उदयपुर, 13 जनवरी। राष्ट्र सेविका समिति, उदयपुर की सेविकाओं ने धूमधाम से मकर संक्रांति उत्सव मनाया। गुलाब बाग़ के मैदान में सेविकाओं ने सितोलिआ एवं अन्य पारंपरिक खेल खेले एवं समरसता की भावना के साथ तिल – गुड़ का आनंद लिया।
मुख्य वक्ता धरा गुप्ता ने कहा कि इस दिन सूर्य मकर राशि में प्रवेश करता है। अतः इस पर्व को मकर संक्रमण कहते हैं। सूर्य का अब उत्तरी गोलार्ध की ओर प्रवास प्रारम्भ हो जाता है। अतः इसे उत्तरायण भी कहा जाता है।
इस दिन तिलगुड़ का भी विशेष महत्त्व है। तिल के लड्डू में जिस तरह तिल के दाने एक दूसरे से जुड़े रहते हैं, उसी भांति हमें समाज के लोगों को मधुरता के साथ आप में जोड़ के रखना है। साथ ही युवा पीढ़ी को दान के महत्त्व के बारे में बताते हुए कहा कि हम जो भी प्राप्त करते हैं, उस पर समाज का भी अधिकार है। अतः बाल्यकाल से ही दान देने की भावना पनपनी चाहिए।
