उदयपुर 2 सितम्बर। लेकसिटी में विगत पांच दिन से चल रही विघ्नहर्ता भगवान श्री गणेश के 1001 मनोहारी स्वरूपों की प्रदर्शनी का समापन शुक्रवार को हुआ। इस अवसर पर शहर के ख्यात इतिहास और संस्कृति वेत्ता डॉ. श्रीकृष्ण जुगनू ने विनायक की आराधना और पूज्य प्रतिष्ठा के साथ मनोरथ सिद्धि में भारतीय भावना के परिचायक शिव गौरी नंदन की महिमा को रेखांकित किया। उनके साथ सेवानिवृत मनोविज्ञान व्याख्याता और प्रसिद्ध समाजसेवी डॉ. विजय लक्ष्मी चौहान ने विचार व्यक्त करते कहा कि पिछले दिनों से शहर में प्रतिमाओं, चित्रकृतियों और अन्य माध्यम शैलियों के संग्रह की प्रयोगधर्मी इस प्रदर्शनी को जिस लोक हितार्थ भाव से आमजन के सम्मुख प्रस्तुत किया गया वो वाकई सराहनीय है।
इस अवसर पर पूर्व प्रशासनिक अधिकारी दिनेश कोठारी ने ऐसे आयोजन में जनसहभागिता बढ़ाए जाने और इसे प्रति वर्ष किए जाने की बात कही। इससे पूर्व जनसंपर्क विभाग के उपनिदेशक डॉ.कमलेश शर्मा ने भी इस आयोजन की सफलता पर बधाई देते हुए कहा कि प्रकृति के कण-कण में ईश्वर व्याप्त है ठीक उसी तरह विघ्न विनायक के भी कई स्वरूपों को कलासर्जकों ने उकेरा है।
अरुणोदय आर्ट गैलरी के एमडी पुष्पेंद्र परमार ने अतिथियों सहित सभी उपस्थित कलाकारों को मेवाड़ी पगड़ी उपरना और स्मृति चिन्ह से सम्मान दिया। इस दौरान संग्रहकर्ता राकेश शर्मा राजदीप, आर्यन परमार, वरिष्ठ चित्रकार रघुनाथ शर्मा, शरद भारती, पत्रकार सुभाष शर्मा, राजेश वर्मा, फोटो जर्नलिस्ट ताराचंद गवारिया, मनीष कोठारी, प्रतिभाशाली युवा कलाकार डॉ. निर्मल यादव, डॉ. चित्रसेन, दुर्शित भास्कर, मनदीप मीरा शर्मा, राहुल माली, विजेंद्र सिंह देवड़ा, कमलेश डांगी, भावेश सुथार, रणवीर सिंह आदि मौजूद रहे। प्रदर्शनी का समापन राष्ट्रगान से हुआ।
पांच दिवसीय गणेश दर्शन प्रदर्शनी सम्पन्न-सम्मोहक रही गजानन के 1001 स्वरुपों की प्रदर्शनी
