विवाद एवं शिकायत निवारण तंत्र तथा सीएसआर की जिला स्तरीय समिति की बैठक आयोजित

औद्योगिक विकास के परिदृश्यों पर हुई विस्तृत चर्चा
भीलवाड़ा , 27 मार्च। जिला स्तरीय विवाद एवं शिकायत निवारण तंत्र की बैठक सोमवार को जिला कलक्टर श्री आशीष मोदी के निर्देशानुसार जिला परिषद् की मुख्य कार्यकारी अधिकारी डॉ. शिल्पा सिंह की अध्यक्षता में जिला कलेक्ट्रेट सभागार में संपन्न हुई। बैठक में उद्योगों की प्रगति से सम्बंधित विषयो पर विशेष चर्चा की गयी।
बैठक के अंतर्गत जिला उद्योग केंद्र के महाप्रबंधक श्री राहुल देव सिंह ने उद्योगों के विकास से सम्बंधित विभिन्न पहलुओं पर सम्बंधित अधिकारियांे का ध्यान आकर्षित करवाने के साथ अधिकाधिक लाभ प्राप्त करने की दृष्टि से सुझावों का आदान प्रदान भी किया गया। जिसमे एम.ओ.यु ट्रैकिंग, डिस्पेंसरी निर्माण, वेस्टेज रीसाइक्लिंग इंडस्ट्री का निर्माण आदि मुख्य तौर पर चर्चा के केंद्र बिंदु रहंे।
जिला परिषद् की मुख्य कार्यकारी अधिकारी डॉ. शिल्पा सिंह ने स्वच्छ भारत मिशन के अंतर्गत ग्राम पंचायत स्तर तक लोगों को लाभ पहुंचाने पर बल दिया तथा इसके लिए उचित संसाधनों जैसे ई-रिक्शा डस्टबिन, ओडीएफ ओरिएंटेड हाउस शौचालय की उपलब्धता सुनिश्चित करवाने के लिए सम्बंधित अधिकारियो एवं उद्योगपतियों को उचित जानकारी देते हुए निर्देशित किया।

सीएसआर कॉरपोरेट सोशल रिस्पांसिबिलिटी के नए आयामों पर किया गया विचार विमर्श
सीएसआर कॉरपोरेट सोशल रिस्पांसिबिलिटी पर सरकार द्वारा जारी की गयी नवीनतम गाइडलाइन्स पर भी बैठक के दौरान चर्चा हुई। सरकारी एवं निजी क्षेत्रो द्वारा चलाए जा रहे विभिन्न परियोजनाओं में सीएसआर के मापदंड सुनिश्चित करने तथा सरल क्रियान्वयन के संबंध में चर्चा की गई।
बैठक के दौरान अतिरिक्त जिला कलेक्टर (शहर)  श्री ब्रह्मालाल जाट, मेवाड़ चेंबर से आर.के जैन, टेक्सटाइल ट्रेड फेडरेशन से अतुल शर्मा, लघु उद्योग भारती से महेश हुरकट व सुमित जागेटिया, नितिन, बीएसएल, जिंदल आदि के प्रतिनिधि सहित औद्योगिक विकास क्षेत्र से सम्बंधित सभी अधिकारी मौजूद रहे।

‘‘मिशन निर्यातक बनो‘‘ को लेकर विशेष शिविर 29 मार्च को
भीलवाड़ा 27 मार्च। प्रदेश में निर्यात संभावनाओं को प्रोत्साहित करने एवं विभिन्न उत्पादों से जुडे निर्माताओं, खुदरा व्यापारियों, दस्तकारों को निर्यात के सुगम अवसर उपलब्ध कराने के लिए राज्य सरकार का महत्वाकांक्षी कार्यक्रम ‘‘मिशन निर्यातक बनो‘‘ आयोजित किया जा रहा है। जिसका मुख्य उद्वेश्य राज्य के निर्यातको, औद्योगिक संगठनों एवं राज्य सरकार के संबंधित विभागों के बीच समन्वय स्थापित करना है। मिशन निर्यातक बनों के तहत इन्छुक निर्यातकों को तकनीकी रूप से प्रशिक्षित किया जाकर आयात निर्यात कोड दिलाने से लेकर पहला कंसाइनमेंट भेजने तक उद्योग विभाग द्वारा मार्गदर्शन एवं सहयोग किया जायेगा। इसके तहत निर्यातकों के लिए नये बाजार की संभावनाएंे तलाशने, उत्पाद पैकेजिंग एवं सामान भेजने के तरीके आदि में हैंडहोल्डिंग सपोर्ट प्रदान किया जायेगा।
जिला उद्योग एवं वाणिज्य केन्द्र के महाप्रबंधक ने बताया कि 29 मार्च को सायं 3 बजे किसान भवन कृषि उपज मंडी में मिशन निर्यातक बनो को लेकर विशेष शिविर आयोजित किया जा रहा है। शिविर में उद्यमियों को निर्यात की प्रक्रिया, डॉक्यूमेंटेशन व केन्द्र व राज्य सरकार की निर्यात संबंधी योजनाओं की जानकारी, मार्केटिंग, वित्त, नये वैश्विक बाजार की अद्यतन जानकारी प्रदान की जायेगी।

महाप्रबंधक ने आहवान किया कि जिले के वर्तमान में प्रत्यक्ष/परोक्ष रूप से विभिन्न क्षेत्रों में निर्यात-आयात कर रहे उद्यमी व नये आईईसी पंजीयन के लिए नये निर्यातक जिला उद्योग केंद्र द्वारा आयोजित शिविर में भाग लेकर योजना का लाभ उठायें।

जिले के काश्तकारों को राहत पहुंचाने के लिए गिरदावरी की ऑफलाईन प्रतिलिपी जारी करने के संबंध में दिए निर्देश
भीलवाड़ा, 27 मार्च। जिले में राजस्व अधिकारी एप्प के माध्यम से ऑनलाईन गिरदावरी संपादित की जा रही हैं।
प्रभारी अधिकारी (भू. अ) श्री विनोद कुमार ने बताया कि तहसीलों से प्राप्त सूचना अनुसार गिरदावरी पूर्ण होने के बाद अपलोड नहीं हो पा रही हैं तथा गिरदावरी पूर्ण होने के उपरान्त भी राजस्व अधिकारी एप्प पर शत प्रतिशत प्रदर्शित नहीं हो रही हैं।

उन्होंने बताया की धरा गिरदावरी पोर्टल से गिरदावरी की प्रतिलिपी प्राप्त नहीं होने से आम काश्तकारों को समस्याओं के मद्देनजर जिला कलक्टर के निर्देशानुसार आम काश्तकारों को राहत प्रदान करने के लिए आवश्यकतानुसार गिरदावरी की ऑफलाईन प्रतिलिपि जारी करने के लिए संबंधित पटवारियों को पाबंद करवाने को निर्देशित किया है ।
1 अप्रैल से समर्थन मूल्य पर जिन्सों की खरीद प्रारम्भ होने से काश्तकारों को गिरदावरी की प्रतिलिपी की महत्ती आवश्यकता रहेगी।

By Udaipurviews

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