इस बार 100 फीट लंबी ‘सोने की लंका’ बनेगी मुख्य आकर्षण
उदयपुर। झीलों की नगरी उदयपुर में इस बार असत्य पर सत्य और अधर्म पर धर्म की विजय का महान पर्व विजयादशमी बेहद खास और अनूठे अंदाज में मनाया जाएगा। श्री सनातन धर्म सेवा समिति और श्री बिलोचिस्तान पंचायत के संयुक्त तत्वावधान में विगत 78 वर्षों से चली आ रही भव्य परंपरा को निभाते हुए इस वर्ष भी 20 अक्टूबर 2026, मंगलवार को 78वां विजयादशमी महोत्सव अत्यंत धूमधाम और भव्यता के साथ आयोजित होने जा रहा है। शहर के शक्तिनगर स्थित श्री सनातन धर्म मंदिर परिसर से निकलने वाली विशाल एवं मनमोहक शोभायात्रा इस बार भी शहरवासियों के आकर्षण का केंद्र रहेगी। इस महत्वपूर्ण आयोजन की तैयारियों को लेकर शक्ति नगर स्थित सनातन धर्म मंदिर में समिति और पंचायत के सदस्यों की एक बैठक भी संपन्न हुई है।
17 अक्टूबर को गांधी ग्राउंड पहुँचेंगे रावण परिवार के पुतले
महोत्सव की पूर्व तैयारियों के तहत 17 अक्टूबर (शनिवार) को रावण, मेघनाथ और कुंभकरण के विशाल पुतलों को शक्तिनगर स्थित श्री बिलोचिस्तान भवन परिसर से गांधी ग्राउंड ले जाया जाएगा। आयोजन समिति के अनुसार पुतलों को ट्रैक्टरों, ऊंट गाड़ियों और विशेष वाहनों के साथ सुरक्षित ग्राउंड तक पहुँचाने की व्यवस्था की गई है।
धार्मिक अनुष्ठानों से होगा शुभारंभ
महासचिव विजय आहुजा ने बताया कि परंपरा के अनुरूप महोत्सव का आगाज चली आई परंपरा में शक्ति नगर स्थित सनातन मंदिर में सुबह 9 बजे से समाज के नवजात शिशुओं के बाल मुंडन संस्कार से होगा। इसके बाद दोपहर 3 बजे शक्तिनगर स्थित श्री सनातन धर्म मंदिर में भगवान श्री रामचंद्र जी, श्री लक्ष्मण जी एवं भगवान श्री शिवजी का विधिवत पूजन-अर्चन संपन्न किया जाएगा।
शोभायात्रा और सांस्कृतिक रंगारंग कार्यक्रम
पंचायत उपाध्यक्ष जितेंद्र तलरेजा ने बताया कि शाम का माहौल धार्मिक उल्लास और सांस्कृतिक रंगों से सराबोर होगा। दोपहर 3:30 बजे सनातन धर्म मंदिर से भव्य शोभायात्रा का शुभारंभ होगा, जो शहर के प्रमुख मार्गों से होती हुई सायं 5:30 बजे महाराणा भूपाल स्टेडियम पहुंचेगी। इस शोभायात्रा को और अधिक दर्शनीय बनाने के लिए शहर के विभिन्न समाजों और धर्मप्रेमी संगठनों द्वारा भगवान श्रीराम की झांकी समेत कई आकर्षक एवं जीवंत झांकियों का प्रदर्शन किया जाएगा। समिति द्वारा झांकियों के प्रति उत्साह बढ़ाने के लिए उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले मंडलों को प्रथम, द्वितीय और सांत्वना पुरस्कार देकर विशेष रूप से सम्मानित भी किया जाएगा।
स्टेडियम में भव्य समागम और आतिशबाजी
