जेंडर संवदेनशीलता बढ़ाने में स्थानीय मीडिया की सक्रिय भागीदारी जरूरी

मिडिया कार्यशाला सम्पन्न
उदयपुर। यूनिसेफ राजस्थान व जतन संस्थान के संयुक्त तत्वाधान में उदयपुर जिला स्तर पर  जेंडर से जुडी अवधारणाओं को लेकर एस.आर. रेस्टोरेंट शोभागपुरा उदयपुर में मीडियाकार्मिको के साथ साझा समझ विकसित बनाने के लिए कार्यशाला का आयोजन किया गया। जिसमें मुख्य व्यक्ता जेंडर व मीडिया पर तीन दशक से कार्य कर रहे लखनऊ से आये नासरुद्दीन हैदर खान थे।
कम्युनिकेशन स्पेशलिस्ट यूनिसेफ राजस्थान से अंकुश सिंह द्वारा मिडिया कार्मियों को कार्यक्रम की रूपरेखा व उद्देश्य बताए गए जिनमें जेंडर से जुडी अवधारणाओं पर साझा समझ विकसित  क्यों जरुरी है जिससे कि संवेदशीलता के साथ जेंडर समता, समानता  को बढ़ावा देने के मिल सकंे।
व्यवहार परिवर्तन विषय विशेषज्ञ मंजरी पन्त ने ब्रेकिंग द कल्चर ऑफ साइलेंस पर अपनी बात रखते हुए कहा कि महिलाओं व किशोरियों से जुड़े जेंडर भेदभाव से जुड़े केस लगातार बढ़ रहे है, इन घटनाओं को अनदेखा कर आगे बढ़ने की बजाय आवाज उठाना बहुत जरुरी है।
नासरुद्दीन हैदर खान द्वारा संभागियों को पीपीटी के माध्यम से उनके समाचारों में “महिलाओं से जुडी शब्दावली” को कैसे प्रिंट व इलेक्ट्रॉनिक मिडिया प्रस्तुत किया जाये पर बात कि तथा एक सर्वे रिपोर्ट के माध्यम से बताया कि महिलाओं की गरिमा से जुडे चिंताजनक शब्द प्रस्तुत किये जाते है। ख़बर लिखते समय कुछ शब्दों का ध्यान रखा जाए तो लोगों की सोच में बड़ा बदलाव आ सकता है मसलन बलात्कार के अपराध के लिए दुष्कर्म जैसे शब्दों का प्रयोग अपराधी को बचाता है, साथ ही अंग्रेजी में नए शब्द लगातार ऐड हो रहे है अतः हमें भी हिंदी भाषा में जेंडर से जुड़े संवेदनशील शब्दों के चयन पर जोर देना होगा जिससे कि समुदाय में बदलाव में मीडिया अहम् भूमिका निभा सके। महिलाओं व किशोरियों से जुडी क्राइम से जुडी खबरों को मिडिया में अगर बड़े स्थान की बजाय जो कोर्ट द्वारा सजा दी जा रही है उसे भी बड़े रूप में प्रकाशित किये जाने की जरुरत है। इसके बाद नासरूद्दी ने जेंडर को बड़े रोचक तरीके से खेल माध्यम से समझाया। संभागियों को सकारात्मक शब्दावली का प्रयोग बढ़ाने व जेंडर न्यूट्रल रूप से खबरों को प्रकाशित करने हेतु मीडियाकार्मिको को प्रेरित किया गया।
जतन संस्थान के निदेशक डॉ. कैलाश बृजवासी ने उपस्थित संभागियों को धन्यवाद ज्ञापित करते हुए गोगुन्दा में संचालित सहयोगी परियोजना के तहत किशोरों के बदलाव की बातें प्रस्तुत किया। मीडिया में जेंडर समता समानता से जुडी पॉजिटिव खबरों को प्रमुख स्थान देने देने हेतु आग्रह किया। इस दौरान कायर्क्रम यूनिसेफ से कंसल्टेंट तबिना, सहयोगी परियोजना प्रोजेक्ट से  शालिनी सिंह,मरुधर, शोभा गोगुन्दा से आयें किशोर समूह के सदस्य व जतन संस्थान के कार्मिक उपस्थित थे।

By Udaipurviews

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