राजस्थान विधानसभा चुनाव: मेवाड़—वागड़ के 7 ऐसे प्रत्याशी जिनकी दो—दो पत्नियां

उदयपुर, 16 नवम्बर.  राजस्थान विधानसभा चुनाव को लेकर प्रचार—प्रसार जोरों पर है और कांग्रेस—भाजपा के अलावा अन्य प्रत्याशी और उनके परिजन दिन—रात एक कर अपने समर्थन में मतदाताओं को जोड़ने में जुटे हैं। दक्षिणी राजस्थान के मेवाड़ और वागड़ अंचल में सात प्रत्याशी ऐसे भी हैं, जिनकी दो—दो पत्नियां है और वह उनके लिए प्रचार में जुटी हैं।
मेवाड़ और वागड़ अंचल में उदयपुर के अलावा राजसमंद, चित्तौड़गढ़, डूंगरपुर, बांसवाड़ा और प्रतापगढ़ शामिल हैं। इनकी 28 विधानसभा सीटों में छह पर सात ऐसे प्रत्याशी मैदान में है, जिनकी दो—दो पत्नियां है। प्रतापगढ़ सीट पर भाजपा-कांग्रेस के दोनों प्रत्याशियों की दो-दो पत्नियां हैं। इन प्रत्याशियों की दोनों पत्नियों ने हाल ही में करवा चौथ का पर्व भी उल्लास से मनाया।
नामांकन पत्र भरे जाने पर सभी प्रत्याशियों ने अपनी दो—दो पत्नियां का जिक्र किया है। उनकी पत्नियां अब चुनाव प्रचार में भी जुटी हुई हैंं। उनमें उदयपुर जिले की वल्लभनगर विधानसभा सीट से भाजपा प्रत्याशी उदयलाल डांगी, खेरवाड़ा से कांग्रेस के प्रत्याशी डॉ. दयाराम परमार के अलावा झाड़ोल से कांग्रेस प्रत्याशी हीरालाल दरांगी शामिल हैं। जिनकी दोनों पत्नियां चुनाव प्रचार में डटी हुई हैं। इसके अलावा प्रतापगढ़ जिले की प्रतापगढ़ विधानसभा सीट से भाजपा के हेमंत मीणा तथा कांग्रेस के प्रत्याशी रामलाल मीणा की दोनों पत्नियां जनता के बीच जाकर अपने—अपने पति के पक्ष में समर्थन मांगने में जुटी हैं। ये तीनों विधानसभा क्षेत्र मेवाड़ अंचल में आती हैं। वागड़ अंचल में शामिल बांसवाड़ा जिले की गढ़ी विधानसभा से भाजपा प्रत्याशी कैलाश चंद्र मीणा तथा घाटोल विधानसभा सीट से कांग्रेस प्रत्याशी नानालाल निनामा की भी दो—दो पत्नियां हैं।
उदयपुर सांसद की भी हैं दो पत्नियां
उदयपुर से भाजपा सांसद अर्जु्नलाल मीणा की भी दो पत्नियां हैं। सांसद मीणा की पत्नियां मीनाक्षी और राजकुमारी सगी बहनें हैं। दिवाली से पहले करवा चौथ पर दोनों पत्नियों ने सांसद की लंबी उम्र के लिए करवा चौथ का व्रत रखा था और सांसद ने अपनी पत्नियों के साथ फोटो भी इंटरनेट मीडिया पर डाली थी।
आदिवासियों में बहु पत्नी प्रथा
यूं तो हिन्दु विवाह अधिनियम के तहत एक ही शादी मान्य है लेकिन राजस्थान के आदिवासियों में बहु पत्नी प्रथा जारी है। हालांकि अब आदिवासियों में भी एक ही शादी का प्रचलन बढ़ा है, किन्तु हजारों ऐसे उदाहरण मिल जाएंगे, जिनमें आदिवासियों की दो या दो से अधिक पत्नियां हैं।

By Udaipurviews

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