पंचायत उपाध्यक्ष गुरुमुख कस्तूरी ने बताया कि स्टेडियम में शोभायात्रा के प्रवेश और परिक्रमा के बाद संध्याकाल में भक्ति और शौर्य का अद्भुत समागम देखने को मिलेगा। संध्या 6:30 बजे से सांस्कृतिक कार्यक्रमों की शुरुआत होगी और भव्य आतिशबाजी से आसमान सतरंगी रोशनियों से नहा उठेगा। इसके बाद 7:00 बजे लंका दहन और 7:15 बजे रावण, मेघनाथ व कुंभकरण के गगनचुंबी पुतलों का अग्निबाण चलाकर दहन किया जाएगा।
विशेष आकर्षण: 100 फीट लंबी सोने की लंका
इस बार आयोजन का आकर्षण और भी बढ़ गया है। रावण का पुतला करीब 70 फीट, जबकि मेघनाथ और कुंभकरण 65 फीट ऊँचे होंगे। वहीं 100 फीट लंबी सोने की लंका का निर्माण विशेष तकनीकी से मथुरा से आए शाकिर अली और उनकी टीम कर रही है। यह भव्य नजारा दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर देगा।
विशिष्ट अतिथियों की गरिमायी उपस्थिति
परम श्रद्धेय श्री शैलेश कुमार जी बृजवानी (गुरु जी) के पावन सान्निध्य में भगवान श्रीराम के स्वरूप का विजय तिलक किया जाएगा। कार्यक्रम में विशेष आमंत्रित वरिष्ठ उद्योगपति श्री सलिल सिंघल जी, वरिष्ठ उद्योगपति श्री अरविंद सिंघल जी तथा वरिष्ठ समाजसेवी श्री भीमनदास तलरेजा जी की गरिमापूर्ण उपस्थिति रहेगी।
इसके साथ ही समारोह की शोभा बढ़ाने के लिए सांसद मन्नालाल रावत, सांसद चुन्नीलाल गरासिया, विधायक ताराचंद जैन, विधायक फूल सिंह मीणा, महापौर पारस सिंघवी, जिलाध्यक्ष गजपाल सिंह राठौड़, जिलाध्यक्ष फतेहसिंह राठौड़, दिनेश भट्ट, और डॉ. अरविंदर सिंह सहित कई गणमान्य जनप्रतिनिधि एवं समाज-श्रेष्ठिजन विशिष्ट अतिथियों के रूप में शिरकत करेंगे।
सफल आयोजन के लिए जुटे कार्यकर्ता
पंचायत अध्यक्ष नानकराम कस्तूरी ने बताया कि महोत्सव की सफलता सुनिश्चित करने के लिए अलग-अलग कार्यभार सदस्यों को सौंप दिए गए हैं। इस भव्य कार्यक्रम को ऐतिहासिक और सफल बनाने के लिए 100 से अधिक कार्यकर्ता प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से पूरी निष्ठा और तन-मन से जुटे हुए हैं। आयोजन की व्यवस्थाओं को सुचारू रूप से संचालित करने में नानकराम कस्तूरी, विजय आहुजा, नरेंद्र कथूरिया, होलाराम छोड़ा, कमल सोनू तलरेजा, मुकेश गखरेजा, प्रकाश बुधराज, हरीश भाटिया और मनीष डेम्बला सहित कई प्रबुद्ध पदाधिकारी व कार्यकर्ता निरंतर अपनी सेवाएं दे रहे हैं।
सर्व समाज से विशेष अपील एवं सूचना
पंचायत उपाध्यक्ष रमेश तलदार ने बताया कि सुरक्षा और सुगम व्यवस्था बनाए रखने के लिए शोभायात्रा के आने के बाद मैदान में प्रवेश के बाद मुख्य द्वार बंद कर दिए जाएंगे। समिति ने समस्त धर्मप्रेमी जनता से परिवार सहित पधारकर इस अलौकिक उत्सव का आनंद लेने का भावभीना निमंत्रण दिया है।
