डूंगरपुर : कम से कम तीन बार होगी शैडो रजिस्टर की जांच

नामांकन से परिणाम घोषित होने के बाद तक खर्च प्रत्याशी के खाते में जुड़ेगा
डूंगरपुर, 19 अक्टूबर। विधानसभा चुनाव की तारीख नजदीक आने के साथ ही राजनीतिक गतिविधियों, चुनाव खर्च, आदर्श आचार संहिता की पालना सहित अन्य बिंदुओं को लेकर जिला प्रशासन अलर्ट मोड पर है। जिले की चारों विधानसभाओं में राजनीतिक गतिविधियों को लेकर जिला निर्वाचन अधिकारी लक्ष्मी नारायण मंत्री की अगुवाई में पूरी मशीनरी जिले में स्वतंत्र, निष्पक्ष और भयमुक्त मतदान के लिए प्रतिबद्ध है। इसी कड़ी में गुरुवार को जिला निर्वाचन अधिकारी और जिला कलक्टर की अध्यक्षता में निर्वाचन व्यय प्रकोष्ठ के अधिकारियों की बैठक आयोजित हुई, जिसमें जिले की चारों विधानसभाओं के लिए नियुक्त सहायक निर्वाचन व्यय पर्यवेक्षक सहित अन्य संबंधित अधिकारी शामिल हुए।
उल्लेखनीय है कि विधानसभा चुनाव में प्रत्याशियों के लिए खर्च सीमा 40 लाख रूपए निर्धारित की गई है। डूंगरपुर विधानसभा को व्यय संवेदनशील घोषित किया गया है। ऐसे में डूंगरपुर विधानसभा क्षेत्र के लिए दो अतिरिक्त सहायक निर्वाचन व्यय पर्यवेक्षक नियुक्त किए गए हैं।
जिला निर्वाचन अधिकारी ने सहायक व्यय पर्यवेक्षक, वीडियो निगरानी दल, वीडियो अवलोकन दल, एकाउंट टीम, मीडिया प्रमाणन और अनुवीक्षण समिति, उड़न दस्ते, एसएसटी सहित अन्य मशीनरी पर चर्चा करते हुए सभी को समन्वित प्रयास करते हुए विधानसभा चुनाव में स्वतंत्र और निष्पक्ष चुनाव का माहौल तैयार करने और नियमानुसार प्रभावी कार्रवाई करने के निर्देश दिए। उन्होंने बताया कि व्यय पर्यवेक्षक द्वारा 3 बार शैडो रजिस्टर की जांच की जाएगी। रिटर्निंग अधिकारी द्वारा संबंधित प्रत्याशी को पहले से ही निरीक्षण की तारीख से अवगत करवाया जाएगा। अंतिम निरीक्षण मतदान की तारीख से तीन दिन से अधिक पहले नहीं किया जाना है। उन्होंने सभी टीमों को भारत निर्वाच आयोग द्वारा नवीनतम सर्कुलर का अध्ययन करने और फील्ड में पूरी सतर्कता और चौकसी बरतने के निर्देश दिए।
10 हजार से ज्यादा का भुगतान एकाउंट पेई चेक से
भारत निर्वाचन आयोग के निर्देशानुसार प्रत्याशी को नामांकन दाखिल करने से पहले चुनाव खर्च के लिए एक अलग से बैंक खाता खुलवाना होगा और सभी चुनाव संबंधित खर्च इसी खाते से एकाउंट पेई चेक द्वारा करने होंगे, सिवाय मामूली खर्च के जहां चेक जारी करना मुमकिन न हो। यदि 10 हजार से अधिक का भुगतान करना है, तो अकाउंट पेई चेक से भुगतान करना अनिवार्य है। प्रत्याशी को नामांकन से लेकर परिणाम घोषणा की तिथि तक के खर्च का विवरण प्रस्तुत करना होगा।
बैठक की शुरुआत में उप जिला निर्वाचन अधिकारी हेमेंद्र नागर ने  सभी सहायक व्यय पर्यवेक्षकों के कार्यों की समीक्षा करते हुए कार्य योजना की जानकारी ली। उप जिला निर्वाचन अधिकारी ने निर्वाचन लड़ने वाले अभ्यर्थियों द्वारा दिन-प्रतिदिन के निर्वाचन व्यय लेखे के रख-रखाव के लिए शैडो रजिस्टर से जुड़ी बारीकियों और इससे संबंधित सुसंगत प्रावधानों का विस्तार से जानकारी देते हुए कहा कि प्रत्येक अभ्यर्थी के लिए छाया प्रेक्षण रजिस्टर का संधारण लेखा टीम द्वारा दिए गए फॉर्मेट में करना है। इस शैडो रजिस्टर में रैलियों, जुलूसों, बैठकों, सभा आदि पर वास्तव में होने वाले खर्च और प्रत्याशी द्वारा रिपोर्ट किए गए खर्च की पड़ताल करना है। शैडो रजिस्टर के साथ साक्ष्य फोल्डर भी तैयार करना है।
बैठक में मुख्य कार्यकारी अधिकारी गितेश श्री मालवीय ने निर्वाचन व्यय अनुवीक्षण कार्य से जुड़े अपने अनुभव साझा किए। निर्वाचन व्यय अनुवीक्षण प्रकोष्ठ के अतिरिक्त नोडल अधिकारी कुंदन बलाई और सहायक नोडल अधिकारी रोशन जोशी ने चारों विधानसभा के सहायक व्यय पर्यवेक्षकों और जिला निर्वाचन व्यय अनुवीक्षण प्रकोष्ठ के सभी सदस्यों के साथ विस्तृत चर्चा की और संभावित प्रश्नों और शंकाओं का समाधान किया।

By Udaipurviews

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