उदयपुर। राष्ट्रीय स्वंयसेवक संघ की ओर से हर पांच साल में आयोजित होने वाला “अखिल भारतीय ग्राम विकास-प्रभात ग्राम मिलन” कार्यक्रम इस बार डूंगरपुर जिले के भेमई गांव में 24 से 26 फरवरी तक आयोजित होगा। इस कार्यक्रम के पहले दिन राष्ट्रीय स्वंयसेवक संघ के सरसंघचालक डाॅ मोहन भागवत भी शामिल होंगे।
संघ के चितौड़ प्रांत के डूंगरपुर जिले के ग्राम भेमई में आयोजित होने वाले इस कार्यक्रम की सभी तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। चित्तौड़ प्रान्त प्रचार प्रमुख राजेद्र लालवानी के मुताबिक समाज की सज्जन शक्ति व स्वयंसेवको द्वारा संचालित गतिविधि के अंतर्गत ग्राम विकास द्वारा प्रभात ग्राम मिलन कार्यक्रम में प्रभात ग्राम (आदर्श ग्राम) एवं केन्द्र से ग्राम संकुल एवं परिसर विकास के स्थान से दो-दो कार्यकर्ता भाग लेंगे।
प्रभात ग्राम मिलन का उद्घाटन जनजाति समाज के ख्यातनाम संत डॉ. दलसुखदास (संजेली धाम) करेंगे। कार्यक्रम में उदय प्रभात ग्राम, वार्षिक योजना पर विभिन्न विषयों पर चर्चा होगी।
भागवत आदिवासियों के तीर्थ बेणेश्वर धाम भी जाएंगे
इस कार्यक्रम में भाग लेने के लिए 24 फरवरी को प्रातः सरसंघ चालक उदयपुर के महाराणा प्रताप हवाई अड्डे पर आएंगे, जहां से वह आदिवासियों के प्रयागराज एवं प्रमुख तीर्थ बेणेश्वर धाम पर वाल्मीकि मंदिर में पूजा अर्चना करने के बाद आदिवासी समाज के लोगों से मुलाकात करेंगे। दोपहर में देव दर्शन एवं महंत अच्युतानंद से भेंट करने के बाद भेमई के लिए प्रस्थान करेंगे। जहां उसी शाम “ग्राम विकास बैठक” में भाग लेंगे। अगले दिन ग्राम सभा को संबोधन करने के बाद वह सागवाड़ा जिले के स्वयंसेवकों से मिलेंगे। जिसके बाद उदयपर रवाना हो जाएंगे।
भेमई गांव आरएसएस के लिहाज से खास, महाभारत काल में भीम आए थे यहां
आरएसएस के सरसंघचालक डॉ. मोहन भागवत पहली बार डूंगरपुर के भेमई गांव आएंगे। भेमई गांव आरएसएस के लिहाज से कई मायनों में खास है। 200 परिवार की आबादी वाला इस गांव के कई लोग आरएसएस से जुड़े हैं। महाभारत काल में भीम यहां आए थे, इसलिए इस गांव का नाम भेमई पड़ा। गांव की एक और बड़ी खासियत है कि आधे से ज्यादा घरों में गोबर गैस से रसोई बनती है। अधिकतर घरों में पशुपालन होता है और उनमें गाय प्रमुखता से पाली जाती है। कई खासियतों की वजह से आरएसएस की ओर से इसे आदर्श ग्राम बनाया है।
