव्वल है, आज बहुत से राष्ट्र जिनकी जनसंख्या बहुत कम है फिर भी विश्व पटल पर वह नेतृत्व कर रहे हैं उसका एकमात्र कारण उन देशों की उन्नत प्रौद्योगिकी ही है स उन्होंने इस अवसर पर पधारे अतिथियों एवं आयोजकों का आभार व्यक्त करते हुए वैज्ञानिक युग में छात्रों को प्रेरणा देते हुए कहां की आज उन्नत चिंतन ही विज्ञान का उन्नत आधार है। उन्होंने कहा कि विज्ञान दिवस मनाने का उद्देश्य विज्ञान के महत्व के बारे में जागरूक करना और विज्ञान प्रौद्योगिकी के लिए लोगों को प्रोत्साहित करना है। उन्होंने कहा की आने वाले समय में भारत प्रौद्योगिकी की सहायता से विकासशील से विकसित राष्ट्र के रूप में अति शीघ्र सम्मिलित होगा एवं भारत एक बार पुनः विश्व गुरु के रूप में अपनी पहचान बनाएगा सउन्होंने इस अवसर पर उदयपुर में जन्मे ऋषि वैज्ञानिक डॉक्टर दौलत सिंह कोठारी के व्यक्तित्व  कृतित्व एवं उनके अतुलनीय योगदान को भी स्मरण किया।
इस अवसर पर विश्वविद्यालय के विज्ञान संकाय की निदेशक डॉ. सपना श्रीमाली ने सभी अतिथियों का स्वागत परिचय कराते हुए विज्ञान दिवस पर शुभकामना प्रेषित की तथा उन्होंने पूरे विज्ञान संकाय की ओर से ज.रा.ना.राजस्थान विद्यापीठ के कुलपति प्रो. कर्नल एस. एस .सारंगदेवोत को शिक्षा में नवीन पद्धतियों और नवाचारों का अन्वेषण कर उनके संवर्धन में अनुपम अवदान के लिए यूनिवर्सिटी ऑफ मलेशिया, केलांतन और  डी एच एस फाउंडेशन द्वारा आयोजित एक अंतरराष्ट्रीय संगोष्ठी में बेस्ट वाइस चांसलर उपाधि से सम्मानित करने पर अभिनंदन किया गया।
इस अवसर पर कार्यक्रम का संचालन डॉ.सिद्धिमा शर्मा ने किया तथा आभार डॉ. मंगल श्री दुलावत ने व्यक्त किया।
इस अवसर पर डॉ.दीप्ति सोनी , डॉ भावेश जोशी, डॉ उत्तम प्रकाश शर्मा, डॉ खुशबू जैन , सुश्री लालिमा शर्मा , सुश्री शक्तिका चैधरी, डॉ पूजा जोशी, सुश्री हिमानी, डॉ जय सिंह जोधा ,डॉ यज्ञ आमेटा तथा विद्यापीठ के डीन डायरेक्टर्स आदि उपस्थित रहे।

By Udaipurviews

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