उदयपुर। देश की सबसे बड़ी इंजीनियरिंग प्रवेश परीक्षा जेईई मेन के जनवरी सेशन का रिजल्ट मंगलवार को जारी हो गया। इस परीक्षा में देशभर में से 100 पर्सेन्टाइल हासिल करने वाले 20 स्टूडेंट्स में से एक उदयपुर का अपूर्व सामोता भी है।
शहर के एमडीएस स्कूल में 12वीं कक्षा का विद्यार्थी अपूर्व का कहना है कि उसे सौ पर्सेन्टाइल की उम्मीद तो नहीं थी, लेकिन उसे पता था कि वह टॉप 100 में आ सकता है। अशोकनगर में रहने वाले अपूर्व ने अपनी सफलता का श्रेय अपने पिता अजय सामोता और मां अनिता को दिया है। उसके पिता यहां सिक्योर मीटर में एक्जीक्यूटिव हैं, जबकि मां सरकारी स्कूल में लेक्चरर। अपर्वू का अपनी सफलता को लेकर कहना है कि मेहनत के साथ खुद की परफोर्मेंस पर कॉन्फिडेंस रखना चाहिए। दूसरे के अच्छे मार्क्स देकर कभी दुखी नहीं होना चाहिए। वह कोचिंग में जो भी होमवर्क मिलता, उसे उसी दिन पूरा करता। रेगुलर टेस्ट पर विशेष फोकस रखता और जो भी कमी दिखती उसे एनालाइज कर उसे सोल्व करने में जुट जाता।
इंटरनेट मीडिया से रहता था दूर, टीचर के पास आठ महीने से है उसका फोन
अपूर्व ने बताया कि वह कभी कभार यू—टयूब देखता था। जब उसे लगा कि इससे समय बिगड़ता है तो और परफारमेंन्स बिगड़ने ली तो उसने खुद का फोन अपने टीचर को दे दिया था। पिछले आठ महीने से उसका फोन उसके टीचर के यहां ही जमा है। वह सुबह 8 से दोपहर 1 बजे तक कोचिंग जाता और उसके बाद दोपहर 3 बजे से 7 बजे तक कोचिंग का होमवर्क करता। डिनर करने के बाद रात 10 बजे से 1 बजे तक रिवीजन करता था।
10वीं में 98.6 अंक किए थे हासिल
अपूर्व ने 10 वीं कक्षा में 98.6 अंक प्राप्त किए थे। नेशनल टेलेंट सर्च एग्जामिनेशन स्टेज-1 में वह राजस्थान टॉपर बना था। स्टे-2 पास करने पर उसे एनसीईआरटी से स्कॉलरशिप मिल रही है। उसने किशोर वैज्ञानिक प्रोत्साहन योजना में भी सफलता प्राप्त की थी। अभी उनका फोकस 12वीं बोर्ड एग्जाम पर है।
जेईई मैन में सौ पर्सेन्टाइल लाने वाले देश के 20 स्टूडेंट्स में से एक उदयपुर का अपूर्व भी
