उदयपुर। सांसद डॉ मन्नालाल रावत ने यूडीए में सम्मिलित पंचायतों का समुचित विकास करने तथा पंचायतों में पूर्व से निर्मित होमस्टे के विरुद्ध यूडीए द्वारा कार्रवाई नहीं करने का मुद्दा उठाया। साथ ही डॉ रावत ने मार्बल मंडी के लिए जिले में 50 एकड़ से अधिक भूमि आवंटित करने को लेकर भी अपना मुद्दा रखा।
सांसद डॉ रावत ने मंगलवार को हुई जिला विकास समन्वय एवं निगरानी समिति (दिशा) की बैठक में इन मुद्दों को रखा। सांसद डॉ. मन्नालाल रावत ने कहा कि ग्रामीण एवं जनजातीय क्षेत्रों में मूलभूत सुविधाओं के विस्तार पर विशेष ध्यान देने की आवश्यकता है। उन्होंने पेयजल, सड़क, स्वास्थ्य एवं शिक्षा से जुड़े कार्यों में गति लाने तथा योजनाओं की नियमित मॉनिटरिंग करने पर जोर दिया।
डॉ रावत ने कहा कि पेसा कानून के तहत आदिवासियों के अधिकारियों को ध्यान में रखकर यूडीए में सम्मिलित पंचायतों का विकास किया जाए। वंदे गंगा योजना के तहत क्षेत्र की सभी बावड़ियों का विकास, सफाई एवं विरासत को संरक्षित किया जाए। डॉ रावत ने सायरा, देवला, सुलाव, कोटडा, नयागांव व कनबई क्षेत्र में जी राम जी कानून के तहत विशेष आजिविका योजनाएं बनाने की भी बात रखी। स्मार्ट सिटी परियोजना के तहत सिवरेज लीकेज रोकने के लिए अभियान चलाने तथा मार्बल मंडी के लिए जिले में 50 एकड़ से अधिक भूमि आवंटित करने की बात को पुरजोर तरीके से रखा।
डॉ रावत ने धरती आबा जनजाति उन्नत ग्राम अभियान के तहत भारत सरकार द्वारा निर्देशित पोर्टल पर ही परियोजना अपलोड करने, जिले के सभी जलाशयों में पीएम मत्स्य संपदा योजना के तहत मत्स्य पालन का कार्य करवाने, डीएमएफटी के तहत स्कूलों के कक्षा कक्षों का निर्माण के कार्य करवाने तथा वन विभाग के कारण अटकी वनांचल में सड़क, पानी, बिजली एवं आजीविका से संबंधित स्वीकृतियां शीघ्र जारी करने की भी मांग रखी।
डॉ रावत ने नगरीय क्षेत्र में बावरी के जन्मदाता का काम नगर निगम उदयपुर द्वारा करवाने, जिले में स्वदेशी से मिलने का आयोजन करवाने, संसदीय संकुल क्षेत्र में क़ृषि व आजीविका के विशेष कार्य करवाने की बात की। उन्होंने बताया कि जिले के 20 गांवों में भारत सरकार द्वारा सांसद डॉ रावत के प्रयासों से स्वीकृत सीताफल विकास के विशेष परियोजना की जाएगी। उन्होंने कौशल विकास परियोजना के अनुरूप जिले में आरडीटीसी की स्थापना करने एवं रेलमगरा स्थित संस्थान द्वारा प्रशिक्षण कार्य करवाने, शहर के विभिन्न पार्कों का रखरखाव करने तथा गोगुंदा-उबेवरजी- रामपुरा सड़क मार्ग पर गुणवत्ता से कार्य करवाने को भी कहा। उन्होंने रूंदेला तालाब, गीतांजलि के पास की सफाई व सिवरेज ट्रिटमेंट करने तथा डीएमएफटी से जिले में डॉक्टरों के रिक्त पदों को भरने की भी मांग रखी।
सांसद डॉ रावत ने कहा-मार्बल मंडी के लिए जिले में 50 एकड़ से अधिक भूमि आवंटित हो
