विद्यापीठ में बौद्धिक संपदा के फाईलिंग व ड्राफ्टिंग विषय पर एक दिवसीय ऑनलाइन कार्यशाला का आयोजन
उदयपुर / 29 मई / भारत सरकार के वाणिज्यिक मंत्रालय के राजीव गांधी राष्ट्रीय बौद्धिक संपदा प्रबंधन संस्थान, भारतीय पेटेंट कार्यालय व जनार्दन राय नागर राजस्थान विद्यापीठ की संघटक इकाई प्रबंध अध्ययन संकाय के संयुक्त तत्वावधान में बौद्धिक संपदा के फाईलिंग व ड्राफ्टिंग विषय पर एक दिवसीय राष्ट्रीय ऑनलाइन कार्यशाला का आयोजन किया गया। वेबिनार में कुलपति प्रो. कर्नल एस.एस. सारंगदेवोत ने कहा कि आज के समय में जैसे-जैसे हमारी दुनिया तेजी से डिजिटल और नवाचार-संचालित होती जा रही है, बौद्धिक संपदा की सुरक्षा पहले से कहीं अधिक महत्वपूर्ण हो गई है। आविष्कार, साहित्यिक और कलात्मक कार्य, सॉफ्टवेयर प्रोग्राम और अन्य रचनात्मक कार्य हमारी अर्थव्यवस्था और समाज की जीवनदायिनी हैं, और उन्हें अनधिकृत उपयोग से बचाना राष्ट्र व समाज के विकास के लिए महत्वपूर्ण है।
प्रारम्भ में स्वागत करते हुए समन्वयक डॉ. हिना खान ने कहा कि भारत सरकार के इस मिशन का उद्देश्य बड़ी संख्या में शैक्षणिक संस्थानों में आईपी फाइलिंग का एक सिस्टम स्थापित करना है। उन्होंने बताया कि यह कार्यक्रम बौद्धिक संपदा अधिकार के बारे में जानने का उत्तम अवसर है। समन्वयक डॉ. नीरू राठौड़ ने बताया कि भारत सरकार की पहल से राष्ट्रीय बौद्धिक संपदा जागरूकता मिशन “आज़ादी का अमृत महोत्सव” के अंतर्गत आयोजित किया गया है। इस कार्यशाला का उद्देश्य आम जनता के बीच आईपीआर जागरूकता की कमी के अंतर को पाटना है।
विद्यापीठ के केन्द्रीय कार्यालय की ओर से कार्यशाला के समन्वयक डॉ. चंद्रेश कुमार छतलानी ने कहा कि आईपीआर के विभिन्न प्रकारों और भारत में उनके महत्व का अवलोकन और पेटेंट, ट्रेडमार्क, कॉपीराइट, डिजाइन आदि को समझना आवश्यक है।
मुख्य वक्ता भारतीय पेटेंट कार्यालय की परीक्षक नेकिता कुमारी ने राष्ट्रीय व अंतरराष्ट्रीय पेटेंट आदि की फाइलिंग व ड्राफ्टिंग की प्रक्रिया की जानकारी विभिन्न उदाहरणों द्वारा प्रदान की। इसके साथ ऑनलाइन फाइलिंग को भी उन्होंने विस्तार से समझाया। उन्होंने बौद्धिक संपदा पेटेंट आवेदन व परिक्षण प्रक्रिया की जानकारी भी प्रदान की।
संचालन डॉ. हिना खान ने किया व धन्यवाद उद्बोधन डॉ. नीरू राठौड़ ने दिया। तकनीकी संचालन डॉ. चंद्रेश कुमार छतलानी व सहयोग विकास डांगी ने किया। इस ऑनलाइन कार्यशाला में सम्पूर्ण भारत से अकादमिक व गैर-अकादमिक कार्यकर्ता, शोधार्थियों व विद्यार्थियों ने भाग लिया।
कार्यक्रम में रजिस्ट्रार डॉ. तरुण श्रीमाली, डॉ. सरोज गर्ग, डॉ. बलिदान जैन, डॉ. अमी राठौड़, डॉ. रचना राठौड़, डॉ. राजन सिंह सूद, डॉ.अजिता जयप्रकाश, डॉ. एजाज़ हुसैन, डॉ. शिल्पा कंठालिया, डॉ. संजय चौधरी, डॉ. हेमंत साहू, डॉ. सुनीता मुर्डिया, डॉ. अमित दवे, डॉ. हरीश चौबीसा, डॉ. मधु मुर्डिया, डॉ. हरीश मेनारिया, डॉ. गुणबाला आमेटा, डॉ. पल्लव पाण्डे, डॉ. सोनल चौहान सहित विद्यापीठ के डीन-डायरेक्टर, कार्यकर्ता व विद्यार्थी उपस्थित थे।
अनधिकृत उपयोग से बचाने के लिए महत्वपूर्ण है बौद्धिक संपदा अधिकारों का सरंक्षण – प्रो. सारंगदेवोत
