विद्यार्थियों की कलाकृतियों को देख अभिभूत हुए अतिथि कहा-अतुल्य है हर एक कलाकृति
उदयपुर, 6 फरवरी। सांस्कृतिक स्रोत एवं प्रशिक्षण केंद्र के क्षेत्रीय केंद्र उदयपुर द्वारा बड़गांव ब्लॉक के राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय, वरड़ा में ‘एक भारत, श्रेष्ठ भारत’ थीम पर विद्यार्थियों के लिए आयोजित हुआ पांच दिवसीय ‘अमृत शिविर’ विभिन्न गतिविधियों के साथ सोमवार को संपन्न हुआ।
समापन समारोह की मुख्य अतिथि समाजसेवी श्रद्धा मुर्डिया थी जबकि बतौर विशिष्ट अतिथि ख्यातनाम आर्किटेक्ट सुनील लड्ढा, उपसरपंच निर्भयसिंह देवड़ा, सीसीआरटी के सुनील भंडारी, प्रधानाचार्य मनोहरलाल सुथार मंचासीन थे। कार्यक्रम की अध्यक्षता सीसीआरटी के परामर्शक ओमप्रकाश शर्मा ने की।
प्रतिभा तराशने में शिक्षकों की भूमिका महत्वपूर्ण:
अपने संबोधन में श्रद्धा मुर्डिया ने कहा कि विद्यार्थियों में छिपी प्रतिभाओं को तराशने में शिक्षकों की महत्वपूर्ण भूमिका होती है, इस प्रकार की गतिविधियों से विद्यार्थियों को मंच मिलता है। उन्होंने विद्यार्थियों को इसी प्रकार से प्रोत्साहित करते हुए कॅरियर बनाने की दिशा में भी प्रयास करने की जरूरत बताई। आर्किटेक्ट सुनील लड्ढा ने शिक्षकों से आह्वान किया कि वे कच्ची माटी के लोंदों के स्वरूप वाले विद्यार्थियों को कुम्हार की भांति विविध कलाओं के माध्यम से आकर्षक व्यक्तित्व तैयार करें। उन्होंने कहा कि इस दिशा में उचित माहौल तैयार करने के लिए जनप्रतिनिधियों और कलाधर्मी शिक्षकों को आगे आना होगा। अपने संबोधन में उपसरपंच निर्भयसिंह देवड़ा ने विद्यालय की इस अनूठी गतिविधि की तारीफ की और ग्राम पंचायत की तरफ से विद्यालय विकास के लिए हरसंभव प्रयास करने की बात कही। अध्यक्षीय उद्बोधन में सीसीआरटी परामर्शक ओमप्रकाश शर्मा ने विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास के लिए कला, संगीत, साहित्य आदि गतिविधियों की जरूरत बताई और एक भारत, श्रेष्ठ भारत अवधारणा पर मांडणा, बांधनी शिल्प, पेपर क्राफ्ट (काईट), नृत्य एवं मुकाभिनय गतिविधियों के आयोजन की सराहना की। कार्यक्रम को प्रधानाचार्य मनोहरलाल सुथार ने भी संबोधित किया। इस दौरान युवा ब्लॉगर मनीष कोठारी, ऋतु चांदनानी, मंजू सनाढ्य, अंजू धोबी, श्वेता पालीवाल, सुनील कोठारी आदि मौजूद रहे। कार्यक्रम का संचालन संगीता चौधरी ने किया जबकि आभार प्रदर्शन की रस्म सृजनधर्मी शिक्षक हेमंत जोशी ने अदा की।
प्रदर्शनी में दिखी अद्भुत कलाएं:
इस मौके पर पांच दिवसीय शिविर दौरान विद्यार्थियों द्वारा सृजित कलाकृतियों का प्रदर्शन भी किया गया। विद्यार्थियों द्वारा तैयार की गई मांडणे के विविध रूपों वाली पेंटिंग्स के साथ-साथ भांति-भांति की छोटी-बड़ी पतंगों को देखकर अतिथियों ने आश्चर्य व्यक्त किया। अतिथियों ने कहा कि विद्यार्थियों की अद्भुत सृजनात्मक प्रतिभाओं को देखकर हर कोई सम्मोहित हो सकता है। इस दौरान विद्यार्थियों द्वारा तैयार बंधेज कला के नमूनों के साथ शिविर में सीखा गया घूमर नृत्य और स्वच्छ भारत अभियान पर मूकाभिनय आकर्षण का केन्द्र रहा। सृजनधर्मी शिक्षक हेमंत जोशी के संयोजन में आयोजित शिविर में चित्रकला विशेषज्ञ डॉ. चित्रसेन व नीलोफर मुनीर, डॉ. रमेश नागदा, सिराज्जुद्दीन, ओम कुमावत, सुनील टांक व सुनील परिहार ने विद्यार्थियों को प्रशिक्षण दिया।
श्रेष्ठ 14 विद्यार्थियों को दिल्ली घूमने का मिलेगा मौका:
शिविर संयोजक हेमंत जोशी ने बताया कि इस शिविर के तहत श्रेष्ठ प्रदर्शन करने वाले चयनित श्रेष्ठ 14 विद्यार्थियों को सीसीआरटी की तरफ से नई दिल्ली का शैक्षणिक भ्रमण करवाया जाएगा।
सीसीआरटी का पांच दिवसीय ‘अमृत शिविर’ संपन्न
