बीकानेर में वर्चुअल हाईकोर्ट बेंच की घोषणा के विरोध में कल अदालतों में कामकाज ठप

उदयपुर में हाईकोर्ट बेंच की मांग को लेकर 42 सालों से वकील आंदोलनरत
उदयपुर। उदयपुर से पहले राज्य के अन्य किसी जिले में वर्चुअल हाईकोर्ट बेंच खोलने की घोषणा के विरोध में मेवाड़ वागड़ हाईकोर्ट संघर्ष समिति ने सोमवार को जिले की अदालतों में कामकाज ठप रख जिला कलक्टर को मुख्यमंत्री व प्रधानमंत्री के नाम ज्ञापन देने का निर्णय करते हुए जरुरत पड़ने पर गले कटवाने तक का ऐलान किया है।
केंद्रीय विधि मंत्री अर्जुनराम मेघवाल द्वारा बीकानेर में पहली वर्चुअल हाईकोर्ट बेंच शुरू करने की घोषणा पर मेवाड़ वागड़ हाईकोर्ट संघर्ष समिति के सदस्यों एवं जिला हाईकोर्ट बेंच संघर्ष समिति और बार एसोसिएशन उदयपुर की शनिवार को आयोजित अति आवश्यक बैठक में यह निर्णय किया गया। बैठक के बाद पत्रकारों से बातचीत में मेवाड़ वागड़ हाई कोर्ट बेंच संघर्ष समिति के संयोजक रमेश नंदवाना, महासचिव रामकृपा शर्मा, बार अध्यक्ष राकेश मोगरा, प्रवीण खण्डेलवाल, शंभूसिंह राठौड़ ने बताया कि सोमवार को अदालतों में कामकाज ठप रखने के बाद आगे की रणनीति तय करते हुए चुनाव पूर्व आंदोलन को अनिश्चितकालीन जारी रखा जा सकता है। संभाग में नए जुड़े भीलवाड़ा और बांसवाड़ा संभाग के सभी जिला अधिवक्ताओं से चुनाव पूर्व आंदोलन की रणनीति पर चर्चा की जा रही है। इसके लिए जिम्मेदार अधिवक्ताओं को दायित्व सौंपे गए हैं। उन्होंने बताया कि केंद्रीय मंत्री मेघवाल द्वारा बीकानेर में वर्चुअल हाईकोर्ट बैंच शुरू करने की घोषणा से स्थानीय अधिवक्ताओं में भारी आक्रोश है। उन्होंने बताया कि अनेको बार ज्ञापन देने पर केंद्रीय विधि मंत्री मेघवाल द्वारा उदयपुर में हाईकोर्ट बेंच स्थापना का आश्वासन देने के बाद भी उनका बीकानेर में वर्चुअल बेंच की घोषणा करना निंदनीय है जबकि मेवाड़ वागड़ की जनता 42 वर्षों से आंदोलनरत है। उन्होंने बताया कि इस बारे में फोन पर बात करने पर असम के राज्यपाल गुलाबचंद कटारिया ने मंत्री मेघवाल से दिल्ली बात की है। मेघवाल ने बार एसोसिएशन व संघर्ष समिति के प्रतिनिधिमंडल को चर्चा के लिए बुधवार को दिल्ली बुलाया है। पदाधिकारी अधिवक्ताओं ने उदयपुर से पहले बीकानेर में बेंच शुरू करने पर उग्र आंदोलन की चेतावनी दी। इसी क्रम में सोमवार को समस्त अधिवक्ता न्यायिक कार्य का बहिष्कार कर शहर में रैली निकाल जनसमर्थन जुटाते हुए कलक्ट्री पर सभा व प्रदर्शन करेंगे।
मेवाड़ वागड़ की जनता के साथ दूंगा धरना-सांसद मीणा
अधिवक्ताओं की बैठक में शामिल हुए सांसद अर्जुनलाल मीणा ने केंद्रीय मंत्री मेघवाल की घोषणा की निंदा करते हुए कहा कि बीकानेर में वर्चुअल बेंच शुरू होने पर मेवाड़ वागड़ की जनता के साथ वे खुद धरने पर बैठेंगे। मेवाड़ वागड़ की जनता 42 सालों से आंदोलनरत है जिसे नजरअंदाज कर विधि मंत्री द्वारा बीकानेर के लिए घोषणा करना निंदनीय है। मीणा ने कहा कि वे इस संबंध में जल्द ही सभी केंद्रीय मंत्रियों से मुलाकात कर बीकानेर से पहले उदयपुर में वर्चुअल बेंच स्थापना का प्रयास करेंगे।
चुनाव में भाजपा व मेघवाल के विरोध की चेतावनी
इससे पहले बैठक में मेवाड़ वागड़ हाई कोर्ट बेंच के समस्त पदाधिकारियों व बार एसोसिएशन अध्यक्ष राकेश मोगरा, उपाध्यक्ष योगेंद्र यशोदा, महासचिव शिवकुमार उपाध्याय, सचिन चेतन प्रकाश पालीवाल, वित्त सचिव हरीश सेन, जिला संघर्ष समिति के संयोजक सत्येंद्र पाल सिंह छाबड़ा, महासचिव चेतन पुरी गोस्वामी, शान्ति लाल चपलोत, शम्भु सिंह राठौड़, मनीष शर्मा, भरत वैष्णव, जय कृष्ण दवे, महेन्द्र नागदा, अरूण कुमार व्यास, चन्द्रभान सिंह शक्तावत, गगन सानाढ्य, हेमंत जोशी, बृजेंद्र सेठ, गोपाल सिंह चौहान, चक्रवर्ती सिंह राव, हरिश पालीवाल सहित कई अधिवक्ताओं ने केंद्रीय विधि मंत्री अर्जुनराम मेघवाल के बीकानेर में पहली वर्चुअल हाईकोर्ट ेंबेंच शुरू करने के वक्तव्य की कड़ी शब्दों में निंदा की। साथ ही चेतावनी दी कि अगर उदयपुर में शीघ्र वर्चुअल बेंच नहीं खोली गई तो आगामी आम चुनाव में अधिवक्ता वर्ष सर्वसम्मति से भारतीय जनता पार्टी और राजस्थान में मुख्यमंत्री के रूप में प्रोजेक्ट किया जा रहे माननीय विधि मंत्री अर्जुनराम मेघवाल का सार्वजनिक रूप से विरोध करेगा। आसन्न चुनाव से पूर्व वर्चुअल हाईकोर्ट बेंच की घोषणा नहीं होने पर अधिवक्ता वर्ग ने इसके दुष्परिणाम राजनीतिक दलों को देखने की चेतावनी भी दी है।

By Udaipurviews

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