उदयपुर। चिकित्सा क्षेत्र में उदयपुर की पहचान को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर नई मजबूती देते हुए पारस हेल्थ, उदयपुर के डॉ. आशीष सिंघल ने जर्मनी में 16 से 18 अक्टूबर तक आयोजित तेवन दिवसीय एक सेमिनार में ‘बोन लॉस मैनेजमेंट इन टोटल नी रिप्लेसमेंट (ज्ज्ञत्)’ विषय पर व्याख्यान दिया। उन्होंने घुटना प्रत्यारोपण सर्जरी के दौरान हड्डियों की कमी के प्रबंधन, जटिल मामलों में उपचार की चुनौतियों और बेहतर सर्जिकल परिणामों के लिए अपनाई जाने वाली तकनीकों पर अपने विचार प्रस्तुत किए।
घुटना प्रत्यारोपण यानी टोटल नी रिप्लेसमेंट उन मरीजों के लिए महत्वपूर्ण उपचार है, जिन्हें गंभीर गठिया, जोड़ों की क्षति या अन्य समस्याओं के कारण चलने-फिरने में कठिनाई होती है। कई बार लंबे समय से चली आ रही बीमारी, पहले की गई सर्जरी या हड्डियों को अधिक नुकसान पहुंचने के कारण प्रत्यारोपण के दौरान हड्डियों की कमी एक बड़ी चुनौती बन जाती है। ऐसे मामलों में हड्डियों की स्थिति का सटीक आकलन, उचित सर्जिकल योजना और उपयुक्त तकनीक का चयन बेहद महत्वपूर्ण होता है।
13 वर्षाे से सफल घुटना प्रत्यारोपण ओर 2000 से अधिक रोबोटीक सर्जरी कर चुके डॉ. आशीष सिंघल ने अपने व्याख्यान में इस विषय से जुड़े तकनीकी पहलुओं और जटिल परिस्थितियों में हड्डियों की कमी के प्रभावी प्रबंधन के महत्व को रेखांकित किया। इस क्षेत्र में आधुनिक चिकित्सा तकनीकों और विशेषज्ञों के अनुभव का आदान-प्रदान मरीजों को बेहतर उपचार उपलब्ध कराने की दिशा में महत्वपूर्ण माना जाता है।
जर्मनी में आयोजित इस सेमिनार में व्याख्यान देना डॉ. सिंघल की विशेषज्ञता और चिकित्सा क्षेत्र में उनकी सक्रिय भागीदारी को दर्शाता है। उनकी इस सहभागिता से उदयपुर के चिकित्सा जगत को भी अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान मिलने का अवसर मिला है।
जर्मनी में डॉ. आशीष सिंघल ने बढ़ाया उदयपुर का गौरव, टीकेआर सर्जरी में बोन लॉस मैनेजमेंट पर दिया व्याख्यान
