बेगूं क्षेत्र में खेत की तारबंदी में फंसा मिला पैंथर, मेडिकल बोर्ड की मौजूदगी में पोस्टमार्टम के बाद किया अंतिम संस्कार
चित्तौड़गढ़, 25 अक्टूबर। जिले के बेगूं क्षेत्र में ग्राम नाथूराम जी का खेड़ा में एक पैंथर खेत की तारबंदी में फंसा हुआ मिला। सूचना मिलने पर वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची तथा पैंथर के रेस्क्यू के लिए उच्चाधिकारियों एवं उड़न दस्ते को सूचित किया गया। हालांकि, रेस्क्यू दल के पहुंचने से पहले ही पैंथर की मृत्यु हो गई।
उपवन संरक्षक केतन कुमार ने बताया कि क्षेत्रीय वन अधिकारी बेगूं मोहम्मद इस्माइल शेख की सूचना के अनुसार, रविवार सुबह लगभग 9:06 बजे ग्रामीण गोविंद बंजारा ने दूरभाष पर सूचना दी कि नाथूराम जी का खेड़ा निवासी देवी सिंह राजपूत के खेत में लगी तारबंदी में एक पैंथर फंसा हुआ है। सूचना पर वन विभाग का नाका स्टाफ मौके पर पहुंचा, जहां लगभग 2 से 3 वर्ष का पैंथर तारबंदी में फंसा मिला। इसकी सूचना चित्तौड़गढ़ उड़न दस्ते को देकर रेस्क्यू की कार्रवाई के लिए आवश्यक निर्देश मांगे गए। साथ ही उप वन संरक्षक एवं सहायक वन संरक्षक, रावतभाटा को भी सूचित किया गया। घटनास्थल बेगूं एवं मांडलगढ़ रेंज की सीमा पर होने के कारण मांडलगढ़ रेंज का स्टाफ भी मौके पर पहुंचा। रेस्क्यू दल के पहुंचने से पहले ही पैंथर की मृत्यु हो चुकी थी। इसके बाद रेस्क्यू दल ने शव को अपने कब्जे में लेकर बेगूं रेंज कार्यालय पहुंचाया।
मेडिकल बोर्ड ने किया पोस्टमार्टम
मृत पैंथर के पोस्टमार्टम के लिए पशु चिकित्सा विभाग की ओर से मेडिकल बोर्ड गठित किया गया। बोर्ड में डॉ. आरबाड नितिश सदाशिव, डॉ. बुद्धि प्रकाश मीणा एवं डॉ. देवशिन गुर्जर शामिल रहे। मेडिकल बोर्ड ने उपखंड अधिकारी बेगूं एवं पुलिस उपाधीक्षक बेगूं की उपस्थिति में दोपहर 3:45 बजे पोस्टमार्टम की प्रक्रिया प्रारंभ की।
परीक्षण में पैंथर मादा एवं लगभग 2 से 3 वर्ष की आयु का पाया गया। जांच के दौरान उसके सभी अंग, नाखून, दांत, मूंछों के बाल एवं खाल सुरक्षित पाए गए।
अधिकारियों की मौजूदगी में किया देह निस्तारण
पोस्टमार्टम के बाद नियमानुसार लकड़ियों पर दाह संस्कार कर पैंथर के शव का निस्तारण किया गया। इस दौरान उपखंड अधिकारी बेगूं श्री अंकित सामरिया, पुलिस उपाधीक्षक बेगूं श्री अंकित कुड़ी, सहायक वन संरक्षक रावतभाटा सुश्री यशवंत कंवर, क्षेत्रीय वन अधिकारी बेगूं मोहम्मद इस्माइल शेख, मेडिकल बोर्ड के सदस्य तथा वन विभाग के कार्मिक उपस्थित रहे। मौके पर तैयार पंचनामा पढ़कर सुनाया गया, जिसे सही पाए जाने पर उपस्थित अधिकारियों एवं संबंधित सदस्यों ने हस्ताक्षर कर प्रमाणित किया।
