– 100 श्रावक-श्राविकाओं ने किया सामूहिक एकासना
– आयड़ जैन तीर्थ में चातुर्मासिक प्रवचनों की श्रृृंखला जारी
उदयपुर 18 अगस्त। श्री जैन श्वेताम्बर महासभा के तत्वावधान में तपागच्छ की उद्गम स्थली आयड़ तीर्थ पर बरखेड़ा तीर्थ द्वारिका शासन दीपिका महत्ता गुरू माता सुमंगलाश्री की शिष्या साध्वी प्रफुल्लप्रभाश्री एवं वैराग्य पूर्णाश्री आदि साध्वियों के सानिध्य में शुक्रवार को विविध आयोजन हुए । महासभा के महामंत्री कुलदीप नाहर ने बताया कि आयड़ तीर्थ के आत्म वल्लभ सभागार में सुबह 7 बजे दोनों साध्वियों के सानिध्य में पद्मावती माता का जाप एवं सामूहिक एकासना का आयोजन किया गया। जिसमें 100 श्रावक-श्राविकाओं ने सामूहिक एकासना किया। चातुर्मास संयोजक अशोक जैन ने बताया कि प्रवचनों की श्रृंखला में प्रात: 9.15 बजे साध्वी प्रफुल्लप्रभाश्री व वैराग्यपूर्णा के तत्वावधान में माता पद्मावती देवी का भव्याति भव्य रूप से पूजा- अर्चना – जाप – अनुष्ठान का श्रद्धा एवं भक्ति भावना से आराधना की गई। श्रावक एवं श्राविकाएं अनुष्ठान करके अपनी मनोकामनाओं को पूर्ण करते है। साध्वी प्रफुल्लप्रभाश्री व वैराग्यपूर्णा ने बताया कि इस वर्तमान काल के अंदर श्री पाश्र्वनाथ परमात्मा की अधिष्टायिका मां पद्मावती साक्षात् दिव्य स्वरूपा है। इच्छित फल को देने वाली माना है। उपसर्गों का कष्टों का निवारण करती है। सहयोग प्रदान करती है। श्रद्धा-पूर्वक हमें परमात्मा की एवं अधिष्टिायिका मां की आराधना – उपासना करनी चाहिए। जैन श्वेताम्बर महासभा के अध्यक्ष तेजसिंह बोल्या ने बताया कि आयड़ जैन तीर्थ पर प्रतिदिन सुबह 9.15 बजे से चातुर्मासिक प्रवचनों की श्रृंखला में धर्म ज्ञान गंगा अनवरत बह रही है।
आयड़ तीर्थ पर माता पद्मावती का जप अनुष्ठान एवं एकासना व्रत का आयोजन
