असम के राज्यपाल गुलाबचंद कटारिया ने अंबामाता में दो नवनिर्मित भवनों का किया उद्घाटन

राज्यपाल कटारिया ने शिक्षा के साथ नैतिक शिक्षा और संस्कारों पर भी दिया जोर
उदयपुर. महावीर साधना एवं स्वाध्याय समिति अंबामाता में रविवार को असम के राज्यपाल गुलाबचन्द कटारिया ने दो नवनिर्मित भवनों का उद्घाटन किया। समिति के अध्यक्ष प्रकाशचन्द्र कोठारी ने बताया कि समिति में नवनिर्मित कोठारी श्री पान स्वाध्याय भवन एवं हड़पावत नजरबाई जी दाड़म चन्द जी स्वाध्याय भवन का उद्घाटन किया गया।
कार्यक्रम में असम के राज्यपाल गुलाबचंद कटारिया ने बच्चों में किताबी शिक्षा के साथ नैतिक और संस्कारों की भी शिक्षा देने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि वे आज जिस पद पर हैं वह सब नैतिकता और संस्कारों की बदौलत ही हैं।  इसके साथ ही भवन निर्माण में सहयोग देने वाले भामाशाह का सम्मान भी किया गया। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि असम के राज्यपाल गुलाबचन्द कटारिया थे। कार्यक्रम के विशिष्ठ अतिथि  वल्लभनगर विधायक प्रीति शक्तावत, उदयपुर ग्रामीण विधायक फुल सिंह मीणा, मावली विधायक धर्म नारायण जोशी, उप महापौर पारस सिंघवी, समाजसेवी शांतिलाल वेलावत, एवंतीलाल हड़पावत, अतुल चंडालिया, पंकज शर्मा,महासचिव फतेह सिंह मेहता, सचिव ललित धुप्या
 सहित उदयपुर शहर के गणमान्य नागरिक मौजूद थे।
साधु- साध्वियों के लिए 2 करोड से निर्मित भवन का हुआ उद्घाटन
महावीर स्वाध्याय एवं साधना समिति में जैन साधु- साध्वियों  के लिए दो करोड़ से निर्मित भवन का असम के राज्यपाल गुलाबचंद कटारिया द्वारा  उदघाटन किया गया। अंबामाता में जैन समाज के साधु-साध्वियों के लिए भवन तैयार किया गया है । इस भवन में 5 कमरे और दो अलग अलग हॉल को धार्मिक मान्यता एवं आचरण के अनुसार बनाया गया है। डेढ़ साल में बनकर तैयार हुए भवन के लिए समिति के 250 सदस्यों ने अपनी तरफ से सहयोग दिया। समिति के अध्यक्ष प्रकाश चन्द्र कोठारी ने बताया कि भवन के लिए दो करोड़ का बजट जुटाया गया। इसके साथ ही समिति परिसर में पहले से निर्मित धर्मशाला भवन में दस कमरे तैयार किए गए हैं, जो पांच साधु और साध्वियों के लिए होंगे। कोठारी ने बताया कि संतों के लिए तैयार हुए भवन में एक खास डोम भी बनाया गया है जिसे अहमदाबाद की कंपनी ने तैयार किया है। यह डोम संतों के उपयोग के लिए बनाया गया है।
चातुर्मास और विहार सहित सभी कार्यक्रमों के लिए उपलब्ध होगा
समिति के अध्यक्ष प्रकाश चन्द्र कोठारी ने बताया कि अंबामाता परिसर में नवनिर्मित कोठारी श्री पान एवं हड़पावत नजर बाई दाड़म चन्द स्वाध्याय भवन सभी जैन समाज के संतों के लिए उपलब्ध होगा। इसमें संतों के चातुर्मास कार्यक्रम, विहार आदि कार्यक्रम शामिल हैं। इसके अलावा धर्मशाला में तैयार किया गया भवन भी समाजजनों के उपयोग में लाया जा सकेगा। हालांकि, इसके लिए शुल्क निर्धारित किया है। यह शुल्क नाममात्र का होगा।
By Udaipurviews

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