सामुदायिक कार्य, कौशल व रोजगार मूलक शिक्षा विद्यापीठ की विशेष पहचान-प्रो सारंदेवोत

विद्यापीठ – 15वां दीक्षांत समारोह सम्पन्न
-पद्मश्री डॉ. सुधीर एम. पारिख को डी.लिट की उपाधि से नवाजा
 -कठोर परिश्रम और समुदाय सेवा ही सफलता मूल मंत्र – डॉ पारिख़
*-सेवा और शिक्षा से ही बनेगी प्रगति और परम्परा की नई परिभाषा-भरतभाई
– विद्यापीठ और अमेरिकी विश्वविद्यालयों में होंगे एक्सचेंज प्रोग्राम।
-सामुदायिक सेवा के तहत विद्यापीठ के साझे में अमरीकी सर्जन्स करेंगे निशुल्क ऑॅपरेशन्स।

उदयपुर 07 फरवरी /विद्यापीठ से प्राप्त डी लिट की उपाधि मेरे जीवन के अब तक मिले सभी सम्मानों में सबसे बड़ी और अहम है क्योंकि यह उपाधि मुझे ऐसे संस्थान से प्राप्त हुई जिसकी नींव ही मानवता, समुदायिक सेवा, पिछड़ों और वंचितों को मुख्यधारा से जोड़ने के विचारों पर टिकी हुई है। यही विचार वास्तविक शिक्षा है जो आज भी वैश्विक संदर्भों में प्रासंगिक है। ये विचार पद्मश्री डॉ. सुधीर एम. पारिख ने शनिवार को जनार्दनराय नागर राजस्थान विद्यापीठ डीम्ड टू बी विश्वविद्यालय के 15 वें विशेष दीक्षांत समारोह के दौरान व्यक्त किए। डॉ. पारिख का चिकित्सका के साथ साथ शिक्षा के क्षेत्र में भी खासा रूझान है और उन्होंने विद्यापीठ और अमेरिका के ख्यातनाम विश्वविद्यालयों के बीच एक्सचेंज प्रोग्राम किए जाएंगे जिसके माध्यम से विद्यार्थियों और शिक्षकों को दोनों देशों की शिक्षा और नवाचारों के अनुभव साझा करने का अवसर मिल पाएगा। पद्मश्री डॉ. पारिख ने युवाओें और विद्यार्थियों से कठोर परिश्रम करने और अपने समुदाय-समाज की सच्चे मन से सेवा का आव्हान किया और कहा कि यही जीवन में सफलता का आधार है।

उन्होने कहा कि प्रति वर्ष अमरीकी डाक्टर्स की टीमें भी यहां आएगी जो मानवसेवा के मददेनजर चिकित्सा कैम्पों के माध्यम से निशुल्क ऑपरेशन भी करेगी। पद्मश्री डॉ. पारिख ने कहा कि वे अमरीकी मिडिया के माध्यम से विद्यापीठ के प्रयासों को पूरे विश्व तक पहुचाने का प्रयास करेंगे। जिससे विद्याापीठ को देश ही पूरे विश्व में पहचान मिल सके।

