प्रतापगढ़, 3 अक्टूबर। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा की उपस्थिति में शनिवार को जयपुर के यूनिवर्सिटी कॉमर्स कॉलेज में आयोजित नारी शक्ति सम्मेलन एवं संवाद कार्यक्रम से प्रतापगढ़ जिला भी वर्चुअल माध्यम से जुड़ा। जिला स्तरीय कार्यक्रम राजकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय के ऑडिटोरियम में आयोजित हुआ, जिसमें संबंधित विभागों के जिला स्तरीय अधिकारी-कर्मचारी तथा राजीविका से जुड़ी महिलाएं व अन्य महिलाएं उपस्थित रहीं।
प्रदेश के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी कहते हैं कि माताएं, बहनें और बेटियां आज हर क्षेत्र में अपनी अद्भुत प्रतिभा और कौशल से मां भारती का गौरव बढ़ा रही हैं। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री ने पिछले 12 वर्षों में महिला सशक्तीकरण की दिशा में नई सोच और संकल्प के साथ अनेक महत्वपूर्ण कदम उठाए हैं। इसी कड़ी में बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ योजना, प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना, स्वच्छ भारत मिशन और जल जीवन मिशन जैसी योजनाओं ने महिलाओं के जीवन को आसान बनाया है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री मुद्रा योजना में महिलाओं को स्वरोजगार के लिए ऋण सुविधा मिल रही है तथा लखपति दीदी योजना ने महिलाओं को आत्मनिर्भर बनने का अवसर दिया है। वहीं, प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना महिलाओं के स्वास्थ्य में अहम भूमिका निभा रही है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री के नेतृत्व में महिलाओं को नेतृत्व का अवसर प्रदान करने के लिए नारी शक्ति वंदन अधिनियम जैसी महत्वपूर्ण पहल की गई।
उन्होंने कहा कि प्रदेश में पिछले पौने तीन साल में महिलाओं के कल्याण के लिए अभूतपूर्व कदम उठाए हैं। प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना की राशि 5 हजार रुपये से बढ़ाकर 6 हजार 500 रुपये की गई है। मा वाउचर योजना के तहत सोनोग्राफी के लिए 5 लाख 74 हजार कूपन जारी किए जा चुके हैं तथा पात्र परिवारों को 450 रुपये में रसोई गैस सिलेंडर उपलब्ध करवा रहे हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि बालिका शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए 13 लाख 85 हजार साइकिलों एवं कालीबाई उच्च शिक्षा स्कूटी योजना एवं देवनारायण छात्रा स्कूटी योजना के तहत लगभग 46 हजार स्कूटियों का वितरण किया गया है। वहीं, मुख्यमंत्री एकल नारी सम्मान पेंशन योजना के तहत करीब 19 लाख पेंशनर्स को 8 हजार 866 करोड़ रुपए की पेंशन राशि दी जा चुकी है। उन्होंने कहा कि लाडो प्रोत्साहन योजना के तहत गरीब परिवारों को बालिकाओं के जन्म पर डेढ़ लाख रुपये का सेविंग बॉण्ड दिया जा रहा है।
उन्होंने कहा कि आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं, सहायिकाओं, शिशु पालना गृह कार्यकर्ताओं और साथिनों के मानदेय में पिछले तीन वर्षों में हर वर्ष 10 प्रतिशत की वृद्धि की गई है। राज्य की 1 करोड़ 22 लाख महिलाओं एवं बालिकाओं को हर माह 12 सैनेटरी नैपकिन निशुल्क दिए जा रहे हैं। वहीं, लखपति दीदी योजना के तहत 26 लाख से अधिक महिलाओं को लखपति दीदी का प्रशिक्षण प्रदान कर लगभग 20 लाख महिलाओं को लखपति दीदी की श्रेणी में लाया जा चुका है।
जिला स्तरीय कार्यक्रम में उपस्थित महिलाओं एवं अधिकारियों ने मुख्यमंत्री श्री शर्मा के संबोधन को वर्चुअल माध्यम से सुना। इस दौरान महिला सशक्तीकरण, स्वरोजगार, शिक्षा, स्वास्थ्य, सामाजिक सुरक्षा तथा स्वयं सहायता समूहों के माध्यम से महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने से संबंधित योजनाओं की जानकारी भी साझा की गई। राजीविका से जुड़ी महिलाओं ने भी कार्यक्रम में सहभागिता की तथा महिला सशक्तीकरण से संबंधित विभिन्न गतिविधियों में भाग लिया।
