चिकारड़ा, सुजाखेड़ा, जयसिंहपुरा और नगरी में आधुनिक कृषि कर रहे किसानों के खेतों का किया निरीक्षण
चित्तौड़गढ़, 19 अप्रैल। उत्तराखंड राज्य किसान आयोग अध्यक्ष राकेश राजपूत, उपाध्यक्ष राजपाल सिंह सहित किसान आयोग के प्रतिनिधिमंडल ने चित्तौड़गढ़ जिले में खेती में हो रहे नवाचारों का अवलोकन किया। प्रतिनिधिमंडल ने चिकारड़ा, सुजाखेड़ा, जयसिंहपुरा और नगरी में आधुनिक कृषि कर रहे किसानों के खेतों का निरीक्षण कर कृषि संबंधित चर्चा की। प्रतिनिधिमंडल ने संयुक्त निदेशक कृषि दिनेश कुमार जागा से कृषि के क्षेत्र में राज्य सरकार द्वारा कृषक हितार्थ चलाई जा रही योजनाओं के बारे में चर्चा की। उपनिदेशक उद्यान डॉ. शंकर लाल जाट ने उद्यान विभाग की विभिन्न योजनाओं की जानकारी से अवगत कराया।
प्रतिनिधिमंडल ने चिकारड़ा गांव के प्रगतिशील कृषक रामेश्वर खंडेलवाल के खेत पर गुलकंद बनाने की स्थापित गुलाब की प्रोसेसिंग यूनिट का अवलोकन किया तथा गांव सूजाखेड़ा में कृषक गोपाल जाट के खेत पर खरबुजे की उन्नत खेती का अवलोकन करते हुए उपस्थित कृषकों से कृषि संबंधित चर्चा की। साथ ही उन्होंने गांव जयसिंहपुरा के प्रगतिशील कृषक नन्द लाल धाकड़ के खेत पर की जा रही पान की खेती, सीताफल के पौधे, नर्सरी, वर्मी कम्पोस्ट इकाई व अजोला यूनिट का अवलोकन किया तथा वही पर कृषक गोष्ठी का आयोजन किया गया, जिसमें 50 से अधिक किसानों ने भाग लिया। गोष्ठी में उपस्थित क्षेत्र के कृषकों से किसान आयोग के अध्यक्ष एवं सदस्यों द्वारा खेती में किये जा रहे नवाचार के बारे में चर्चा की। किसान आयोग के प्रतिनिधियों ने जिले में किये जा रहे नवाचार कार्यक्रमों की सराहना की। इसी प्रकार, गांव नगरी के प्रगतिशील कृषक राजेन्द्र कीर के खेत पर अमरूद किस्म एल-49 तथा स्ट्रॉबेरी के पौधों, एप्पल बेर तथा सब्जी फसलें जैसे- टिण्डा, भिंडी, मिर्ची आदि फसलों का अवलोकन किया।
प्रतिनिधि मण्डल के साथ मनमोहन सिंह नेगी उपाध्यक्ष राज्य किसान आयोग, अशोक गिरी सदस्य जितेन्द्र, सचिन चौधरी एवं डॉ. नीता उपसचिव, राजस्थान किसान आयोग जयपुर भी सम्मिलित रहे। इनके अलावा कृषि अनुसंधान अधिकारी (शष्य) रमेश आमेटा, कृषि अधिकारी (मिशन) प्रशांत कुमार जाटोलिया सहित कृषि विभाग के अधिकारी मौजूद रहे।
बाल विवाह की रोकथाम हेतु अभियान, जिला स्तरीय नियंत्रण कक्ष की स्थापना
चित्तौड़गढ़, 19 अप्रेल। राज्य सरकार एवं राज्य बाल अधिकार संरक्षण आयोग के निर्देशानुसार जिले में बाल विवाह प्रतिषेध अधिनियम 2006 अंतर्गत बाल विवाह रोकथाम हेतु जनजागरूकता कार्यक्रमों के तहत कस्तूरबा गांधी राजकीय आवासीय विद्यालय राशमी में बालिकाओ को अधिनियम की जानकारी प्रदान की गयी। इस दौरान अध्यापक कृष्णा सेन, छात्रावास अधीक्षक पंकज मिश्रा उपस्थित रहे।
सहायक निदेशक जिला बाल संरक्षण इकाई चन्द्र प्रकाश जीनगर ने बताया कि 22 अप्रैल को अक्षय तृतीया(आखा तीज) के साथ ही अन्य अबूझ सावों पर बाल विवाह होने की संभावना के तहत बाल विवाह की रोकथाम हेतु जिला कलक्टर अरविन्द कुमार पोसवाल के निर्देशन में जिला स्तरीय कंट्रोल रूम (दूरभाष नम्बर 01472-295808) स्थापित किया गया। साथ ही जिला कलक्टर द्वारा सभी उपखंड मुख्यालयों पर कंट्रोल रूम स्थापित किये जाने के निर्देश प्रदान किये। जिला कलक्टर द्वारा ग्राम पंचायत स्तरीय विद्यालय के संस्था प्रधान (PEEO) को ग्राम पंचायत स्तरीय नोडल नियुक्त करके ग्राम पंचायत स्तरीय विभिन्न विभागों के कार्मिको को सावचेत रहकर पुलिस एवं प्रशासन के सहयोग से बाल विवाह रोकथाम हेतु प्रभावी कार्यवाही हेतु निर्देशित किया गया।
राज्य सरकार द्वारा उपनिदेशक महिला एवं बाल विकास विभाग ,सहायक निदेशक बाल अधिकारिता विभाग (जिला स्तरीय नोडल), सहायक निदेशक महिला अधिकारिता विभाग, समस्त उपखंड अधिकारी(उपखंड स्तरीय नोडल), तहसीलदार, परियोजना अधिकारी, महिला एवं बाल विकास विभाग एवं सामाजिक सुरक्षा अधिकारी, सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग को बाल विवाह प्रतिषेध अधिकारी नियुक्त किया गया है। अधिनियम अन्तर्गत बाल विवाह कराने में सहयोगियों यथा-पंडित/मौलवी, हलवाई, बेंड बाजे वाले, टेंट वाले, बाराती आदि को 2 वर्ष का कठोर कारावास एवं 1 लाख तक का अर्थ दंड का प्रावधान है। सहायक निदेशक द्वारा बाल विवाह रोकथाम हेतु जन सहभागिता एवं जन सहयोग की अपील की गयी। इससे सम्बंधित शिकायत चाइल्ड हेल्पलाइन नम्बर 1098 एवं निकटतम पुलिस थाने पर भी की जा सकती है।