उदयपुर। नगर निगम देहली गेट स्थित धार्मिक स्थल के चारों तरफ बनी कथित अवैध 42 दुकानों को सीज करने की तैयारी में है। इसके लिए उन सभी दुकानों को नोटिस जारी कर उनसे स्वामित्व के दस्तावेज मांगे हैं। एक सप्ताह में उनके दस्तावेज उपलब्ध नहीं कराए जाने पर उन्हें सीज किए जाने के बाद ध्वस्त भी किया जा सकता है।
मिली जानकारी के अनुसार देहली गेट चौराहे पर धार्मिक स्थल के चारों ओर बनी दुकानों को निगम ने अवैध बताया है। जहां दुकानें बना दी गई और उन्हें किराए से उठा दिया गया और पूरा बाजार विकसित हो गया। जिनमें से कई दुकानों में ई मित्र संचालित हैं। गुरुवार को नगर निगम ने इन सभी दुकानों के संचालकों को नोटिस देकर स्वामित्व के दस्तावेज मांगे हैं। मिली जानकारी के अनुसार दुकानदारों के पास इन दुकानों के किसी तरह के दस्तावेज नहीं हैं। ऐसे में वह नगर निगम के मेयर जीएस टांक से मिलने भी पहुंचे और उनसे इस मुद्दे पर बहस भी हुई थी।
प्रार्थना करने दी थी जमीन
इधर, मेयर जीएस टांक का कहना है कि देहली गेट के समीप धर्म स्थल के पास की खाली जमीन राज्य सरकार ने प्रार्थना के लिए दी थी। किन्तु धीरे—धीरे यहां दुकानें बना दी गई और कब्जा होता चला गया। यह कब्जा अब सड़क तक पहुंच गया।
देहली गेट स्थित 42 दुकानों को सीज करने की तैयारी
