गीतांजलि विश्वविद्यालय में राज्य स्तरीय नर्सिंग सम्मेलन आयोजित, 1000 से अधिक प्रतिभागी शामिल

उदयपुर व्यूज़ | ताजा खबरें
राजस्थान विधानसभा अध्यक्ष वासुदेव देवनानी रहे मुख्य अतिथि, पूर्व नेता प्रतिपक्ष राजेंद्र राठौड़ ने की शिरकत
नर्सिंग शिक्षा एवं आधुनिकीकरण के लिए INC की पहली पसंद बना गीतांजलि विश्वविद्यालय
प्रदेशभर से 1000 से अधिक प्रतिभागियों एवं 150 से अधिक नर्सिंग कॉलेजों के प्राचार्यों की रही भागीदारी

उदयपुर, 31 अक्टूबर। ट्रेंड नर्सेज एसोसिएशन ऑफ इंडिया (TNAI) की राजस्थान राज्य शाखा एवं गीतांजलि विश्वविद्यालय, उदयपुर के संयुक्त तत्वावधान में शनिवार को गीतांजलि विश्वविद्यालय परिसर स्थित स्व. श्रीमती नर्मदा देवी अग्रवाल ऑडिटोरियम में राज्य स्तरीय नर्सिंग सम्मेलन का आयोजन किया गया। सम्मेलन का विषय ‘इमर्जिंग इंटेलिजेंस एंड डिजिटल हेल्थ: रीडिजाइनिंग नर्सिंग थ्रू टेक्नोलॉजी, रिसर्च एंड इनोवेशन’ रहा। इसमें नर्सिंग शिक्षा, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, डिजिटल हेल्थ, अनुसंधान एवं स्वास्थ्य सेवाओं में नवाचार की बढ़ती भूमिका पर विचार-विमर्श किया गया।
इस संयुक्त आयोजन के लिए गीतांजलि विश्वविद्यालय का चयन नर्सिंग सेवाओं के विकास एवं आधुनिकीकरण के क्षेत्र में उसकी उत्कृष्ट पहचान के कारण किया गया। विश्वविद्यालय को इंडियन नर्सिंग काउंसिल (INC) के प्रतिनिधियों की पहली पसंद माना गया। उत्तर भारत में शिक्षा, अनुसंधान, आधुनिक स्वास्थ्य सुविधाओं एवं डिजिटल तकनीक के क्षेत्र में विश्वविद्यालय की विशिष्ट पहचान भी इसके चयन का प्रमुख आधार रही।
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि राजस्थान विधानसभा अध्यक्ष श्री वासुदेव देवनानी रहे, जबकि राजस्थान के पूर्व नेता प्रतिपक्ष श्री राजेंद्र राठौड़ विशिष्ट अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। इस अवसर पर TNAI राजस्थान राज्य शाखा के अध्यक्ष डॉ. जोगेंद्र शर्मा, गीतांजलि विश्वविद्यालय के चेयरमैन श्री जे.पी. अग्रवाल, वाइस चेयरमैन श्री कपिल अग्रवाल, एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर श्री अंकित अग्रवाल, वाइस चांसलर डॉ. राकेश कुमार व्यास, विश्वविद्यालय के रजिस्ट्रार डॉ. अरविंद कुमार यादव, गीतांजलि कॉलेज एंड स्कूल ऑफ नर्सिंग के डीन डॉ. विजय अजमेरा सहित नर्सिंग विशेषज्ञ एवं गणमान्य अतिथि उपस्थित रहे।
मुख्य अतिथि श्री वासुदेव देवनानी ने अपने संबोधन में कहा कि समय के साथ नर्सिंग का स्वरूप व्यापक हुआ है। आज नर्सें मरीजों की देखभाल के साथ स्वास्थ्य शिक्षा, जागरूकता, अनुसंधान और तकनीकी नवाचार में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं। उन्होंने नर्सिंग में उच्च शिक्षा, कौशल विकास और निरंतर प्रशिक्षण पर जोर देते हुए कहा कि नर्सें स्वास्थ्य सेवाओं की रीढ़ हैं। भारत, विशेषकर राजस्थान की नर्सें अपनी दक्षता, सेवाभाव और कार्यकुशलता के दम पर विदेशों में भी विशिष्ट पहचान बना रही हैं।
