उदयपुर। राजस्थान विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष और राजस्थान में भाजपा के कद्दावर नेता रहे उदयपुर के गुलाबचंद कटारिया ने बुधवार को असम के राज्यपाल बन गए। असम के मुख्य न्यायाधीश संदीप मेहता ने उनको शपथ दिलवाई। इस दौरान असम के मुख्यमंत्री डॉ. हिमंत बिस्वा, राजस्थान भाजपा के प्रदेशाध्यक्ष डॉ. सतीश पूनिया, राज्य विधानसभा में उप नेता प्रतिपक्ष राजेंद्र राठौड़ सहित भाजपा प्रदेश के कई नेता मौजूद थे। उदयपुर से भी कटारिया के निकटवर्ती तथा परिजनों ने भी शपथ ग्रहण समारेाह में भाग लिया। मंगलवार को ही कटारिया पत्नी अनिता के साथ उदयपुर से गोवाहाटी के लिए स्टेट विमान से रवाना हुए थे।
बताया गया कि गोवाहाटी पहुंचने पर कटारिया का रेड कार्पेट वेलकम किया गया। इस दौरान असम के प्रमुख राजनेता, नौकरशाह, सेना तथा पुलिस के आला अधिकारी मौजूद थे। कटारिया के शपथ ग्रहण समारोह में उदयपुर सहित प्रदेश तथा अन्य राज्यों से 500 से अधिक जनप्रतिनिधि, बिजनेसमैन तथा समाजजन असम पहुंचे थे।
उल्लेखनीय है कि 12 फरवरी को राष्ट्रपति भवन से गुलाबचंद कटारिया को असम का राज्यपाल नियुक्त किए जाने के आदेश जारी हुए थे। जिसके बाद कटारिया ने राज्य विधानसभा तथा भाजपा के सभी पदों से इस्तीफा दे दिया।
कटारिया ने किए माता कामाख्या के दर्शन
राज्यपाल बनने के बाद गुलाबचंद कटारिया पत्नी अनिता के साथ कामाख्या माता के दर्शन करने पहुंचे। जहां उनका मंदिर मंडल की ओर से स्वागत किया गया। ं
राजसमंद के देलवाड़ा में जन्मे कटारिया उदयपुर शहर से बनने वाले पांचवें राज्यपाल
राजसमंद जिले के देलवाड़ा गांव में जन्मे गुलाबचंद कटारिया उदयपुर शहर से राज्यपाल बनने वाले पांचवें शख्शियत हैं। कटारिया जब युवा हुए तब वह जनसंघ के तात्कालिक नेता सुंदर सिंह भंडारी के संपर्क में आए और तब से ही राजनीति से जुड़ गए। इस बीच वह एक बार सांसद तथा आठ बार विधायक बने। उदयपुर से लगातार तीस साल से विधायक रहने का उनका रिकार्ड कायम है।
