समृद्ध राजस्थान राज्य सरकार की कृषक कल्याण की योजनाओं का लाभ लेकर नानालाल हुए खुशहाल

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खुशहाल किसान-अर्जित कर रहे 25 लाख रुपये तक का मुनाफा
उदयपुर, 26 सितंबर। राज्य सरकार ने जनकल्याणकारी योजनाओं के माध्यम से समाज में अंतिम छोर पर बैठे व्यक्ति को लाभान्वित करने की मंशा को फलीभूत किया है। प्रदेश के किसानों को राज्य सरकार की कृषक कल्याण की योजनाओं से और अधिक मजबूती मिली है। कृषि योजनाओं का लाभ उठाकर किसान न केवल खुशहाल बन रहे हैं बल्कि उनकी आमदनी में भी वृद्धि हो रही हैं और कृषक कल्याण के क्षेत्र में राजस्थान अग्रणी राज्य बन रहा है।
उदयपुर जिले की पंचायत समिति झाडोल के ग्राम कोल्यारी निवासी नानालाल शर्मा ने बताया कि उनके पास 8 एकड़ खेतीहर भूमि है लेकिन बिजली आपूर्ति एवं अन्य समस्याओं के कारण वे सम्पूर्ण भूमि में खेती नहीं कर पाते थे। जिसका सीधा प्रभाव उनकी आमदनी पर होता था औऱ उन्हें 2 लाख रुपये प्रतिवर्ष तक की सीमित आय होती थीं। लेकिन अब राज्य सरकार की कल्याणकारी योजनाओं से उनकी हर समस्या का निवारण हो गया है। अब वे न केवल 8 एकड़ भूमि में खेती कर रहे है बल्कि इससे 25 लाख रुपये तक का मुनाफा भी अर्जित कर रहे हैं।
उद्यानिकी विकास मिशन से लगाया एक एकड़ में बगीचा-
नानालाल ने बताया कि पहले उनकी कृषि भूमि का उपयोग नहीं होने के कारण उन्हें चिंता सताती थी। लेकिन उद्यानिकी विकास मिशन के तहत अनुदान मिलने पर उन्होंने एक एकड़ भूमि में आँवले का बगीचा लगाया और वे चिंता मुक्त हो गए हैं। उन्होंने कहा कि इससे उनके खेत अब हरे-.भरे दिखने लगे है। साथ ही वे इस बगीचे से एक लाख रुपये प्रतिवर्ष मुनाफा भी अर्जित कर रहे हैं।
सोलर पंप की स्थापना से बिजली सम्बन्धित समस्याओं से मिली निजात-
नानालाल शर्मा बताया कि खेतों में फसलों एवं बगीचे में पानी एवं सिंचाई आदि के लिए पहले उन्हें बिजली आपूर्ति का इंतजार करना पड़ता था। लेकिन उन्होंने राज्य सरकार से अनुदान पाकर 3 एच.पी का सोलर पंप संयंत्र स्थापित किया। उन्होंने बताया कि इससे उन्हें रात्रि में फसलों एवं बगीचे में पानी देने की समस्या से निजात मिल गया तथा संयंत्र लगवाने से अब उनकी बिजली पर निर्भरता खत्म हो गयी है। साथ ही पहले बिजली का बिल 3 हजार रुपये प्रतिमाह आता था जो कि अब शून्य हो गया है। इससे उनकी आय में तो वृद्धि हुई ही है साथ ही अब वे अपने परिवार के साथ भी समय व्यतीत करने लगे हैं।
सूक्ष्म सिंचाई मिशन के तहत स्थापित किया ड्रिप और स्प्रिंकलर संयंत्र –
नानालाल शर्मा कहते हैं कि फसलों में सिंचाई के लिए पानी का कम से कम अपव्यय हो, इसके लिए उन्होंने राज्य सरकार के कृषि विभाग द्वारा अनुदान पाकर अपने खेतों में ड्रिप और स्प्रिंकलर संयंत्र स्थापित किया है। उन्होंने कहा कि संयंत्र स्थापित होने के बाद अब वे अपेक्षाकृत कम पानी में भी 8 एकड़ भूमि की सिंचाई कर पा रहे है। इसमें एक एकड़ के बगीचे में ड्रिप से सिंचाई के साथ ही 7 एकड़ भूमि में सोयबीन, शिमला मिर्च, सफेद मूसली, मटर औऱ लहसुन की खेती भी कर रहे हैं  जिससे वे 24 लाख रुपये तक की आय अर्जित कर रहे हैं। इसमें शिमला मिर्ची से 8 लाख रुपये, सफेद मूसली से 9 लाख रुपये, सोयाबीन से 5 लाख रुपये का और मिर्ची, मटर और लहसुन से 3 लाख रुपये तक कमा लेते है। उन्होंने बताया कि वे स्वयं तो योजनाओं का लाभ उठा ही रहे हैं, साथ ही वे अब अन्य किसानों को भी योजनाओं का लाभ लेने के लिए जागरूक  कर रहे हैं।
नानालाल आत्मा योजना से हुए पुरस्कृत-
नानालाल ने बताया कि आजकल वे कृषि-कार्य में नवाचार भी कर रहे हैं। जिससे अब वह प्रगतिशील किसान के रूप में अपनी भूमिका निभा रहे हैं तथा इसके लिए नानालाल को कई बार पुरस्कृत किया जा चुका है। उन्हें आत्मा योजना के तहत 25 हजार रुपये पुरस्कार राशि से सम्मानित किया गया है। साथ ही वर्ष 2023 में जैविक खेती में उत्कृष्ट कार्य करने के लिए जिला स्तर पर भी उन्हें पुरस्कृत गया है। राज्य सरकार द्वारा चलाई जा रही कृषक कल्याण की योजनाओं के लिए नानालाल शर्मा मुख्यमंत्री श्री अशोक गहलोत का बहुत.बहुत आभार व्यक्त करते हैं।

By Udaipurviews

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