विशिष्ट अतिथि श्री राजेंद्र राठौड़ ने नर्सिंग सेवाओं के विकास का उल्लेख करते हुए कहा कि चिकित्सा विज्ञान में प्रगति के बावजूद मरीजों के प्रति संवेदना, समर्पण और मानवीय स्पर्श का महत्व सर्वोपरि है। उन्होंने नर्सिंगकर्मियों की सेवा भावना की सराहना करते हुए कहा कि कठिन परिस्थितियों में भी मरीजों के साथ खड़े रहकर वे स्वास्थ्य सेवाओं को मानवीय आधार प्रदान करते हैं।
गीतांजलि विश्वविद्यालय के चेयरमैन श्री जे.पी. अग्रवाल ने कहा कि नर्सिंग के बिना स्वास्थ्य सेवाओं की कल्पना अधूरी है। उन्होंने कोरोना महामारी के दौरान नर्सिंगकर्मियों के साहस, अनुशासन और समर्पण की सराहना करते हुए उनके योगदान को प्रेरणादायी बताया। उन्होंने कहा कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और डिजिटल तकनीक के बढ़ते उपयोग के बावजूद नर्सिंग की वास्तविक शक्ति मानवीय संवेदनशीलता और सेवाभाव में निहित है। उन्होंने नर्सिंगकर्मियों को अपने स्वास्थ्य और परिवार का ध्यान रखते हुए कार्यक्षेत्र में उत्कृष्टता बनाए रखने के लिए प्रेरित किया। साथ ही, उन्होंने कहा कि भारतीय नर्सें अपनी योग्यता, मेहनत और सेवाभाव से विश्वभर में विशिष्ट पहचान बना रही हैं।
TNAI राजस्थान राज्य शाखा के अध्यक्ष डॉ. जोगेंद्र शर्मा ने अतिथियों का स्वागत करते हुए नर्सिंग समुदाय के योगदान, कोरोना काल की सेवाओं तथा नर्सिंग शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए संचालित सतत नर्सिंग शिक्षा (INC) मॉड्यूल और संगठन द्वारा आयोजित लगभग 60 वेबिनारों की जानकारी दी। उन्होंने नर्सिंगकर्मियों को नवीन तकनीकों एवं ज्ञान से निरंतर जोड़ने पर जोर दिया। सम्मेलन में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, डिजिटल हेल्थ, नर्सिंग अनुसंधान और तकनीक आधारित मरीज देखभाल पर चर्चा हुई। विशेषज्ञों ने आधुनिक तकनीक के साथ मानवीय संवेदनशीलता को बेहतर नर्सिंग सेवाओं का आधार बताया।
सम्मेलन में प्रदेशभर से 1000 से अधिक प्रतिभागियों तथा 150 से अधिक नर्सिंग कॉलेजों के प्राचार्यों ने भाग लिया। इस व्यापक सहभागिता ने नर्सिंग शिक्षा, अनुसंधान एवं व्यावसायिक विकास के क्षेत्र में आपसी सहयोग और ज्ञान के आदान-प्रदान को महत्वपूर्ण मंच प्रदान किया।
सम्मेलन के दौरान नर्सिंग फैकल्टी एवं विद्यार्थियों द्वारा कुल 52 शोध पत्र प्रस्तुत किए गए, जबकि 19 शोध पत्रों के पोस्टर भी प्रदर्शित किए गए। इससे नर्सिंग क्षेत्र में अनुसंधान, नवाचार एवं अकादमिक गतिविधियों को बढ़ावा मिला।
गीतांजलि विश्वविद्यालय के सहयोग से आयोजित इस राज्य स्तरीय सम्मेलन ने आधुनिक नर्सिंग शिक्षा, डिजिटल तकनीक और अनुसंधान को एक साझा मंच पर लाते हुए भविष्य की स्वास्थ्य सेवाओं में नर्सिंग की महत्वपूर्ण भूमिका को रेखांकित किया।
By Udaipurviews

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