उदयपुर। कुक राइट इट राइट ग्रुप की तरफ से उदयपुर के आरटीडीसी होटल कजरी में दादी नानी की रसोई की परंपरा को कायम रखते हुए कहीं गुम ना हो जाए सीजन 6 का आयोजन किया गया।
रॉयल राजस्थान के अध्यक्ष शेफ विमल धर ने बताया कि इस प्रकार के और भी आयोजन समय समय पर पूरे राजस्थान में करवाये जाते रहेंगे। इस प्रतियोगिता का आयोजन बबीता सक्सेना की याद मंे किया गया। जिसका कांसेप्ट था हमारी प्रादेशिक मिलेट थाली।
इस प्रतियोगिता के मुख्य संयोजक डॉक्टर शेफ संगीता धर, फुडीज है हम ग्रुप के मोंटो खान, पैसिफिक इंस्टीट्यूट ऑफ होटल मैनेजमेंट , पसिफ़िक यूनिवर्सिटी, करामात, उपकार आदि थे। प्रतियोगिता में उदयपुर शहर के प्रतिभागियों ने बढ़ चढ़ कर हिस्सा लिया। जिसमें उन्होंने अपने घर से बनाकर लाई हुई देसी मिलेट थाली का प्रदर्शन किया ।
प्रतियोगिता के मुख्य निर्णायक शेफ लव माथुर ,डॉक्टर शेफ सौरभ शर्मा , शेफ विमल धर ,शेफ पुष्पेन्द्र बाला,शेफ़ मुरली गुप्ता,शेफ रूपम सरकार ,शेफ जेकब जॉन रहे जिन्होंने सभी प्रतिभागियों का उत्साहवर्धन किया, साथ ही विजेताओं का चयन किया। प्रतियोगिता में 50 से ज्यादा प्रतिभागियों ने हिस्सा लिया जिसमे एक स्टूडेंट केटेगरी भी रखी गई थी ।
गीता सिंह राठौड़ प्रथम रही। इसी क्रम में प्रथम रनर अप परवीन राज एवं द्वितीय रनर इतरत सिद्दीकी रहें। वाइल्ड कार्ड एंट्री के ज़रिए चौथे फाइनलिस्ट अनिता चुंडावत रहे। स्टूडें केटेगरी में पेसिफ़िक के विनर राजकुमार तेली ,प्रथम रनर्स अप युवराज सिंह , द्वितीय रनर्स अप ख़ुशबू बुलेरिया रहें। सभी प्रतिभागियों को प्रशस्ति पत्र एवं आकर्षित उपहार देकर प्रोत्साहित किया गया। नवगठित रॉयल राजस्थान शेफ सोसाइटी का इस प्रतियोगिता में पूर्ण सहयोग मिला।
करवा चौथ पर अलंकार ज्वैलर्स पर रही लाईवेट ज्वैलरी की डिमांड
उदयपुर। महिलाओं के लिये आज करवा चौथ का विशेष दिन रहा। महिलाओं ने अपने पति की दीघार्यु कामना के लिये निर्जल व्रत रखते हुए सोलह श्रृगंार किये। सोलह श्रृगांर से सजने के लिये अलंकार ज्वैलर्स पर आज प्रातः से ही महिलाओं की विशेष भीड़ रही।
अलंकार ज्वैलर्स के निदेश्का मोहन माखिजा ने बताया कि महिलाआंे ने आज विशेष रूप से ज्वैलरी, कुंदन, कोलकता,डायमंड तथा डायमंड पोलकी की उत्कृष्ट डिजाइनें जिसमें विशेष कर मंगलसूत्र, डायमंड रिंग की डिमांड की। रिजनेबल मेकिंग चार्ज के चलते ग्राहकों का अलंकार ज्वैलर्स पर पूर्ण विश्वास है,जिस कारण शेारूम पर पैर धरने तक की जगह नहीं थी। आज पुरूषों का दिन थी। उन्होंने अपनी पत्नि के लिये स्वर्णाभूषण खरीदें, जिसमें मंगलसूत्र,रिंग,कड़े आदि शामिल थे ताकि आज के दिन को यादगार बना सके।
