आज़ाद भारत के इतिहास में सबसे ज्यादा गरीब मजदूर विरोधी सरकार हैं वर्तमान केंद्र में बैठी मोदी सरकार : शंकरलाल चौधरी
उदयपुर। मई दिवस के मौके पर आज टाउन हॉल से केन्द्रीय श्रमिक संगठनो के सयुक्त आहवान पर टाउन हॉल से बापू बाजार, दिल्ली गेट होते हुए जिला कलेक्टर कार्यालय, उदयपुर तक रैली निकाली जिसमे सैकड़ों मजदूरों, कर्मचारियों, महिलाओ ने भागीदारी करी। रैली के बाद कलेक्टर कार्यालय पर सभा का आयोजन किया गया । इस मौके पर बोलते हुए ऐक्टू के राज्य अध्यक्ष शंकरलाल चौधरी ने कहा की वर्तमान केंद्र में बैठी मोदी सरकार आजाद भारत के इतिहास में सबसे ज्यादा गरीब मजदूर विरोधी सरकार साबित हो रही हैं । किसान आंदोलन के चलते किसान विरोधी कृषि कानूनों को लागू करने में विफल रहने के बाद भी भाजपा सरकार पूंजीपतियों के दबाव के चलते मजदूर विरोधी चार श्रम कोड को वापस लेने को तैयार नहीं उल्टा निजीकरण कर सार्वजनिक उपक्रमों को बेचने पर उतारू हैं। इससे पहले टाउन हॉल पर रैली के शुरू होने के मौके पर इंटक के राज्य अध्यक्ष जगदीश श्रीमाली ने कहा की आज जब हम मई दिवस मना रहे हैं तब केंद्र में बैठी भाजपा सरकार अर्थव्यवस्था के दो हाथ मजदूर किसान को काटने पर उतारू हैं। महंगाई आसमान छू रहीं वहीं मोदी सरकार ने हाल में पेश बजट में मनरेगा में आवंटन में कटौती की हैं।
उदयपुर में केंद्रीय श्रमिक संगठनो के समन्वय समिति के सयोजक पीएस खींची ने कहा की आज़ जब मजदूर दुनिया भर में मई दिवस मना रहे हैं तब दुनिया में आर्थिक संकट के बादल मंडरा रहे हैं। फ्रांस जैसे विकसित देश का मजदूर भी अपनी पेंशन और सामाजिक सुरक्षा को बचाने के लिए सड़को पर हैं। सीटू के जिला अध्यक्ष राजेश सिंघवी ने सभा को संबोधित करते हुए कहा मई दिवस में हम दुनिया भर में उन मजदूर साथियों को याद करते हैं, जिन्होंने आठ घंटे का कार्यदिवस करने के लिए अमेरिका के शिकागो में चले आन्दोलन में अपनी जानें दी थी। वहीं आज हमारे देश भारत में 9 साल से सत्ता में बैठी भाजपा सरकार कानूनी रुप से कार्यदिवस को 12 घंटे करने की तैयारी कर रही हैं।
एलआईसी के मोहनलाल शियाल ने कहा की मजदूरों के यूनियन बनाने के अधिकार का कैसे दमन किया जा रहा हैं। प्रशासन के साथ मिलकर पूंजीपती या ठेकेदार यूनियन बनाने में सक्रिय मजदूरो को तुरंत बाहर का रास्ता दिखा देते हैं। बैंक, बीमा और तमाम सार्वजनिक सेक्टर को कॉरपोरेट के हवाले किया जा रहा हैं। इंटक के सेमसंग भगोरा ने कहा समान काम का समान वेतन जैसे सिद्धांत कल की बात हो जाएंगे । ठेका व्यवस्था को निरंतरता से चलने वाले उत्पादन प्रक्रिया में लाने के लिए कानून बदला जा रहा हैं। फिक्स्ड टर्म एम्प्लॉयमेंट के नाम पर स्थाई रोजगार की अवधारणा को ही मिटाने की कोशिश हैं।
समता संवाद के हिम्मत सेठ ने कहा की मोदी सरकार लोकतांत्रिक विरोधी सरकार हैं और जनता की मांगो को सुनने को तैयार नही हैं। ऐपवा की फरहत बानो ने कहा परिवहन, बैंक, बीमा, स्वास्थ्य जैसी मूलभूत सुविधाएं निजी हाथों से जाने से इनके दाम बढ़ेंगे। उन्होंने आगे कहा निजीकरण और अमीरपरस्त नीतियों के चलते भाजपा के शासनकाल में महंगाई आसमान छू रहीं हैं। गरीब अमीर के बीच का अंतर बढ़ता जा रहा हैं।खाने की गैस से पेट्रोल, डीजल, आटा, डाटा, खाद्य तेल, दाले आदि सब महंगा होता जा रहा हैं। कमाई अट्टनी खर्चा रुपया वाली स्थिति हैं।
सभा के बाद राष्ट्रपति के नाम केन्द्रीय श्रमिक संगठन समन्वय समिति के सयोजक पीएस खींची के नेतृत्व में प्रतिनिधिमंडल ने एडीएम सिटी के माध्यम से ज्ञापन दिया । इस मौके पर इंटक के नारायण लाल गुर्जर , मोहनलाल शर्मा, प्रोफ़ेसर हेमेंद्र चंडालिया, सुधा चौधरी, अधिवक्ता अरुण व्यास, चंद्रदेव ओला, प्रोफेसर एल आर पटेल, रुकसाना, रमेश मीणा, पूरणमल मीणा , पार्षद राजेन्द्र वसीटा, हीरालाल सालवी, आदि मौजूद थे।