कुलपति प्रो. एस.एस. सारंगदेवोत ने कुलाधिपति की अनुमति उपरान्त डॉ. सुधीर एम. पारिख की डी लिट उपाधि का वाचन किया तथा डॉ. पारीख उपाधि से अलंकत किया गया। अकेडमिक कौन्सिल, बॉम सदस्य, डीन, डायरेक्टरर्स के प्रोसेशन के साथ शुरू हुए दीक्षान्त समारोह को संबोधित करते हुए कुलपति प्रो. एस.एस. सारंगदेवोत ने कहा कि आज आवश्यकता है कि भारतीय ज्ञान को अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर ऐसे रूप में लाना होगा जिससे विश्वपटल आलोकित हो जाए। प्रो सारंदेवोत ने कहा कि ये जन्नूभाई की दूरदर्शीता की हर परिणाम है कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 की अनुशंासाओं  सामुदायिक कार्य, मल्टीडिसीपलिनरी लर्निंग, कौशल आधारित, रोजगारमूलक शिक्षा की अवधारणाओं विद्यापीठ अपने स्थापना के साथ ही कार्य करना शुरू चूका था।  अब यही विचार विद्यापीठ की विशेष पहचान भी  बन गया है। आने वाले दिनों में वे ही संस्थान चल पायेगी जो क्वालिटी एज्यूकेशन, रिसर्च एवं नवाचार की दिशा में अन्तर्राष्ट्रीय स्तर पर खरे उतर सकेगे, इसी दिशा में आगे भी विद्यापीठ नए आयाम स्थापित करने के लिए निरंतर प्रयासरत है।

दीक्षान्त समारोह के विशिष्ट अतिथि नर्मदा बालघर के संस्थापक भरतभाई मेहता ने कहा कि इस दीक्षान्त समारोह के माध्यम से दोनों देशों के बीच में नए संबंधों की शुरूआत हुई है। जिसका आधार सेवा और शिक्षा है। यही दो वो सशक्त माध्यम है जो वर्तमान और भावी पीढ़ी को एक साथ ला कर प्रगति और परम्परा की नई परिभाषा गढ़ सकते है।

कुलाधिपति प्रो बलवन्तराय जॉनी ने कहा की विश्वविद्यालय को विश्वस्तीय साधन सम्पन्न और सुविधायुक्त बनाने के लिए प्रयासरत है। ऐसे में अमरीकी विश्वविद्यालयों के साथ विद्या के क्षेत्र में जुड़ने के अवसर विद्यापीठ की उन्नति और गौरव को नई उचांईयों पर ले जाएंगे। कुल प्रमुख बी एल गुर्जर, रजिस्ट्रार डॉ. हेमशंकर दाधीच ने भी समारोह को संबोधित किया।
संचालन डॉ. रचना राठौड ने किया।
समारोह से पूर्व अतिथियों द्वारा संस्थान परिसर में लगी संस्थापक जनुभाई की आदमकद प्रतिमा पर पुष्पांजलि अर्पित कर उन्हे नमन किया।

इस मौके पर गुजरात टाइम्स के संपादक दिगन्त भाई सामपुरा, डॉ. हेमशंकर दाधीच,  पीजी डीन प्रो. जीएम मेहता, डॉ. पारस जैन, डॉ. कौशल नागदा,  प्रो. मंजू मांडोत, प्रो. जीवनसिंह खरकवाल, प्रो. सरोज गर्ग, डॉ. हेमेन्द्र चौधरी, डॉ. कला मुणेत, डॉ. युवराज सिंह, डॉ. भवानी पाल सिंह राठौड, डॉ. धमेन्द्र राजौरा, डॉ. दिलीप सिंह चौहान, सुभाष बोहरा, डॉ रचना राठौड, डॉ बलिदान जैन, डॉ. राजन सूद, डॉ अमी राठौड, डॉ सुनीता मुर्डिया, डॉ अपर्णा श्रीवास्तव, डॉ. मनीष श्रीमाली, डॉ. लीली जैन, डॉ. नीरू राठौड, डॉ. शिल्पा कंठालिया, डॉ. प्रेरणा भाटी, डॉ. मधू मुर्डिया, डॉ. गुणबाला आमेटा, डॉ. हरीश शर्मा,  डॉ. सपना श्रीमाली, डॉ. संतोष लाम्बा, डॉ. अलख नंदा, डॉ. प्रकाश शर्मा, डॉ. बबीता रसीद सहित विश्वविद्यालय डीन डायरेक्टर्स, अकादमिक और संकाय सदस्यों के साथ शहर के गणमान्य नागरिक उपस्थित थे।

By Udaipurviews

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